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लाट साहब पर कहीं फूल तो कहीं बरसे जूते-चप्पल
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Mar 2017 12:00 AM IST
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लाट साहब
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
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रंग पर्व होली जिले में हर्षोल्लास से मनाया गया। एक दिन पहले से शुरू हुआ रंग होली के दिन दोपहर बाद तक चलता रहा। मुख्य मार्ग से लेकर गली-कूंचों तक में रंगों की फुहार से लोग सराबोर होते रहे। बच्चों और युवाओं के संग बुजुर्गों ने भी रंग खेलकर खुशियां मनाईं। इस बीच परंपरागत ढंग से लाट साहब के जुलूस भी निकाले गए। कड़ी सुरक्षा के बीच निकाले गए लाट साहब के जुलूस में हजारों हुरियारे शामिल हुए। पारंपरिक दोहे और छंदों के साथ युवाओं ने जमकर मौजमस्ती की। नगर में अलग-अलग स्थानों से पांच जुलूस निकले।
बड़े लाट साहब का जुलूस बड़े चौक से निकाला गया। चूंकि सुबह के वक्त मौसम बेहद ठंडा था, सो जुलूस लगभग पौने ग्यारह बजे शुरू किया जा सका। लाट साहब को भैंसा गाड़ी पर कुर्सी पर बैठाकर रस्सियों से बांध दिया गया, ताकि रंगों और पानी की बौछार के कारण वह गिर न पड़ें। हुरियारे लाट साहब का स्वागत-सत्कार झाडू़ और जूता-चप्पलों से कर रहे थे। इस बार खास बात यह भी रही कि किला समेत तमाम स्थानों पर लाट साहब पर फूल बरसाए गए। फूल बरसाने वालों में मुस्लिम भी शामिल रहे। इसकी लोगों ने खूब सराहना की।
जिन-जिन स्थानों को संवेदनशील माना जा रहा था, उन्हीं स्थानों पर आपसी भाईचारा की मिसाल कायम करने की नई परंपरा का प्रशासन और आमजनता ने दिल खोलकर स्वागत किया। पोस्ती पाकड़ क्षेत्र में लाट साहब के ऊपर जूते-चप्पल भी खूब बरसाए गए। इसके बाद पटी गली क्षेत्र में जुलूस के समापन पर जमकर जूते-चप्पल और रंग चला।
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बड़े लाट साहब का जुलूस चौक में मां फूलमती मंदिर में पूजा-अर्चना से शुरू हुआ और चारखंभा, केरूगंज, रोशनगंज, अंटा चौराहा, जेल रोड, सदर बाजार होता हुआ बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचा, जहां लाट साहब ने बाबा के दरबार में मत्था टेका। यहां से फिर से शुरू हुआ जुलूस निशात टाकीज मार्ग, पंखी चौराहा, बहादुरगंज, घंटाघर, कच्चा कटरा, कोतवाली होते हुए सरोदी बंगला चौराहा पहुंचा। यहां एक बार टकराव की स्थिति जबरदस्ती पैदा की गई। जुलूस में शामिल दो-चार शराबी हुड़दंगियों ने अपशब्दों के साथ माहौल को कलुषित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों और क्षेत्रीय एसपीओ की सूझबूझ से यहां टकराव होने से बचा लिया गया।
इसके अलावा सरायंकाइयां, बहादुरगंज लकड़ी मंडी, जलालनगर, खिरनीबाग से भी छोटे लाट साहब के जुलूस शांतिपूर्वक निकाले गए। जुलूसों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसपी केबी सिंह पल-पल की जानकारी लेते रहे, वहीं एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, एएसपी ग्रामीण रमेश भारतीय, सीओ सदर अखिलेश भदौरिया, थाना सदर बाजार प्रभारी गजेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी आरके चौधरी समेत एसपीओ बनाए गए सैयद प्यारे मियां, राजू, नगर पालिका सदस्य तनवीर, लाला, निजाकत, सोनू, सरवर, सलीम, राजेंद्र कटियार, हरनाम कटियार, पंकज वर्मा, अनुपम वर्मा, देवेंद्र सिंह, विश्शन गोयल, दिवाकर मिश्रा आदि का सराहनीय योगदान रहा।
लाट साहब पर फूल बरसाकर डाली नई परंपरा
छोटे-बड़े लाट साहब के जुलूस पर इस बार हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूल बरसाकर नई परंपरा डाली। आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए शुरू हुई इस परंपरा का प्रशासन ही नहीं, आम जनता ने भी स्वागत किया। मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर नई मिसाल कायम की। केवल पोस्ती पाकड़ और पटी गली क्षेत्र में ही लाट साहब पर जूते-चप्पल बरसाए गए, शेष मार्ग पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
किला चौराहा पर मेहंदी खां के नेतृत्व में खूब फूल बरसाए गए। इसी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज के आवास, अंटा चौराहा, सदर बाजार, लाल इमली चौराहा, चौकी अंजान, मशीनरी मार्केट आदि स्थानों पर भी लाट साहब और जुलूस में शामिल हुरियारों पर फूल बरसाए गए। विभिन्न स्थानों पर फूल बरसाने वालों में उवैस हसन खां, मो. नासिर, महेंद्र चावला, मनोज खन्ना, रविंंद्र सिंह, मनीष खन्ना, नीतेश गुप्ता, निकुंज गुप्ता, राजेश गुप्ता, सगीर अहमद अंसारी, डॉ. शब्बन, पवन ग्रोवर, वाजिद खां, बबलू कुरैशी, वाहिद कुरैशी, अवतार सिंह टुटेजा, रूपेश वोहरा, अक्षत गुप्ता वेद प्रकाश गुप्ता, विनोद सर्राफ, विनीत गुप्ता आदि शामिल रहे।
होली की मौजमस्ती में शामिल हुए अंग्रेज
शाहजहांपुर की होली विदेशों तक चर्चित हो चुकी है। यहां निकलने वाले लाट साहब के जुलूस को देखने के लिए दो ब्रिटिश नागरिक एक दिन पहले ही यहां पहुंच गए थे। होली के दिन उन्होंने बड़े और छोटे लाट साहब के जुलूस में शामिल होकर होली का आनंद दिया और जमकर होली भी खेली। सरोदी बंगला क्षेत्र में दोनों अंग्रेज विक्रम सक्सेना के साथ बड़े लाट साहब के जुलूस की वीडियोग्राफी करते रहे और फोटो भी खींचते रहे। उन्होंने अधिकारियों और हुरियारों से गले मिलकर होली का आंनद लिया।
शवयात्रा निकालने के लिए गिड़गिड़ाए लोग
सरोदी बंगला चौराहा (जनता कॉलेज चौराहा) मार्ग सुबह से बंद कर दिए जाने से आम लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मुख्य मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से चार स्थानों पर बैरीकेडिंग कर बंद किया गया था। दोपहर करीब 12 बजे मोहल्ला खलील शर्की से एक शवयात्रा गर्रा मोक्षधाम के लिए उधर से निकलनी थी, लेकिन बैरीकेडिंग के कारण शवयात्रा सरोदी बंगला चौराहे के पास रुक गई। शवयात्रा में शामिल लोगों ने वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से निकलने के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाना शुरू किया। पहले तो उन्हें दूसरे मार्ग से निकलने की सलाह दी गई, लेकिन जब बात नहीं बनी तो बैरीकेेडिंग के बीच से जैसे-तैसे शवयात्रा निकाली गई।
सरोदी बंगला चौराहे पर बिगड़ने से बचा माहौल
पुलिस प्रशासन ने होली पर निकलने वाले छोटे-बड़े लाट साहब के जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। इतना ही नहीं मस्जिदों और मजारों के आसपास, संवेदनशील क्षेत्रों में जबरदस्त बैरीकेडिंग करके पॉलीथिन से ढंक दिया गया था, ताकि कोई खुराफाती धार्मिक स्थलों पर रंग न डाल सके।
सरोदी बंगला चौराहा जो बड़े लाट साहब के जुलूस का अंतिम पड़ाव होता है, वहां इस बार दोहरी सुरक्षा व्यवस्था की गई। सुबह से ही मुख्य मार्ग पर 50-50 मीटर की दूरी पर चार स्थानों पर बल्लियों से बैरीकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया था। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में मुस्लिमों को भी इकट्ठा नहीं होने दिया गया, ताकि उन्हें देखकर कोई हुड़दंगी नारेबाजी न कर बैठे। लाट साहब की सवारी (बैलगाड़ी) मोड़ने वाले स्थान को पॉलीथिन से इतना ढंक दिया गया कि वह गुफा जैसा बन गया।
इसके बावजूद सरोदी बंगला चौराहा पर दो-चार हुड़दंगियों ने माहौल को दूषित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अपशब्दों के माध्यम से अपने को हाईलाइट करने के प्रयास में जुटे नशे में धुत एक वकील की सिंधौली एसओ केके तिवारी से झड़प हो गई। इसके बाद वहां माहौल बिगड़ने लगा। वकील के साथ कुछ क्षेत्रीय और कुछ अन्य हुड़दंगियों ने भी वहां बवाल काटना शुरू कर दिया। उन्हें समझाने में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के पसीने छूट गए। वहां मौजूद मुस्लिम और हिंदू समुदाय के एसपीओ और सुरक्षाकर्मियों ने आपसी सूझबूझ और धैर्य से काम लेते हुए जैसे-तैसे माहौल बिगड़ने से बचाया। हुड़दंगियों की यह नौटंकी करीब आधा घंटा चली।
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बड़े लाट साहब का जुलूस बड़े चौक से निकाला गया। चूंकि सुबह के वक्त मौसम बेहद ठंडा था, सो जुलूस लगभग पौने ग्यारह बजे शुरू किया जा सका। लाट साहब को भैंसा गाड़ी पर कुर्सी पर बैठाकर रस्सियों से बांध दिया गया, ताकि रंगों और पानी की बौछार के कारण वह गिर न पड़ें। हुरियारे लाट साहब का स्वागत-सत्कार झाडू़ और जूता-चप्पलों से कर रहे थे। इस बार खास बात यह भी रही कि किला समेत तमाम स्थानों पर लाट साहब पर फूल बरसाए गए। फूल बरसाने वालों में मुस्लिम भी शामिल रहे। इसकी लोगों ने खूब सराहना की।
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जिन-जिन स्थानों को संवेदनशील माना जा रहा था, उन्हीं स्थानों पर आपसी भाईचारा की मिसाल कायम करने की नई परंपरा का प्रशासन और आमजनता ने दिल खोलकर स्वागत किया। पोस्ती पाकड़ क्षेत्र में लाट साहब के ऊपर जूते-चप्पल भी खूब बरसाए गए। इसके बाद पटी गली क्षेत्र में जुलूस के समापन पर जमकर जूते-चप्पल और रंग चला।
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बड़े लाट साहब का जुलूस चौक में मां फूलमती मंदिर में पूजा-अर्चना से शुरू हुआ और चारखंभा, केरूगंज, रोशनगंज, अंटा चौराहा, जेल रोड, सदर बाजार होता हुआ बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचा, जहां लाट साहब ने बाबा के दरबार में मत्था टेका। यहां से फिर से शुरू हुआ जुलूस निशात टाकीज मार्ग, पंखी चौराहा, बहादुरगंज, घंटाघर, कच्चा कटरा, कोतवाली होते हुए सरोदी बंगला चौराहा पहुंचा। यहां एक बार टकराव की स्थिति जबरदस्ती पैदा की गई। जुलूस में शामिल दो-चार शराबी हुड़दंगियों ने अपशब्दों के साथ माहौल को कलुषित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों और क्षेत्रीय एसपीओ की सूझबूझ से यहां टकराव होने से बचा लिया गया।
इसके अलावा सरायंकाइयां, बहादुरगंज लकड़ी मंडी, जलालनगर, खिरनीबाग से भी छोटे लाट साहब के जुलूस शांतिपूर्वक निकाले गए। जुलूसों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसपी केबी सिंह पल-पल की जानकारी लेते रहे, वहीं एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, एएसपी ग्रामीण रमेश भारतीय, सीओ सदर अखिलेश भदौरिया, थाना सदर बाजार प्रभारी गजेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी आरके चौधरी समेत एसपीओ बनाए गए सैयद प्यारे मियां, राजू, नगर पालिका सदस्य तनवीर, लाला, निजाकत, सोनू, सरवर, सलीम, राजेंद्र कटियार, हरनाम कटियार, पंकज वर्मा, अनुपम वर्मा, देवेंद्र सिंह, विश्शन गोयल, दिवाकर मिश्रा आदि का सराहनीय योगदान रहा।
लाट साहब पर फूल बरसाकर डाली नई परंपरा
छोटे-बड़े लाट साहब के जुलूस पर इस बार हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूल बरसाकर नई परंपरा डाली। आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए शुरू हुई इस परंपरा का प्रशासन ही नहीं, आम जनता ने भी स्वागत किया। मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर नई मिसाल कायम की। केवल पोस्ती पाकड़ और पटी गली क्षेत्र में ही लाट साहब पर जूते-चप्पल बरसाए गए, शेष मार्ग पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
किला चौराहा पर मेहंदी खां के नेतृत्व में खूब फूल बरसाए गए। इसी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज के आवास, अंटा चौराहा, सदर बाजार, लाल इमली चौराहा, चौकी अंजान, मशीनरी मार्केट आदि स्थानों पर भी लाट साहब और जुलूस में शामिल हुरियारों पर फूल बरसाए गए। विभिन्न स्थानों पर फूल बरसाने वालों में उवैस हसन खां, मो. नासिर, महेंद्र चावला, मनोज खन्ना, रविंंद्र सिंह, मनीष खन्ना, नीतेश गुप्ता, निकुंज गुप्ता, राजेश गुप्ता, सगीर अहमद अंसारी, डॉ. शब्बन, पवन ग्रोवर, वाजिद खां, बबलू कुरैशी, वाहिद कुरैशी, अवतार सिंह टुटेजा, रूपेश वोहरा, अक्षत गुप्ता वेद प्रकाश गुप्ता, विनोद सर्राफ, विनीत गुप्ता आदि शामिल रहे।
होली की मौजमस्ती में शामिल हुए अंग्रेज
शाहजहांपुर की होली विदेशों तक चर्चित हो चुकी है। यहां निकलने वाले लाट साहब के जुलूस को देखने के लिए दो ब्रिटिश नागरिक एक दिन पहले ही यहां पहुंच गए थे। होली के दिन उन्होंने बड़े और छोटे लाट साहब के जुलूस में शामिल होकर होली का आनंद दिया और जमकर होली भी खेली। सरोदी बंगला क्षेत्र में दोनों अंग्रेज विक्रम सक्सेना के साथ बड़े लाट साहब के जुलूस की वीडियोग्राफी करते रहे और फोटो भी खींचते रहे। उन्होंने अधिकारियों और हुरियारों से गले मिलकर होली का आंनद लिया।
शवयात्रा निकालने के लिए गिड़गिड़ाए लोग
सरोदी बंगला चौराहा (जनता कॉलेज चौराहा) मार्ग सुबह से बंद कर दिए जाने से आम लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मुख्य मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से चार स्थानों पर बैरीकेडिंग कर बंद किया गया था। दोपहर करीब 12 बजे मोहल्ला खलील शर्की से एक शवयात्रा गर्रा मोक्षधाम के लिए उधर से निकलनी थी, लेकिन बैरीकेडिंग के कारण शवयात्रा सरोदी बंगला चौराहे के पास रुक गई। शवयात्रा में शामिल लोगों ने वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से निकलने के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाना शुरू किया। पहले तो उन्हें दूसरे मार्ग से निकलने की सलाह दी गई, लेकिन जब बात नहीं बनी तो बैरीकेेडिंग के बीच से जैसे-तैसे शवयात्रा निकाली गई।
सरोदी बंगला चौराहे पर बिगड़ने से बचा माहौल
पुलिस प्रशासन ने होली पर निकलने वाले छोटे-बड़े लाट साहब के जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। इतना ही नहीं मस्जिदों और मजारों के आसपास, संवेदनशील क्षेत्रों में जबरदस्त बैरीकेडिंग करके पॉलीथिन से ढंक दिया गया था, ताकि कोई खुराफाती धार्मिक स्थलों पर रंग न डाल सके।
सरोदी बंगला चौराहा जो बड़े लाट साहब के जुलूस का अंतिम पड़ाव होता है, वहां इस बार दोहरी सुरक्षा व्यवस्था की गई। सुबह से ही मुख्य मार्ग पर 50-50 मीटर की दूरी पर चार स्थानों पर बल्लियों से बैरीकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया था। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में मुस्लिमों को भी इकट्ठा नहीं होने दिया गया, ताकि उन्हें देखकर कोई हुड़दंगी नारेबाजी न कर बैठे। लाट साहब की सवारी (बैलगाड़ी) मोड़ने वाले स्थान को पॉलीथिन से इतना ढंक दिया गया कि वह गुफा जैसा बन गया।
इसके बावजूद सरोदी बंगला चौराहा पर दो-चार हुड़दंगियों ने माहौल को दूषित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अपशब्दों के माध्यम से अपने को हाईलाइट करने के प्रयास में जुटे नशे में धुत एक वकील की सिंधौली एसओ केके तिवारी से झड़प हो गई। इसके बाद वहां माहौल बिगड़ने लगा। वकील के साथ कुछ क्षेत्रीय और कुछ अन्य हुड़दंगियों ने भी वहां बवाल काटना शुरू कर दिया। उन्हें समझाने में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के पसीने छूट गए। वहां मौजूद मुस्लिम और हिंदू समुदाय के एसपीओ और सुरक्षाकर्मियों ने आपसी सूझबूझ और धैर्य से काम लेते हुए जैसे-तैसे माहौल बिगड़ने से बचाया। हुड़दंगियों की यह नौटंकी करीब आधा घंटा चली।