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सड़क पर उतरे श्रमिक संगठन और केंद्रीय कर्मी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:06 AM IST
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सड़क पर उतरे श्रमिक संगठन और केंद्रीय कर्मी
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राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस समेत विभिन्न श्रम संगठनों के राष्ट्रीय आह्वान पर केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ बैंक शाखाओं और डाकघरों के कर्मचारी शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। बैंक कर्मचारियों ने इलाहाबाद बैंक की गोविंदगंज शाखा के समक्ष सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। आल इंडिया पोस्टल इंपलाइज यूनियन से जुड़े डाक विभाग के कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर पर प्रदर्शन किया। असंगठित मजदूर यूनियन से जुड़े श्रमिकों और यूपी मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन से संबद्ध दवा प्रतिनिधियों ने जुलूस और रैली निकालकर सरकार को अपना विरोध दर्ज कराया। इस बीच, श्रम संगठनों की मांगों के समर्थन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया।
श्रम कानूनों में संशोधन पर भड़के बैंक कर्मचारी
केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन के इरादे का विरोध करने के लिए जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में कार्यरत कर्मचारी इलाहाबाद बैंक की गोविंदगंज शाखा पर एकजुट हुए। वहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। इस मौके पर हुई सभा में इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के जिला मंत्री मशहूद अहमद खां ने कहा कि संशोधन की आड़ में सरकार श्रम कानूनों को लचर बनाने का प्रयास कर रही है। आल इंडिया बैंक इंपलाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारी नेता शशि भूषण पांडेय, अशोक टंडन, श्याम अवस्थी शिवशंकर सिंह आदि ने सरकार को आगाह किया कि कर्मचारी विरोधी प्रस्ताव पारित करके श्रमिकों का अहित किया गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
खास यह रहा कि प्रदर्शन में जिले की 19 राष्ट्रीयकृत बैंकों समेत सभी 30 बैंकों की 251 शाखाओं में धन की जमा-निकासी का काम पूरी तरह ठप रहा। लीड बैंक अधिकारी वीएम गुप्ता ने भी माना कि बैंक कर्मियों की एक दिवसीय हड़ताल से जिलेक में समाशोधन गृह का काम पूरी तरह बंद रहा। एलबीएम श्री गुप्ता के अनुसार शुक्रवार को जिले की बैंकों में करीब 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
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दवा प्रतिनिधियों की रैली मेें निशाने पर रहा पूंजीवाद
श्रम संगठनों के आह्वान को मान देते हुए यूपी मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन से जुड़े दवा प्रतिनिधियों ने पूंजीवाद को निशाने पर लिया और शहीद उद्यान से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। संगठन के अध्यक्ष आशीष त्रिवेदी के नेतृत्व में हड़ताली दवा प्रतिनिधियों की रैली ने शहर के जिस मार्ग पर भ्रमण किया, वहां जाम की समस्या खड़ी हो गई।
इससे पूर्व, संगठन के सचिव विजय मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता व मनोज अवस्थी, असित मिश्रा आदि ने केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों पर तीखे प्रहार किए। साथ ही श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करके आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षा मित्र, आशा वर्कर, रोजगार सेवक आदि संवर्गों को स्थायी किए जाने की मांग की। रैली में प्रदीप शर्मा, संजय मुखर्जी, बृजेश गुप्ता, सुचित पांडेय, नितिन श्रीवास्तव, अजय त्रिवेदी, पंकज भारद्वाज, मुदित शुक्ला, राजीव शर्मा, वीरेंद्र प्रजापति आदि शामिल रहे।
प्रधान डाकघर के गेट पर गूंजे सरकार विरोधी नारे
ऑल इंडिया पोस्टल इंपलाइज यूनियन ग्रुप सी, पोस्टमैन और एमटीएस यूनियनों से जुड़े विभिन्न संवर्गों के डाक कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर के गेट पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर तीनों यूनियनों के पदाधिकारियों ने हड़ताल का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए सरकार से केंद्रीय यूनियनों के 12 सूत्री मांग पत्र को स्वीकृति देने की मांग की। प्रदर्शन में अरुण प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह चौहान, राकेश सक्सेना, बृह्मा सिंह, आशाराम, अरविंद दीक्षित, सुजातउल्ला, शाहिद सिद्दीकी, चंद्रोदय सिंह, आदेश कुमार आदि शामिल रहे।
असंगठित श्रमिकों ने मांगी समान न्यूनतम मजदूरी
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल इंटक और असंगठित मजदूर यूनियन से जुड़े श्रमिकों ने बहादुरगंज मशीनरी मार्केट से लेकर कलक्ट्रेट तक रैली निकाली और राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर सभी सेक्टरों में न्यूनतम मजदूरी में एकरूपता लाए जाने की मांग की। इससे पूर्व, खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर सभा करके यही मांग प्रमुखता से उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए इंटक के जिलाध्यक्ष पवन कुमार सिंह मनरेगा श्रमिकों को 173 रुपये मजदूरी दी जा रही है जबकि औद्योगिक श्रमिकों को 350 रुपये की घोषणा की गई है। असंगठित यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मो. खुर्शीद ने कहा कि इसी भेदभाव के कारण मनरेगा श्रमिक शहरों की ओर पलायन को मजबूर हैं। जुलूस और प्रदर्शन में शान मोहम्मद खां, अय्यूब हसन, रामदास पाल, फुरकान खां, मतलूब अली, शांति स्वरूप शर्मा, इकबाल अहमद, फरहत अली खां, जाकिर अली, जितेंद्र कुमार, टीकाराम यादव, रामऔतार कश्यप आदि शामिल रहे।
नर्सेस संघ की हड़ताल से मरीज हुए बेहाल
ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के विरोध में शुक्रवार से जिला संयुक्त चिकित्सालय का नर्सिंग स्टाफ बेमियादी हड़ताल पर चला गया। इस कारण जिला अस्पताल की इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों और महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल बुरी तरह बेहाल हो गया।
हालांकि, हड़ताल से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केशव स्वामी ने सभी वार्डों में फ्लोरेंस नाइटिंगेल नर्सिग कालेज के प्रशिक्षुओं की विभिन्न वार्डों में ड्यूटी लगाई, लेकिन गंभीर मरीजों का उपचार करने में ट्रेनी नर्सिंग स्टाफ को काफी दिक्कत हुई। इस बीच, राजकीय नर्सेंज संघ की जिला शाखा से जुड़ीं नर्सों ने मीटिंग हाल में प्रदर्शन कर धरना दिया। संघ की अध्यक्ष रूथ कौशल ने दावा किया कि दोनों अस्पतालोें के नस्रिंग स्टाफ में शामिल सभी 57 कर्मचारी बेमियादी हड़ताल में शामिल हैं। सभी में मीरा देवी, रामतारा, ललित मोहन यादव, संदेश कुमार, मीरा नागर, मारग्रेट तोमर, अनीता गुप्ता, रेनू देवी, रीना देवी आदि पदाधिकारियों ने संवर्ग की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख किया।
इन सभी संगठनों ने भी दर्ज कराया विरोध
बीएसएनएल इंपलाइज यूनियन के केंद्रीय आह्वान दपर टेलीफोन कर्मचारियों ने 15 सूत्री मांगों को लेकर एनएफटीई के जिलाध्यक्ष केडी तिवारी के नेतृत्व में दूरभाष केंद्र परिसर में धरना दिया। इसमें विभिन्न यूनियनों से जुड़े अनिल त्रिवेदी, सूर्य नारायण शुक्ला, केके त्रिवेदी, संजय गिरि आदि ने कर्मचारियों का नेतृत्व किया। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन और विद्युत संविदा मजदूर यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने राम विलास, नवल किशोर सक्सेना, अरुण कुमार आदि के नेतृत्व में बाहों पर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। संविदा बिजली कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर पॉवर सब स्टेशनों पर धरना दिया। भाकपा कार्यकर्ताओं ने जिला मंत्री मो. सलीम, सह सचिव रामशंकर लाल आदि के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में धरना देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। उधर, रोजा पॉवर सप्लाई कंपनी के गेट पर वहां के श्रमिकों ने प्रदर्शन करके न्यूनतम मजदूरी मांगी। इस मौके पर युवा श्रमिक संविदा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने कारखाना श्रमिकों को एकजुटता की अहमियत बताई।
बिजली संविदा मजदूरों ने किया कार्य बहिष्कार
तिलहर। बिजली संविदा मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी 16 सूत्री मांगों को लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। कर्मचारियों का कहना था कि संविदा मजदूरों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे भरपूर मेहनत करने के बावजूद उन्हें पूरा मेहनताना नहीें मिल पाता है तथा उनके परिवार को ठीक ढंग से पालन पोषण नहीं हो पा रहा है। संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रमुख सचिव उर्जा तथा पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा है। कर्मियों की प्रमुख मांगों में संविदा मजदूरों का न्यूनतम वेतन 18,000 करने नियमित तौर पर काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने, ग्रेच्युटी तथा पेंशन देने, श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने, पुरानी पेंशन सेवा लागू करने, सर्व व्यापी सामाजिक सुरक्षा कानून बनाने, आंगनबाड़ी, आशा, रोजगार सेवक की भंाति राज्यकर्मचारी घोषित करें, रोड सेफ्टी बिल वापिस लेने सहित अनेक मांगे शामिल हैं। इस दौरान संगठन के बरेली जोन अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना, जिला अध्यक्ष साबिर खां, जिला महामंत्री राजेश कुमार, मोहम्मद रफी, अमर सक्सेना आसू, मोहम्मद उद्दीन, सरताज, रोशन लाल, पूरन, कमलेश, प्रवेंद्र, रमेश बाबू, आदि मौजूद रहे।
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श्रम कानूनों में संशोधन पर भड़के बैंक कर्मचारी
केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन के इरादे का विरोध करने के लिए जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में कार्यरत कर्मचारी इलाहाबाद बैंक की गोविंदगंज शाखा पर एकजुट हुए। वहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। इस मौके पर हुई सभा में इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के जिला मंत्री मशहूद अहमद खां ने कहा कि संशोधन की आड़ में सरकार श्रम कानूनों को लचर बनाने का प्रयास कर रही है। आल इंडिया बैंक इंपलाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारी नेता शशि भूषण पांडेय, अशोक टंडन, श्याम अवस्थी शिवशंकर सिंह आदि ने सरकार को आगाह किया कि कर्मचारी विरोधी प्रस्ताव पारित करके श्रमिकों का अहित किया गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
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खास यह रहा कि प्रदर्शन में जिले की 19 राष्ट्रीयकृत बैंकों समेत सभी 30 बैंकों की 251 शाखाओं में धन की जमा-निकासी का काम पूरी तरह ठप रहा। लीड बैंक अधिकारी वीएम गुप्ता ने भी माना कि बैंक कर्मियों की एक दिवसीय हड़ताल से जिलेक में समाशोधन गृह का काम पूरी तरह बंद रहा। एलबीएम श्री गुप्ता के अनुसार शुक्रवार को जिले की बैंकों में करीब 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
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दवा प्रतिनिधियों की रैली मेें निशाने पर रहा पूंजीवाद
श्रम संगठनों के आह्वान को मान देते हुए यूपी मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन से जुड़े दवा प्रतिनिधियों ने पूंजीवाद को निशाने पर लिया और शहीद उद्यान से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। संगठन के अध्यक्ष आशीष त्रिवेदी के नेतृत्व में हड़ताली दवा प्रतिनिधियों की रैली ने शहर के जिस मार्ग पर भ्रमण किया, वहां जाम की समस्या खड़ी हो गई।
इससे पूर्व, संगठन के सचिव विजय मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता व मनोज अवस्थी, असित मिश्रा आदि ने केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों पर तीखे प्रहार किए। साथ ही श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करके आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षा मित्र, आशा वर्कर, रोजगार सेवक आदि संवर्गों को स्थायी किए जाने की मांग की। रैली में प्रदीप शर्मा, संजय मुखर्जी, बृजेश गुप्ता, सुचित पांडेय, नितिन श्रीवास्तव, अजय त्रिवेदी, पंकज भारद्वाज, मुदित शुक्ला, राजीव शर्मा, वीरेंद्र प्रजापति आदि शामिल रहे।
प्रधान डाकघर के गेट पर गूंजे सरकार विरोधी नारे
ऑल इंडिया पोस्टल इंपलाइज यूनियन ग्रुप सी, पोस्टमैन और एमटीएस यूनियनों से जुड़े विभिन्न संवर्गों के डाक कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर के गेट पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर तीनों यूनियनों के पदाधिकारियों ने हड़ताल का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए सरकार से केंद्रीय यूनियनों के 12 सूत्री मांग पत्र को स्वीकृति देने की मांग की। प्रदर्शन में अरुण प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह चौहान, राकेश सक्सेना, बृह्मा सिंह, आशाराम, अरविंद दीक्षित, सुजातउल्ला, शाहिद सिद्दीकी, चंद्रोदय सिंह, आदेश कुमार आदि शामिल रहे।
असंगठित श्रमिकों ने मांगी समान न्यूनतम मजदूरी
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल इंटक और असंगठित मजदूर यूनियन से जुड़े श्रमिकों ने बहादुरगंज मशीनरी मार्केट से लेकर कलक्ट्रेट तक रैली निकाली और राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर सभी सेक्टरों में न्यूनतम मजदूरी में एकरूपता लाए जाने की मांग की। इससे पूर्व, खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर सभा करके यही मांग प्रमुखता से उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए इंटक के जिलाध्यक्ष पवन कुमार सिंह मनरेगा श्रमिकों को 173 रुपये मजदूरी दी जा रही है जबकि औद्योगिक श्रमिकों को 350 रुपये की घोषणा की गई है। असंगठित यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मो. खुर्शीद ने कहा कि इसी भेदभाव के कारण मनरेगा श्रमिक शहरों की ओर पलायन को मजबूर हैं। जुलूस और प्रदर्शन में शान मोहम्मद खां, अय्यूब हसन, रामदास पाल, फुरकान खां, मतलूब अली, शांति स्वरूप शर्मा, इकबाल अहमद, फरहत अली खां, जाकिर अली, जितेंद्र कुमार, टीकाराम यादव, रामऔतार कश्यप आदि शामिल रहे।
नर्सेस संघ की हड़ताल से मरीज हुए बेहाल
ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के विरोध में शुक्रवार से जिला संयुक्त चिकित्सालय का नर्सिंग स्टाफ बेमियादी हड़ताल पर चला गया। इस कारण जिला अस्पताल की इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों और महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल बुरी तरह बेहाल हो गया।
हालांकि, हड़ताल से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केशव स्वामी ने सभी वार्डों में फ्लोरेंस नाइटिंगेल नर्सिग कालेज के प्रशिक्षुओं की विभिन्न वार्डों में ड्यूटी लगाई, लेकिन गंभीर मरीजों का उपचार करने में ट्रेनी नर्सिंग स्टाफ को काफी दिक्कत हुई। इस बीच, राजकीय नर्सेंज संघ की जिला शाखा से जुड़ीं नर्सों ने मीटिंग हाल में प्रदर्शन कर धरना दिया। संघ की अध्यक्ष रूथ कौशल ने दावा किया कि दोनों अस्पतालोें के नस्रिंग स्टाफ में शामिल सभी 57 कर्मचारी बेमियादी हड़ताल में शामिल हैं। सभी में मीरा देवी, रामतारा, ललित मोहन यादव, संदेश कुमार, मीरा नागर, मारग्रेट तोमर, अनीता गुप्ता, रेनू देवी, रीना देवी आदि पदाधिकारियों ने संवर्ग की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख किया।
इन सभी संगठनों ने भी दर्ज कराया विरोध
बीएसएनएल इंपलाइज यूनियन के केंद्रीय आह्वान दपर टेलीफोन कर्मचारियों ने 15 सूत्री मांगों को लेकर एनएफटीई के जिलाध्यक्ष केडी तिवारी के नेतृत्व में दूरभाष केंद्र परिसर में धरना दिया। इसमें विभिन्न यूनियनों से जुड़े अनिल त्रिवेदी, सूर्य नारायण शुक्ला, केके त्रिवेदी, संजय गिरि आदि ने कर्मचारियों का नेतृत्व किया। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन और विद्युत संविदा मजदूर यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने राम विलास, नवल किशोर सक्सेना, अरुण कुमार आदि के नेतृत्व में बाहों पर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। संविदा बिजली कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर पॉवर सब स्टेशनों पर धरना दिया। भाकपा कार्यकर्ताओं ने जिला मंत्री मो. सलीम, सह सचिव रामशंकर लाल आदि के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में धरना देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। उधर, रोजा पॉवर सप्लाई कंपनी के गेट पर वहां के श्रमिकों ने प्रदर्शन करके न्यूनतम मजदूरी मांगी। इस मौके पर युवा श्रमिक संविदा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने कारखाना श्रमिकों को एकजुटता की अहमियत बताई।
बिजली संविदा मजदूरों ने किया कार्य बहिष्कार
तिलहर। बिजली संविदा मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी 16 सूत्री मांगों को लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। कर्मचारियों का कहना था कि संविदा मजदूरों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे भरपूर मेहनत करने के बावजूद उन्हें पूरा मेहनताना नहीें मिल पाता है तथा उनके परिवार को ठीक ढंग से पालन पोषण नहीं हो पा रहा है। संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रमुख सचिव उर्जा तथा पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा है। कर्मियों की प्रमुख मांगों में संविदा मजदूरों का न्यूनतम वेतन 18,000 करने नियमित तौर पर काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने, ग्रेच्युटी तथा पेंशन देने, श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने, पुरानी पेंशन सेवा लागू करने, सर्व व्यापी सामाजिक सुरक्षा कानून बनाने, आंगनबाड़ी, आशा, रोजगार सेवक की भंाति राज्यकर्मचारी घोषित करें, रोड सेफ्टी बिल वापिस लेने सहित अनेक मांगे शामिल हैं। इस दौरान संगठन के बरेली जोन अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना, जिला अध्यक्ष साबिर खां, जिला महामंत्री राजेश कुमार, मोहम्मद रफी, अमर सक्सेना आसू, मोहम्मद उद्दीन, सरताज, रोशन लाल, पूरन, कमलेश, प्रवेंद्र, रमेश बाबू, आदि मौजूद रहे।