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‘पता नहीं किसानों से इतना क्यों रूठे हैं भगवान!’
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 13 Mar 2015 10:57 PM IST
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पिछले दिनों की बारिश से बेजार किसान संभल पाते कि शुक्रवार रात इंद्रदेव का कहर फिर टूट पड़ा। अब तो अफसर भी मानने लगे हैं कि दूसरे दौर की बरसात आलू और गेहूं समेत अन्य सीजनल फसलें तबाह कर देगी। जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय से दोबारा हुई बारिश से फसलों पर असर के बारे में पूछा तो बोल उठे, ‘पता नहीं किसानों से इतना क्यों रूठे हैं भगवान?’
उन्होंने कहा कि अधिकांश आलू की खुदाई हो चुकी है, लेकिन अब 2.54 लाख हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की फसल को लेकर फिक्र ज्यादा है। डीएओ पांडेय के अनुसार बिजली, पानी, खाद बीज आदि को लेकर किसान साल भर परेशान रहे। अब मेहनत का फल मिलने का समय आया तो ईश्वर के कोप का सामना करना पड़ रहा है। पिछली बरसात से फसलों को 25 प्रतिशत नुकसान का आरंभिक आकलन किया गया, लेकिन फिर बरसात की झड़ी लगने से फसलों को व्यापक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा के अनुसार 80 फीसदी आलू खुदकर स्टोर हो चुका, लेकिन खेतों में बची मात्रा बरबाद होने की आशंका है। बारिश के साथ तेज हवा चली तो आम का बौर भी झड़ने की आशंका है।
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उन्होंने कहा कि अधिकांश आलू की खुदाई हो चुकी है, लेकिन अब 2.54 लाख हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की फसल को लेकर फिक्र ज्यादा है। डीएओ पांडेय के अनुसार बिजली, पानी, खाद बीज आदि को लेकर किसान साल भर परेशान रहे। अब मेहनत का फल मिलने का समय आया तो ईश्वर के कोप का सामना करना पड़ रहा है। पिछली बरसात से फसलों को 25 प्रतिशत नुकसान का आरंभिक आकलन किया गया, लेकिन फिर बरसात की झड़ी लगने से फसलों को व्यापक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा के अनुसार 80 फीसदी आलू खुदकर स्टोर हो चुका, लेकिन खेतों में बची मात्रा बरबाद होने की आशंका है। बारिश के साथ तेज हवा चली तो आम का बौर भी झड़ने की आशंका है।
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