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‘विकासशील देशों में निवेश विकसित देशों की मजबूरी’
शाहजहांपुर।
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:46 PM IST
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एसएस कॉलेज में स्वर्ण जयंती महोत्सव में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ। सेमिनार का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि विकासशील देशों में निवेश करना विकसित देशों की मजबूरी है। अपने मानवीय विकास के स्तर को बनाए रखने के लिए दूसरे देशों में निवेश करना उनकी आवश्यकता है। भारत जैसे दुनिया के तेजी से विकसित हो रहे देशों को अपने मानवीय संसाधन की ताकत समझनी होगी।
स्वामी शुकदेवानंद स्मृति सभागार में ‘विकसित देशों में मानव विकास’ विषयक सेमिनार में प्रो. अग्रवाल ने कहा कि आज का युग क्रांति का युग है, यह क्रांति विभिन्न संचार माध्यमों से देश में शुरू हुई। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की यह सोच देश के दूरस्थ क्षेत्रों में फैली। इससे आम जनमानस में काफी परिवर्तन आया। नतीजा यह है कि गांव का व्यक्ति भी कंप्यूटर और दूरसंचार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आज से तीस साल पहले देश की सबसे बड़ी समस्या जनसंख्या थी, लेकिन आज यही जनसंख्या हमारी ताकत बन गई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. एके सरकार ने कहा कि स्वयं के लिए चिंतन करना मानवता नहीं, अपितु दूसरों के लिए चिंतन करना मानवता है। इसमें पूर्णता तभी आ सकती है, जब इसे अध्यात्मिकता से जोड़ दिया जाए क्योंकि अध्यात्मिकता में ही उच्चतम विचार, भावनाएं, आंतरिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
सेमिनार में कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, आर्य महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रानी त्रिपाठी, नाइजीरिया कीअसावे इब्राहीम, थाईलैंड के नत्था पांग पेंसरी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व संगीत विभाग की छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना तथा स्वागत गीत प्रस्तुत किया। आचार्य करुणा शंकर तिवारी ने मंगलाचरण किया। छात्रा नैना अवस्थी के संचालन में हुए कार्यक्रम में अतिथियों को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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समापन पर संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, प्रबंध समिति के सचिव रामचंद्र सिंघल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. आलोक मिश्र, डॉ. एमके वर्मा, डॉ. अकबर अली सिद्दीकी, डॉ. पंकज भार्गव, डॉ. मानस पांडेय, डॉ. प्रेम मोहन, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. दीपक मिश्र, डॉ. राजीव अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षाविद मौजूद रहे।
ई-सोविनियर का हुआ विमोचन
शाहजहांपुर। अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथि प्रो. एके सरकार, डॉ. रानी त्रिपाठी, स्वामी चिन्मयानंद, रामचंद्र सिंघल, प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, असावे इब्राहीम, नत्था पांग पेंसरी ने ई-सोविनियर का विमोचन किया। सोविनियर का संपादन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल ने किया है।
सत्कार से गदगद विदेशी मेहमान
शाहजहांपुर। अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंचे नाइजीरिया, नेपाल, थाइलैंड आदि देशों के शोधकर्ताओं का बीकॉम की छात्राओं ने चंदन तिलक और पट्टिका पहनाकर स्वागत किया। सेमिनार में नाइजीरिया की असाबे इब्राहीम और जिमजेल जैलक्वी, थाइलैंड के पीएम नत्थापांग, पीएस पूनसिला, पीएस चयाचट, नेपाल की प्रीति कुमारी मंडल आदि रहीं।
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स्वामी शुकदेवानंद स्मृति सभागार में ‘विकसित देशों में मानव विकास’ विषयक सेमिनार में प्रो. अग्रवाल ने कहा कि आज का युग क्रांति का युग है, यह क्रांति विभिन्न संचार माध्यमों से देश में शुरू हुई। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की यह सोच देश के दूरस्थ क्षेत्रों में फैली। इससे आम जनमानस में काफी परिवर्तन आया। नतीजा यह है कि गांव का व्यक्ति भी कंप्यूटर और दूरसंचार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आज से तीस साल पहले देश की सबसे बड़ी समस्या जनसंख्या थी, लेकिन आज यही जनसंख्या हमारी ताकत बन गई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. एके सरकार ने कहा कि स्वयं के लिए चिंतन करना मानवता नहीं, अपितु दूसरों के लिए चिंतन करना मानवता है। इसमें पूर्णता तभी आ सकती है, जब इसे अध्यात्मिकता से जोड़ दिया जाए क्योंकि अध्यात्मिकता में ही उच्चतम विचार, भावनाएं, आंतरिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
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सेमिनार में कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, आर्य महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रानी त्रिपाठी, नाइजीरिया कीअसावे इब्राहीम, थाईलैंड के नत्था पांग पेंसरी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व संगीत विभाग की छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना तथा स्वागत गीत प्रस्तुत किया। आचार्य करुणा शंकर तिवारी ने मंगलाचरण किया। छात्रा नैना अवस्थी के संचालन में हुए कार्यक्रम में अतिथियों को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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समापन पर संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, प्रबंध समिति के सचिव रामचंद्र सिंघल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. आलोक मिश्र, डॉ. एमके वर्मा, डॉ. अकबर अली सिद्दीकी, डॉ. पंकज भार्गव, डॉ. मानस पांडेय, डॉ. प्रेम मोहन, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. दीपक मिश्र, डॉ. राजीव अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षाविद मौजूद रहे।
ई-सोविनियर का हुआ विमोचन
शाहजहांपुर। अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथि प्रो. एके सरकार, डॉ. रानी त्रिपाठी, स्वामी चिन्मयानंद, रामचंद्र सिंघल, प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, असावे इब्राहीम, नत्था पांग पेंसरी ने ई-सोविनियर का विमोचन किया। सोविनियर का संपादन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल ने किया है।
सत्कार से गदगद विदेशी मेहमान
शाहजहांपुर। अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंचे नाइजीरिया, नेपाल, थाइलैंड आदि देशों के शोधकर्ताओं का बीकॉम की छात्राओं ने चंदन तिलक और पट्टिका पहनाकर स्वागत किया। सेमिनार में नाइजीरिया की असाबे इब्राहीम और जिमजेल जैलक्वी, थाइलैंड के पीएम नत्थापांग, पीएस पूनसिला, पीएस चयाचट, नेपाल की प्रीति कुमारी मंडल आदि रहीं।