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भारत का सम्मान है हिंदी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:46 PM IST
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- फोटो : hindi
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हिंदी दिवस के अवसर पर साहित्यिक संस्था प्रेरणा परिवार की ओर से नगर के वरिष्ठ साहित्यकार स्वर्गीय बदरी विशाल के पुत्र अनुराग गुप्ता के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता समाजसेवी संजीव मेहरोत्रा ने की। संजय अकेला ने मां सरस्वती की वंदना की।
कवि अनूप मिश्रा तेजस्वी ने सुनाया
महाराणा प्रताप की शान है हिंदी,
हमारे भारत की पहचान है हिंदी।
ये धरोहर है भारत के संस्कृति की,
सती पद्मिनी का यशोगान है हिंदी।
विजय तन्हा ने सुनाया
अपनो से अबहेलना ये कैसी तकदीर,
करते जिसको प्यार थे तुलसी, सूर, कबीर।
सौतन इंग्लिश ने लिए जबसे पैर पसार,
हिंदी हिंदुस्तान में बहा रही है नीर।
अमरजीत सिंह निराश ने सुनाया
हिंदी प्रेम की हम अलख जगायेंगे,
कुत्ते पालेंगे और गायें भगाएंगे।
राष्ट्रभाषा का गुणगान भी यारों,
अब इंग्लिश में ही गुनगुनाएंगे।
प्रदीप बैरागी ने सुनाया
हिंदी की सेवा करो है हिंदी मात हमारी,
हिंदी के सेवक रहे हैं तुलसी, सूर, बिहारी।
संजय अकेला ने सुनाया
मीरा, सूर का गान है हिंदी,
भारत का सम्मान है हिंदी।
गोष्ठी में अनुराग गुप्ता, राजेश नीलम गुप्ता, दीपांशु गुप्ता, कुलदीप प्रकाश, आशीष, राजीव कुमार, विवेक आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
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कवि अनूप मिश्रा तेजस्वी ने सुनाया
महाराणा प्रताप की शान है हिंदी,
हमारे भारत की पहचान है हिंदी।
ये धरोहर है भारत के संस्कृति की,
सती पद्मिनी का यशोगान है हिंदी।
विजय तन्हा ने सुनाया
अपनो से अबहेलना ये कैसी तकदीर,
करते जिसको प्यार थे तुलसी, सूर, कबीर।
सौतन इंग्लिश ने लिए जबसे पैर पसार,
हिंदी हिंदुस्तान में बहा रही है नीर।
अमरजीत सिंह निराश ने सुनाया
हिंदी प्रेम की हम अलख जगायेंगे,
कुत्ते पालेंगे और गायें भगाएंगे।
राष्ट्रभाषा का गुणगान भी यारों,
अब इंग्लिश में ही गुनगुनाएंगे।
प्रदीप बैरागी ने सुनाया
हिंदी की सेवा करो है हिंदी मात हमारी,
हिंदी के सेवक रहे हैं तुलसी, सूर, बिहारी।
संजय अकेला ने सुनाया
मीरा, सूर का गान है हिंदी,
भारत का सम्मान है हिंदी।
गोष्ठी में अनुराग गुप्ता, राजेश नीलम गुप्ता, दीपांशु गुप्ता, कुलदीप प्रकाश, आशीष, राजीव कुमार, विवेक आदि तमाम लोग मौजूद रहे।