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सूख रही गर्रा पर प्रशासन ने लिया संज्ञान
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 03 May 2016 12:17 AM IST
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जिन दो नदियों के बीच शाहजहांपुर शहर बसा है, उनमें से एक गर्रा के पहली बार इस गरमी के मौसम में रोजाना दो से तीन बार सूखने के तथ्य पर प्रशासन ने गंभीर संज्ञान लिया है। नदी और नहर दोनों की जीवतंता बनाए रखने पर पहल हो रही है। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि कार्ययोजना बनाकर समाधान किया जाएगा। इस बीच राजनीतिक दलों ने भी गर्रा के सूखने पर गंभीर चिंता जाहिर की है। सूबे के राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने कहा कि शासन स्तर पर और सभी संबंधित विभागों का सहयोग लेकर गर्रा में समुचित जलस्तर के प्रवाह को बनाए रखने को यथोचित कार्यवाही कराई जाएगी। किसानों के हित में तालाबों की भराई और फसलों की सिंचाई के लिए मौजमपुर पंप नहर में भी जल प्रवाह जरूरी है लेकिन उसके जलस्रोत गर्रा नदी में जलधारा को बनाए रखना भी अहम है। इसके लिए इसमें पीछे से यानी पीलीभीत या उससे पहले के बांधों से छोड़े जाने वाले पानी पर ध्यान देना जरूरी है। भाजपा के विधानमंडल दल नेता सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रकरण चिंतनीय है लेकिन गर्रा और नहर दोनों में जल प्रवाह बनाए रखने के लिए बीच की राह तलाशनी होगी। इस पर गंभीरता से दूरगामी सोच के साथ समाधान निकालने पर काम होना चाहिए। बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने गर्रा के सूखने को शाहजहांपुर के लिए गंभीर संकट बताया। कहा कि खन्नौत और गर्रा ही इस शहर की पहचान है और प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर तत्काल इस गंभीर प्रकरण पर हस्तक्षेप करते हुए कार्यवाही होनी चाहिए।
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