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Shahjahanpur News: गंगा उफान पर, 48 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आने की आशंका
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केसीनगला गांव के पास पहुंचा रामगंगा का पानी। संवाद
शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से दो दिन पहले छोड़ा गया पानी गंगा में पहुंचने से नदी उफना गई है। गंगा के उफनाने से तटीय करीब 48 से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। वहीं सोमवार को एक बार फिर दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके दो दिन बाद पहुंचने से हालात और खराब हो जाएंगे। प्रशासन ने इन सभी गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
गंगा में लगातार तीन दिन से नरौरा बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को 2,02,578 क्यूसेक, रविवार को 2,11,074 क्यूसेक और सोमवार को 2,11,074 पानी छोड़ा गया है। बीते दो दिन पहले छोड़ा गया पानी जिले में प्रवेश कर गया है। इससे हालात और बिगड़ने की आशंका है। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। प्रशासन ने 48 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया हुआ है।
वहीं रामगंगा नदी में सोमवार को हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज और लालपुर बैराज से 12,540 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 1,188 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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उधर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भैसार ढाई घाट तटबंध का जलस्तर रविवार को 143.32 गेज था, जो कि सोमवार को 143.38 गेज हो गया है। खतरे का निशान 143.650 गेज पर है। रामगंगा का जलस्तर रविवार को 160.150 गेज था, जो कि मामूली घटकर 160.120 गेज हो गया है। गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट हुई है।
आजाद नगर पैलानी उत्तर गांव में घुसा गंगा का पानी, 120 परिवार प्रभावित
कलान क्षेत्र के गांव आजाद नगर पैलानी उत्तर में गंगा का पानी घुस गया है। यह जानकारी क्षेत्र के लेखपाल ने बाढ़ कंट्रोल रूम को बताई है। बताया गया है कि गांव चारों ओर पानी से घिरा हुआ है। गांव में पानी घुसने से करीब 120 परिवार प्रभावित हैं। इसमें करीब 650 लोगों की जनसंख्या है और चार सौ पशु हैं। प्रशासन जल्द नाव उपलब्ध करा रहा है। इसी क्षेत्र के गांव पैलानी उत्तर में भी गांव में पानी घुसने की कगार पर है।
बाढ़ राहत के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था
- 31 नाव
- 41 गोताखोर
- 69 बाढ़ चौकियां
- 27 राहत शिविर
- 19 मेडिकल टीमें
गंगा और रामगंगा में बाढ़ से क्षेत्र की सड़कें-खेत जलमग्न
मिर्जापुर। क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदियों की बाढ़ से क्षेत्र की सड़कें जलमग्न हो जाने से कलान तहसील के लगभग चार दर्जन गांव पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। गंगा की बाढ़ से लगभग आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिर चुके हैं।
गंगा की बाढ़ से ग्राम पंचायत पैलानी के मजरा इस्लामनगर, आजाद नगर, मस्जिद नगला और इन गांवों के सौ से दो सौ मीटर परिधि में आने वाले फर्रुखाबाद जिले के ग्राम कमथरी, चितार, बांसखेड़ा व चौंरा बाढ़ से घिरे हैं। ग्राम कटैला नगला, लोहार नगला, मोती नगला व भरतपुर के खेतों में सैकड़ों बीघा फसलें डूब गईं हैं। संवाद
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ये गांव होंगे प्रभावित
रामगंगा के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव परौर, गोलागंज, तालिकापुर, कुड़रिया, बोझी, मई खुर्द कलां, दहेलिया, हैदलपुर, कुड़री आश्रम, गहवरा, गहवरिया, अमृतापुर, सोहड़, धिरोला, धिरोला मढैया, कुनिया नौआबाद, चौंरबगर खेत, अतरी निजामपुर, अतरी की मढैया, मौजमपुर, सिठौली, भूड़ा, औरंगाबाद, पहरुआ बड़ा, कुनिया शाहनजीरपुर, पहाड़पुर, माधौपुर व कीलापुर आदि गांव और इन गांवों की फसलें रामगंगा की बाढ़ से पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हो जाएंगी।
जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर चल रहा तीन फिट पानी
गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद (फर्रुखाबाद) स्टेट हाईवे पर ग्राम चौंरा के निकट ढाई से तीन फीट पानी बह रहा है। इसी तरह चौरा से इस्लामनगर कमथरी संपर्क मार्ग पर लगभग तीन फीट गहराई में बहुत तेज पानी उतर रहा है। इससे ग्राम इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी,चितार, बांसखेड़ा आदि गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर ढाईगांव और शमशाबाद की बाजार जा रहे हैं।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण चिंतित
जैतीपुर। रामगंगा में बढ़ रहे जलस्तर से केसी नगला गांव के किनारे पानी पहुंच गया है, जबकि गांव धुबला करीमनगर से 50 मीटर की दूरी पर है। गत वर्ष बाढ़ की चपेट में केसीनगला गांव के किनारे का एक मंदिर बाढ़ में बह गया था। बाढ़ से रामनगर, केसीनगल, खूबपुर, अचिंतपुर, धुबला करीमनगर, घसाकल्यानपुर, रामपुर, अमरेडी, नगला देहात माली ,अंतुगौटिया,जगतियापुर, लोहरगढ़ी, मरेना, बस्ती नगला, डभौरा,रुद्रपुर, अजमाबाद आदि गांव प्रभावित होने की संभावना है। संवाद
गंगा के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए बाढ़ चौकियों, गोताखोरों और मेडिकल टीमों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
- संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन बाढ़ प्रभारी अधिकारी
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गंगा में लगातार तीन दिन से नरौरा बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को 2,02,578 क्यूसेक, रविवार को 2,11,074 क्यूसेक और सोमवार को 2,11,074 पानी छोड़ा गया है। बीते दो दिन पहले छोड़ा गया पानी जिले में प्रवेश कर गया है। इससे हालात और बिगड़ने की आशंका है। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। प्रशासन ने 48 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया हुआ है।
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वहीं रामगंगा नदी में सोमवार को हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज और लालपुर बैराज से 12,540 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 1,188 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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उधर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भैसार ढाई घाट तटबंध का जलस्तर रविवार को 143.32 गेज था, जो कि सोमवार को 143.38 गेज हो गया है। खतरे का निशान 143.650 गेज पर है। रामगंगा का जलस्तर रविवार को 160.150 गेज था, जो कि मामूली घटकर 160.120 गेज हो गया है। गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट हुई है।
आजाद नगर पैलानी उत्तर गांव में घुसा गंगा का पानी, 120 परिवार प्रभावित
कलान क्षेत्र के गांव आजाद नगर पैलानी उत्तर में गंगा का पानी घुस गया है। यह जानकारी क्षेत्र के लेखपाल ने बाढ़ कंट्रोल रूम को बताई है। बताया गया है कि गांव चारों ओर पानी से घिरा हुआ है। गांव में पानी घुसने से करीब 120 परिवार प्रभावित हैं। इसमें करीब 650 लोगों की जनसंख्या है और चार सौ पशु हैं। प्रशासन जल्द नाव उपलब्ध करा रहा है। इसी क्षेत्र के गांव पैलानी उत्तर में भी गांव में पानी घुसने की कगार पर है।
बाढ़ राहत के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था
- 31 नाव
- 41 गोताखोर
- 69 बाढ़ चौकियां
- 27 राहत शिविर
- 19 मेडिकल टीमें
गंगा और रामगंगा में बाढ़ से क्षेत्र की सड़कें-खेत जलमग्न
मिर्जापुर। क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदियों की बाढ़ से क्षेत्र की सड़कें जलमग्न हो जाने से कलान तहसील के लगभग चार दर्जन गांव पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। गंगा की बाढ़ से लगभग आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिर चुके हैं।
गंगा की बाढ़ से ग्राम पंचायत पैलानी के मजरा इस्लामनगर, आजाद नगर, मस्जिद नगला और इन गांवों के सौ से दो सौ मीटर परिधि में आने वाले फर्रुखाबाद जिले के ग्राम कमथरी, चितार, बांसखेड़ा व चौंरा बाढ़ से घिरे हैं। ग्राम कटैला नगला, लोहार नगला, मोती नगला व भरतपुर के खेतों में सैकड़ों बीघा फसलें डूब गईं हैं। संवाद
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ये गांव होंगे प्रभावित
रामगंगा के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव परौर, गोलागंज, तालिकापुर, कुड़रिया, बोझी, मई खुर्द कलां, दहेलिया, हैदलपुर, कुड़री आश्रम, गहवरा, गहवरिया, अमृतापुर, सोहड़, धिरोला, धिरोला मढैया, कुनिया नौआबाद, चौंरबगर खेत, अतरी निजामपुर, अतरी की मढैया, मौजमपुर, सिठौली, भूड़ा, औरंगाबाद, पहरुआ बड़ा, कुनिया शाहनजीरपुर, पहाड़पुर, माधौपुर व कीलापुर आदि गांव और इन गांवों की फसलें रामगंगा की बाढ़ से पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हो जाएंगी।
जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर चल रहा तीन फिट पानी
गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद (फर्रुखाबाद) स्टेट हाईवे पर ग्राम चौंरा के निकट ढाई से तीन फीट पानी बह रहा है। इसी तरह चौरा से इस्लामनगर कमथरी संपर्क मार्ग पर लगभग तीन फीट गहराई में बहुत तेज पानी उतर रहा है। इससे ग्राम इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी,चितार, बांसखेड़ा आदि गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर ढाईगांव और शमशाबाद की बाजार जा रहे हैं।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण चिंतित
जैतीपुर। रामगंगा में बढ़ रहे जलस्तर से केसी नगला गांव के किनारे पानी पहुंच गया है, जबकि गांव धुबला करीमनगर से 50 मीटर की दूरी पर है। गत वर्ष बाढ़ की चपेट में केसीनगला गांव के किनारे का एक मंदिर बाढ़ में बह गया था। बाढ़ से रामनगर, केसीनगल, खूबपुर, अचिंतपुर, धुबला करीमनगर, घसाकल्यानपुर, रामपुर, अमरेडी, नगला देहात माली ,अंतुगौटिया,जगतियापुर, लोहरगढ़ी, मरेना, बस्ती नगला, डभौरा,रुद्रपुर, अजमाबाद आदि गांव प्रभावित होने की संभावना है। संवाद
गंगा के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए बाढ़ चौकियों, गोताखोरों और मेडिकल टीमों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
- संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन बाढ़ प्रभारी अधिकारी

केसीनगला गांव के पास पहुंचा रामगंगा का पानी। संवाद

केसीनगला गांव के पास पहुंचा रामगंगा का पानी। संवाद

केसीनगला गांव के पास पहुंचा रामगंगा का पानी। संवाद

केसीनगला गांव के पास पहुंचा रामगंगा का पानी। संवाद