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सरसों का साग खाने से परिवार के छह लोग बीमार
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खुटार। शुक्रवार रात सरसों का साग खाने से एक परिवार के छह सदस्य बेहोश हो गए। शनिवार सुबह जानकारी होने पर गांववालों ने सभी को खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टर ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है।
खुटार इलाके के गांव सीतापुर निवासी 40 वर्षीय संजय कुमार वर्मा शुक्रवार को अपने खेत से सरसों का साग लेकर आए थे। साग बनाने में जो तेल प्रयोग किया गया था वह भी घर की सरसों का पेराई कराया हुआ था। रात करीब आठ बजे संजय वर्मा, उनके पिता राधेश्याम वर्मा, मां सुशीला देवी, भाई अवधेश, बेटी काजल और सेजल ने साग खाया था। खाना खाने के कुछ देर बाद सभी सोने चले गए। कुछ देर बाद सभी को चक्कर आने लगे और जी मिचलाने लगा। परिवार के लोगों ने पड़ोस के लोगों की मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन चारपाई से उठने के बाद बेहोश होकर गिर पड़े। संजय वर्मा के अनुसार शनिवार सुबह सात बजे कुछ होश आने पर उन्होंने उठने का प्रयास किया, लेकिन वह फिर गिर पड़े।
इस बीच पड़ोस का कोई व्यक्ति उनके घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसी के जवाब नहीं देने पर गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। किसी तरह घर का दरवाजा खोला गया तो अंदर परिवार के लोग बेहोश पड़े मिले। गांव के लोगों ने सभी को खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद सभी लोगों को होश आ गया है, लेकिन उनको एहतियातन अस्पताल में ही रखा गया है।
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करीब बीस दिन पूर्व सरसों की फसल में कीटनाशक की स्प्रे की थी। काफी दिन बीत जाने के बाद साग खाया है। बेहोशी का कारण पता नहीं क्या है। - राधेश्याम वर्मा, सीतापुर-खुटार
- खेतों में जहरीली दवा का छिड़काव होने पर सरसों की पत्तियों में दवा लगी रह जाती है। जिसका सेवन करने से बेहोशी छा जाती है और उल्टी होने लगती है। - डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार
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खुटार इलाके के गांव सीतापुर निवासी 40 वर्षीय संजय कुमार वर्मा शुक्रवार को अपने खेत से सरसों का साग लेकर आए थे। साग बनाने में जो तेल प्रयोग किया गया था वह भी घर की सरसों का पेराई कराया हुआ था। रात करीब आठ बजे संजय वर्मा, उनके पिता राधेश्याम वर्मा, मां सुशीला देवी, भाई अवधेश, बेटी काजल और सेजल ने साग खाया था। खाना खाने के कुछ देर बाद सभी सोने चले गए। कुछ देर बाद सभी को चक्कर आने लगे और जी मिचलाने लगा। परिवार के लोगों ने पड़ोस के लोगों की मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन चारपाई से उठने के बाद बेहोश होकर गिर पड़े। संजय वर्मा के अनुसार शनिवार सुबह सात बजे कुछ होश आने पर उन्होंने उठने का प्रयास किया, लेकिन वह फिर गिर पड़े।
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इस बीच पड़ोस का कोई व्यक्ति उनके घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसी के जवाब नहीं देने पर गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। किसी तरह घर का दरवाजा खोला गया तो अंदर परिवार के लोग बेहोश पड़े मिले। गांव के लोगों ने सभी को खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद सभी लोगों को होश आ गया है, लेकिन उनको एहतियातन अस्पताल में ही रखा गया है।
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करीब बीस दिन पूर्व सरसों की फसल में कीटनाशक की स्प्रे की थी। काफी दिन बीत जाने के बाद साग खाया है। बेहोशी का कारण पता नहीं क्या है। - राधेश्याम वर्मा, सीतापुर-खुटार
- खेतों में जहरीली दवा का छिड़काव होने पर सरसों की पत्तियों में दवा लगी रह जाती है। जिसका सेवन करने से बेहोशी छा जाती है और उल्टी होने लगती है। - डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार