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बोर्ड परीक्षा: अव्यवस्थाओं के नाम रहा पहला दिन
शाहजहांपुर
Updated Fri, 20 Feb 2015 12:36 AM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हो र्गइं। परीक्षा के लिए जिले में कुल 147 केंद्र बनाए गए हैं। नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन कक्ष निरीक्षकों की कमी पूरी करने को कोई कारगर प्रयास नहीं किए जा सके। लिहाजा पहले दिन दोनों पालियों में कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी रही। केंद्र व्यवस्थापकों को जैसे-तैसे परीक्षा करानी पड़ी।
बोर्ड परीक्षा का श्रीगणेश हिंदी के पेपर से हुआ। सुबह की पाली में हाईस्कूल और दूसरी पाली में इंटर हिंदी का पेपर हुआ। लगभग सभी केंद्रों पर सुबह तड़के से परीक्षार्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में छात्र अपने अभिभावकों के साथ केंद्र पर पहुंचे थे। केंद्र पर घंटी बजते ही मुख्य गेट खोल दिया गया। गेट पर छात्र-छात्राओं की तलाशी लेने के लिए शिक्षक-शिक्षिकाएं मुस्तैद खड़े थे। उन्होंने परीक्षार्थियों को कतार में खड़ा करके तलाशी लेकर ही कक्ष में बैठने दिया। पेपर छूटने के बाद परीक्षार्थियों ने आदतन सहपाठियों से पेपर की जानकारी लेकर कुछ प्रश्नों के उत्तरों का मिलान भी किया। चूंकि पेपर हिंदी का था और तैयारी भी लगभग सभी की थी, इसलिए परीक्षार्थियों के चेहरे बता रहे थे कि पेपर अच्छा हुआ है।
इधर, प्रथम पाली की परीक्षा होेने के बाद केंद्र व्यवस्थापकों ने डीआईओएस कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूप में कक्ष निरीक्षकों की डिमांड भेजनी शुरू कर दी थी। नगर में खंड शिक्षा अधिकारी एमएल त्रिवेदी पूरे दिन कार्यालय में बैठे कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र बनाते रहे, ताकि केंद्रों पर उनकी कमी पूरी कराई जा सके।
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बोर्ड परीक्षा का श्रीगणेश हिंदी के पेपर से हुआ। सुबह की पाली में हाईस्कूल और दूसरी पाली में इंटर हिंदी का पेपर हुआ। लगभग सभी केंद्रों पर सुबह तड़के से परीक्षार्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में छात्र अपने अभिभावकों के साथ केंद्र पर पहुंचे थे। केंद्र पर घंटी बजते ही मुख्य गेट खोल दिया गया। गेट पर छात्र-छात्राओं की तलाशी लेने के लिए शिक्षक-शिक्षिकाएं मुस्तैद खड़े थे। उन्होंने परीक्षार्थियों को कतार में खड़ा करके तलाशी लेकर ही कक्ष में बैठने दिया। पेपर छूटने के बाद परीक्षार्थियों ने आदतन सहपाठियों से पेपर की जानकारी लेकर कुछ प्रश्नों के उत्तरों का मिलान भी किया। चूंकि पेपर हिंदी का था और तैयारी भी लगभग सभी की थी, इसलिए परीक्षार्थियों के चेहरे बता रहे थे कि पेपर अच्छा हुआ है।
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इधर, प्रथम पाली की परीक्षा होेने के बाद केंद्र व्यवस्थापकों ने डीआईओएस कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूप में कक्ष निरीक्षकों की डिमांड भेजनी शुरू कर दी थी। नगर में खंड शिक्षा अधिकारी एमएल त्रिवेदी पूरे दिन कार्यालय में बैठे कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र बनाते रहे, ताकि केंद्रों पर उनकी कमी पूरी कराई जा सके।
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