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पुवायां में पड़ा मिला निगोही के युवक का शव
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पुवायां। निगोही के एक युवक का शव पुवायां क्षेत्र में निगोही मार्ग पर पड़ा पाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
निगोही के गांव लधोला निवासी 40 वर्षीय शिवपाल अपनी ससुराल निगोही के ही गांव रघवापुर में रह रहा था। कुछ दिन से वह पुवायां के गांव जनकापुर में किसी के घर रह रहा था। शुक्रवार दोपहर किसी ने 108 सेवा पर कॉल कर पुवायां निगोही मार्ग पर गांव जठियापुर के पास शव पड़ा होने की सूचना दी। सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव को पुवायां सीएचसी ले आई। जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
मृतक के पास से मिले एक्सरे और बुखार की दवा के पर्चे पर लिखे नाम, पते से उसकी पहचान रघवापुर के शिवपाल के रूप में हो सकी। पुलिस ने मृतक के घर सूचना दी तो वहां कोहराम मच गया। देर रात परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता लगने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि शिवपाल ने बुखार की दवा ली थी, उसे कोई खास बीमारी नहीं थी।
भाई ने किया शव लेने से इंकार... बोला पिता की हत्या कर भागा था शिवपाल
पुवायां। शिवपाल अपने पिता की हत्या करने के बाद ससुराल में जाकर रहने लगा था। जानकारी पर पुलिस ने उसके भाई को सूचना दी तो उसने मौके पर आने और शव लेने से इंकार कर दिया।
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मूलरूप से निगोही के गांव लधोला और वर्तमान में खुटार के गांव दिलीपापुर निवासी जयपाल ने बताया कि शिवपाल उसका सगा भाई है। वर्ष 1996 में शिवपाल ने अपने पिता टीकाराम की हत्या कर दी थी। जयपाल के अनुसार शिवपाल उसे भी मारना चाहता था जिस कारण वह दिलीपापुर जाकर रहने लगा। जेल से छूटने के बाद शिवपाल अपनी ससुराल रघवापुर जाकर रहने लगा था। हत्या की रिपोर्ट जयपाल ने ही दर्ज कराई थी लेकिन बाद में उसने पैरवी नहीं की और पुलिस को राजीनामा लिखकर दे दिया था, जिस कारण शिवपाल सजा से बच गया था। जयपाल ने कहा कि वह शिवपाल का शव तक नहीं लेना चाहता है, शिवपाल के पत्नी और बच्चे जो चाहे करें।
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निगोही के गांव लधोला निवासी 40 वर्षीय शिवपाल अपनी ससुराल निगोही के ही गांव रघवापुर में रह रहा था। कुछ दिन से वह पुवायां के गांव जनकापुर में किसी के घर रह रहा था। शुक्रवार दोपहर किसी ने 108 सेवा पर कॉल कर पुवायां निगोही मार्ग पर गांव जठियापुर के पास शव पड़ा होने की सूचना दी। सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव को पुवायां सीएचसी ले आई। जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
मृतक के पास से मिले एक्सरे और बुखार की दवा के पर्चे पर लिखे नाम, पते से उसकी पहचान रघवापुर के शिवपाल के रूप में हो सकी। पुलिस ने मृतक के घर सूचना दी तो वहां कोहराम मच गया। देर रात परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता लगने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि शिवपाल ने बुखार की दवा ली थी, उसे कोई खास बीमारी नहीं थी।
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भाई ने किया शव लेने से इंकार... बोला पिता की हत्या कर भागा था शिवपाल
पुवायां। शिवपाल अपने पिता की हत्या करने के बाद ससुराल में जाकर रहने लगा था। जानकारी पर पुलिस ने उसके भाई को सूचना दी तो उसने मौके पर आने और शव लेने से इंकार कर दिया।
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मूलरूप से निगोही के गांव लधोला और वर्तमान में खुटार के गांव दिलीपापुर निवासी जयपाल ने बताया कि शिवपाल उसका सगा भाई है। वर्ष 1996 में शिवपाल ने अपने पिता टीकाराम की हत्या कर दी थी। जयपाल के अनुसार शिवपाल उसे भी मारना चाहता था जिस कारण वह दिलीपापुर जाकर रहने लगा। जेल से छूटने के बाद शिवपाल अपनी ससुराल रघवापुर जाकर रहने लगा था। हत्या की रिपोर्ट जयपाल ने ही दर्ज कराई थी लेकिन बाद में उसने पैरवी नहीं की और पुलिस को राजीनामा लिखकर दे दिया था, जिस कारण शिवपाल सजा से बच गया था। जयपाल ने कहा कि वह शिवपाल का शव तक नहीं लेना चाहता है, शिवपाल के पत्नी और बच्चे जो चाहे करें।