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आखिर सुरक्षा घेरा तोड़ कैसे भाग गए हत्यारे, उठ रहे सवाल

Tue, 10 Dec 2019 02:16 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:16 PM IST
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crime
शाहजहांपुर। सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कैंट क्षेत्र से सटी आफीसर्स कॉलोनी है। जहां घटना स्थल से लगभग दो सौ मीटर की परिधि में डीएम-एसपी समेत जिले के लगभग सभी अफसरों के आवास हैं। वहीं जीएफ कॉलेज गेट पर पुलिस पिकेट भी रहती है। ऐसे में दिनदहाड़े घटना को अंजाम देकर कातिल फरार हो गए। इसको लेकर सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
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पीडब्ल्यूडी दफ्तर सीओ सिटी के आवास के ठीक पीछे हैं। उनके आवास के सामने ही एएसपी सिटी का आवास है। वहीं डीएम का आवास और कैंप कार्यालय है। जीएफ कॉलेज के सामने से होकर एसपी आवास को रास्ता जाता है। यानी घटना स्थल से कुछ दूरी पर ही एसपी का कैंप कार्यालय है। जहां हर वक्त पुलिस अलर्ट रहती है। यहां पर एनसीसी का भी कार्यालय है। आफीसर्स कॉलोनी में भी सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुलिस रहती है। कैंट इलाका होने से दूसरी तरफ सेना का पहरा रहता है। इसके बावजूद हत्यारों का फरार हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। जीएफ कॉलेज गेट पर लगा सीसीटीवी कैमरा अंदर की तरफ है, यदि बाहर की ओर होता तो शायद पुलिस को हत्यारों तक पहुंचने में आसानी होती।
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ठेकेदार के घर के आसपास खंगाले गए कैमरे
शाहजहांपुर। राकेश के हत्यारों की सुरागरसी में जुटी पुलिस ने ठेकेदारों की सूची भी तलब कर ली और उन ठेकेदारों का भी रिकॉर्ड देखा जा रहा है। इसके अलावा कैंट एरिया में ओसीएफ गेट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला और राकेश यादव के घर के आसपास भी सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। पुलिस को अभी ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
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