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Shahjahanpur News: सीसी कैमरे की फुटेज की तलाश के लिए रोडवेज अड्डे पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम
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शाहजहांपुर। रोडवेज बस अड्डे पर टाइम कीपर नृपेश सिंह को रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के मामले की सीसी कैमरों की फुटेज तलाशने के लिए बुधवार को क्राइम ब्रांच की टीम रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची। टीम के जांच करने पर भी कोई सुराग नहीं मिला। एआरएम अब मामले की गहनता से जांच कराने के लिए बृहस्पतिवार को एसपी से मुलाकात करेंगे।
15 अक्तूबर को एंटी करप्शन टीम ने परिवहन निगम के टाइम कीपर नृपेश सिंह को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। घटना के बाद बस अड्डे की सीसी कैमराें की फुटेज तलाश की गई। इस बीच कैमरे बंद होने या फुटेज डिलीट होने की बात सामने आई।
सीसी कैमरों का कंट्रोल रूम एआरएम कार्यालय में है। उसकी चाबी एआरएम व एक अन्य कर्मचारी के पास रहती है। ऐसे में एआरएम ने किसी साजिश का शक जताते हुए पड़ताल शुरू कराई। स्थानीय व लखनऊ से आए आईटी विशेषज्ञ ने कैमरों की फुटेज तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। इस बीच एआरएम ने क्राइम ब्रांच की टीम से संपर्क साधा।
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बुधवार को टीम ने बस अड्डे पर पहुंचकर कंट्रोल रूम का परीक्षण किया। वहां डीवीआर आदि को देखा। उन्हें भी कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने कैमरे लगाने वाली संस्था से संपर्क साधने की सलाह दी।
एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि कैमरे की फुटेज के मामले को लेकर वह बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। उनसे पूरे मामले को अपने स्तर से गहनता की जांच कराने की मांग की जाएगी।
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15 अक्तूबर को एंटी करप्शन टीम ने परिवहन निगम के टाइम कीपर नृपेश सिंह को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। घटना के बाद बस अड्डे की सीसी कैमराें की फुटेज तलाश की गई। इस बीच कैमरे बंद होने या फुटेज डिलीट होने की बात सामने आई।
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सीसी कैमरों का कंट्रोल रूम एआरएम कार्यालय में है। उसकी चाबी एआरएम व एक अन्य कर्मचारी के पास रहती है। ऐसे में एआरएम ने किसी साजिश का शक जताते हुए पड़ताल शुरू कराई। स्थानीय व लखनऊ से आए आईटी विशेषज्ञ ने कैमरों की फुटेज तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। इस बीच एआरएम ने क्राइम ब्रांच की टीम से संपर्क साधा।
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बुधवार को टीम ने बस अड्डे पर पहुंचकर कंट्रोल रूम का परीक्षण किया। वहां डीवीआर आदि को देखा। उन्हें भी कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने कैमरे लगाने वाली संस्था से संपर्क साधने की सलाह दी।
एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि कैमरे की फुटेज के मामले को लेकर वह बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। उनसे पूरे मामले को अपने स्तर से गहनता की जांच कराने की मांग की जाएगी।