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खुटार पीएचसी में मेडिकल के नाम पर लिए रुपये, प्रभारी ने वापस कराए, हंगामा
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पुवायां। मेडिकल परीक्षण के नाम पर भाकियू कार्यकर्ता से खुटार के सरकारी अस्पताल में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पांच हजार रुपये ले लिए, इसका पता लगने पर भाकियू जिलाध्यक्ष ने घूसखोरी की शिकायत सीएमओ से करने की चेतावनी दी और हंगामा किया। इस पर पीएचसी प्रभारी ने रुपये वापस करा दिए। कर्मचारी का कहना है कि उससे डॉक्टर ने लिफाफा लेकर रख लेने को कहा था। इस मामले का वीडियो वायरल होने से महकमे में खलबली मची हुई है।
खुटार के गांव नवाजपुर निवासी भाकियू कार्यकर्ता सिंघाड़ा सिंह का पड़ोसियों से विवाद हो गया था। उन्होंने थाने जाकर तहरीर दी तो पुलिस ने उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए खुटार पीएचसी भेजा। वहां अच्छा मेडिकल करने के नाम पर एक कर्मचारी ने उनसे पांच हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर मेडिकल ठीक न करने की बात कही। कर्मचारी की बातों में आकर परिवार के लोगों ने रुपये दे दिए। सिंघाड़ा सिंह को जानकारी हुई तो उन्होंने पूरे मामले से जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह को अवगत कराया। सूचना पर महेंद्र पाल, जिला महासचिव राशिराम वर्मा, जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभारी डॉ. संजीव कुमार से मिलकर नाराजगी जताई। प्रभारी ने कर्मचारी को बुलाकर सबके सामने रुपये वापस कराए, जिसका लोगों ने वीडियो बना लिया।
इस दौरान भाकियू नेताओं ने हंगामा किया और रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। उधर, रुपये लेने वाले कर्मचारी का कहना है कि उससे डॉक्टर ने लिफाफा लेकर रख लेने को कहा था। उसे जानकारी नहीं थी कि लिफाफे में क्या रखा है। हंगामा होने पर उसे लिफाफे में रुपये होने का पता चल सका। पीएचसी प्रभारी से बातचीत और रुपये वापस किए जाने का वीडियो वायरल होने से अस्पताल कर्मियों में खलबली मची हुई है।
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कार्यकर्ता सिंघाड़ा सिंह से जबरन पांच हजार रुपये रिश्वत ली गई। जानकारी पाकर वह पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और रुपये वापस कराए। अधिकारियों को अवगत करा दिया है। - महेंद्र पाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष भाकियू
मुझे लिफाफा लिए जाने की कोई जानकारी नहीं थी। भाकियू नेताओं के आने पर मामले का पता चल सका। कर्मचारी ने एक लिफाफा वापस किया है, लेकिन उसमें क्या था मुझे जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार
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खुटार के गांव नवाजपुर निवासी भाकियू कार्यकर्ता सिंघाड़ा सिंह का पड़ोसियों से विवाद हो गया था। उन्होंने थाने जाकर तहरीर दी तो पुलिस ने उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए खुटार पीएचसी भेजा। वहां अच्छा मेडिकल करने के नाम पर एक कर्मचारी ने उनसे पांच हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर मेडिकल ठीक न करने की बात कही। कर्मचारी की बातों में आकर परिवार के लोगों ने रुपये दे दिए। सिंघाड़ा सिंह को जानकारी हुई तो उन्होंने पूरे मामले से जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह को अवगत कराया। सूचना पर महेंद्र पाल, जिला महासचिव राशिराम वर्मा, जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभारी डॉ. संजीव कुमार से मिलकर नाराजगी जताई। प्रभारी ने कर्मचारी को बुलाकर सबके सामने रुपये वापस कराए, जिसका लोगों ने वीडियो बना लिया।
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इस दौरान भाकियू नेताओं ने हंगामा किया और रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। उधर, रुपये लेने वाले कर्मचारी का कहना है कि उससे डॉक्टर ने लिफाफा लेकर रख लेने को कहा था। उसे जानकारी नहीं थी कि लिफाफे में क्या रखा है। हंगामा होने पर उसे लिफाफे में रुपये होने का पता चल सका। पीएचसी प्रभारी से बातचीत और रुपये वापस किए जाने का वीडियो वायरल होने से अस्पताल कर्मियों में खलबली मची हुई है।
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कार्यकर्ता सिंघाड़ा सिंह से जबरन पांच हजार रुपये रिश्वत ली गई। जानकारी पाकर वह पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और रुपये वापस कराए। अधिकारियों को अवगत करा दिया है। - महेंद्र पाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष भाकियू
मुझे लिफाफा लिए जाने की कोई जानकारी नहीं थी। भाकियू नेताओं के आने पर मामले का पता चल सका। कर्मचारी ने एक लिफाफा वापस किया है, लेकिन उसमें क्या था मुझे जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार