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पाक ही नहीं, चीन भी है आतंकवाद का पोषक
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:16 AM IST
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पाक ही नहीं, चीन भी है आतंकवाद का पोषक
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पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद का कहना है कि पाकिस्तान ही नहीं, चीन भी आंतकवाद का पोषक है। यही कारण है कि जब दक्षिण एशिया में आतंकी संगठन आईएस का नेटवर्क दिनोंदिन बढ़ रहा है, तब वह चीन की ओर आंख उठाकर भी नहीं देख रहा है। इससे संदेह और भी गहरा जाता है कि आतंकियों को पाकिस्तान के साथ चीन भी कहीं न कहीं पोषण दे रहा है।
पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले के संबंध में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चीन और आईएस में तालमेल चल रहा है और दोनों में पाकिस्तान की ही तरह मधुर संबंध भी हैं। चीन इस्लामिक कट्टरता को स्वीकार कर भारत को नुकसान पहुंचाने की फिराक में है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में जिस तरह पूरे विश्व से भारत को समर्थन मिल रहा है, उससे पाकिस्तान और चीन अलग-थलग पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आईएस की चुनौती बढ़ रही है, यदि देश का नेतृत्व कमजोर होगा तो आतंकवाद संभाले नहीं संभलेगा। सशक्त नेतृत्व के कारण ही पड़ोसी देश से घुसपैठ में कमी आई है और पाकिस्तान मंसूबा उस तरह पूरा नहीं हो पा रहा है, जैसा होता रहा है।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमाएं नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ी होने के कारण यूपी सरकार की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। आईएस संगठन नेपाल में सक्रिय हो चुका है। आतंकियों से निपटने के लिए केंद्र की तरह प्रदेश सरकार को भी राष्ट्रवादी सोच बनाने की जरूरत है। एक सवाल के जवाब में चिन्मयानंद ने कहा कि हमले के बाद पाकिस्तान पर आरोप लगाना बांग्लादेश की राजनीतिक बयानबाजी है, जबकि सच्चाई यह है कि यह घटना आंतकवादी संगठन आईएस से जुड़ी है।
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इंटेलीजेंस एजेंसियों की सूचना पर गिरफ़्तार किए गए संदिग्धों की वकालत करने वाले और उन्हें कानूनी सहायता देने की बात करने वाले ऑल इंडिया मजलिसे एत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईए) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि ओवैसी पुलिस, आर्मी, इंटेलीजेंस के काम में दखल दे रहे है। खुफिया एजेंसियों के कार्यों से आखिर ओवैसी को दिक्कत क्या हो रही है, इस ओर भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटेलीजेंस को दोष देने के बजाय ओवैसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवैसी बांग्लादेश पर हुए हमले पर चुप क्यों हैं।
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पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले के संबंध में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चीन और आईएस में तालमेल चल रहा है और दोनों में पाकिस्तान की ही तरह मधुर संबंध भी हैं। चीन इस्लामिक कट्टरता को स्वीकार कर भारत को नुकसान पहुंचाने की फिराक में है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में जिस तरह पूरे विश्व से भारत को समर्थन मिल रहा है, उससे पाकिस्तान और चीन अलग-थलग पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आईएस की चुनौती बढ़ रही है, यदि देश का नेतृत्व कमजोर होगा तो आतंकवाद संभाले नहीं संभलेगा। सशक्त नेतृत्व के कारण ही पड़ोसी देश से घुसपैठ में कमी आई है और पाकिस्तान मंसूबा उस तरह पूरा नहीं हो पा रहा है, जैसा होता रहा है।
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पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमाएं नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ी होने के कारण यूपी सरकार की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। आईएस संगठन नेपाल में सक्रिय हो चुका है। आतंकियों से निपटने के लिए केंद्र की तरह प्रदेश सरकार को भी राष्ट्रवादी सोच बनाने की जरूरत है। एक सवाल के जवाब में चिन्मयानंद ने कहा कि हमले के बाद पाकिस्तान पर आरोप लगाना बांग्लादेश की राजनीतिक बयानबाजी है, जबकि सच्चाई यह है कि यह घटना आंतकवादी संगठन आईएस से जुड़ी है।
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इंटेलीजेंस एजेंसियों की सूचना पर गिरफ़्तार किए गए संदिग्धों की वकालत करने वाले और उन्हें कानूनी सहायता देने की बात करने वाले ऑल इंडिया मजलिसे एत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईए) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि ओवैसी पुलिस, आर्मी, इंटेलीजेंस के काम में दखल दे रहे है। खुफिया एजेंसियों के कार्यों से आखिर ओवैसी को दिक्कत क्या हो रही है, इस ओर भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटेलीजेंस को दोष देने के बजाय ओवैसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवैसी बांग्लादेश पर हुए हमले पर चुप क्यों हैं।