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मुख्यमंत्री जी! परशुराम मंदिर को भी पर्यटक स्थल घोषित कर दें

Fri, 17 Jun 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Fri, 17 Jun 2016 10:40 PM IST
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Chief Minister ! Parshuram temple declared a tourist destination should also
मुख्यमंत्री जी! परशुराम मंदिर को भी पर्यटक स्थल घोषित कर दें
मुख्यमंत्री जी! भगवान परशुराम मंदिर, रामताल और उससे जुड़े क्षेत्र के अन्य पौराणिक स्थलों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कराने को वर्र्ष 2013 में आप द्वारा की गई घोषणा अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। भगवान परशुराम की इस पावन जन्म भूमि वाले जनपद में आज हो रहे आपके आगमन पर न केवल यह सवाल पुन: मौजूं है बल्कि जनपद के लोगों की उम्मीदें भी फिर बलवती हो उठी हैं कि यदि इस ओर आपकी नजरें इनायत हो जाएं तो हमारे गौरवशाली अतीत से जुड़े उक्त पौराणिक स्थलों को संरक्षण मिलने के साथ ही तमाम भक्तों की मुराद भी पूरी हो जाएगी। बता दें कि वर्ष 2013 में परशुराम जयंती पर लखनऊ में आयोजित हुए ब्राह्मण सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद आप द्वारा जलालाबाद स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली तथा उससे जुडे़ अन्य स्थलों का सौंदर्यीकरण कराकर समूचे क्षेत्र को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कराने के किए गए वादे के बाद क्षेत्र की जनता का खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन करीब तीन साल गुजरने के बाद भी अभी तक इस दिशा में कोई काम आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा।
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दो बार हो चुका है सर्वे
भगवान परशुराम की जन्मस्थली होने का गौरव सहेजे इस नगरी को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कराए जाने की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए वर्ष 2006-07 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बरेली को निर्देश देकर इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना भेजने को कहा था, जिसके अनुपालन में पर्यटन विभाग बरेली से आई पांच सदस्यीय टीम ने व्यापक सर्वे कर एक करोड़ 21 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा, लेकिन इसके बाद कोई कार्य आगे नहीं बढ़ा। लगातार जोर पकड़ती जा रही उक्त मांग के बीच जब वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किए गए वादे के भी जब कोई कार्य आगे न बढ़ा तब परशुराम जन्म भूमि प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने बीते साल के अक्तूबर में लखनऊ जाकर वादा पूरा कराये जाने संबंधी ज्ञापन दिया। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से विशेष सचिव मुथुकुमार स्वामी बी को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। इसके कुछ दिन बाद ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता आरबी शुक्ला तथा कानपुर से आई एक टीम ने माता रेणुका मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर पुलिया निर्माण, रामताल का सौंदर्यीकरण तथा इसी से होकर मंदिर तक जाने के लिए रोड का निर्माण कराने समेत कई अन्य कार्यों के लिए 11 करोड़ का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन इस प्रस्ताव के भी फिलहाल ठंडे बस्ते के हवाले हो जाने से निराश भक्तों को आपके आगमन से एक बार पुन: उम्मीद जगी है। 
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वृहद आंदोलन छेड़ने की तैयारी
इस संबंध में पूछे जाने पर परशुराम मंदिर के महंत सत्यदेव पांडेय काफी व्यथित नजर आए। बोले केंद्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा तमाम बार घोषणाएं तो की गईं, लेकिन वह केवल हवाई साबित हुई है। इससे संत समाज तथा भक्तों में नाराजगी है। बताया कि इस मांग को लेकर परशुराम मंदिर से लखनऊ तक पदयात्रा निकालने की योजना पर विचार विमर्श चल रहा है। जल्द ही इसकी रूपरेखा तैयार कर आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
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