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ब्लैकमेलिंग से परेशान टीचर ने फांसी लगा ली
Shahjahanpur
Updated Tue, 24 Jun 2014 05:33 AM IST
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डीएम कंपाउंड में पिता के साथ रहती थी बा स्कूल की शिक्षिका
वार्डन पर ब्लैकमेल करने का आरोप, सुसाइड नोट में क्लिपिंग का भी जिक्र
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। कांट के पड़ेंचा गांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका नेहा ने सोमवार शाम करीब पांच बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह एडीजे चतुर्थ के कोर्ट में क्लर्क अपने पिता सुरेशपाल और परिवार के साथ डीएम कंपाउंड के क्वार्टर में रहती थी। नेहा ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने इस आत्मघाती कदम के लिए स्कूल की वार्डन शिखा भारती को जिम्मेदार ठहराया है।
करीब 22 वर्षीय नेहा घटना के वक्त घर में अकेली ही थी। पिता सुरेशपाल छोटी बेटी के दाखिले के लिए लखनऊ गए हुए थे। मां भी पड़ोस में अपने भाई के घर गई थी। मां जब लौटकर आईं तो बेटी को कमरे में पंखे में दुपट्टे के फंदे से झूलता देख सन्न रह गईं। सूचना पर सुरेशपाल भी रात करीब साढ़े नौ बजे लौट आए। मौके पर मिले सुसाइड नोट को पढ़ने के बाद वार्डन के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के लिए वह सदर बाजार थाने पहुंचे। इस नोट के आधार पर ही उन्होंने पुलिस को बताया कि वार्डन शिखा भारती ने 15 दिन पहले बीएसए से उनकी बेटी की झूठी शिकायत कर दी थी। इस पर नेहा को नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद भी शिखा फोन करके उसे परेशान करती रही। इसकी शिकायत डीएम से की गई तो उन्होेंने जांच कमेटी बना दी। इससे चिढ़ी वार्डन ने नेहा को धमकाया। इसी से परेशान होकर नेहा ने आत्महत्या की। सुसाइड नोट में वीडियो क्लिपिंग का भी जिक्र किया गया है।
वार्डन पर ब्लैकमेल करने का आरोप, सुसाइड नोट में क्लिपिंग का भी जिक्र
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। कांट के पड़ेंचा गांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका नेहा ने सोमवार शाम करीब पांच बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह एडीजे चतुर्थ के कोर्ट में क्लर्क अपने पिता सुरेशपाल और परिवार के साथ डीएम कंपाउंड के क्वार्टर में रहती थी। नेहा ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने इस आत्मघाती कदम के लिए स्कूल की वार्डन शिखा भारती को जिम्मेदार ठहराया है।
करीब 22 वर्षीय नेहा घटना के वक्त घर में अकेली ही थी। पिता सुरेशपाल छोटी बेटी के दाखिले के लिए लखनऊ गए हुए थे। मां भी पड़ोस में अपने भाई के घर गई थी। मां जब लौटकर आईं तो बेटी को कमरे में पंखे में दुपट्टे के फंदे से झूलता देख सन्न रह गईं। सूचना पर सुरेशपाल भी रात करीब साढ़े नौ बजे लौट आए। मौके पर मिले सुसाइड नोट को पढ़ने के बाद वार्डन के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के लिए वह सदर बाजार थाने पहुंचे। इस नोट के आधार पर ही उन्होंने पुलिस को बताया कि वार्डन शिखा भारती ने 15 दिन पहले बीएसए से उनकी बेटी की झूठी शिकायत कर दी थी। इस पर नेहा को नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद भी शिखा फोन करके उसे परेशान करती रही। इसकी शिकायत डीएम से की गई तो उन्होेंने जांच कमेटी बना दी। इससे चिढ़ी वार्डन ने नेहा को धमकाया। इसी से परेशान होकर नेहा ने आत्महत्या की। सुसाइड नोट में वीडियो क्लिपिंग का भी जिक्र किया गया है।
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