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परशुराम जन्मभूमि पर बनाएंगे मंदिर
Shahjahanpur
Updated Mon, 30 Sep 2013 05:42 AM IST
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जलालाबाद में आयोजित सम्मेलन में जुटे दो दर्जन जिलों के लोग
- पर्यटन स्थल के लिए सरकार का मुंह न ताकने पर बनी सहमति
- मौजूदा मुख्यमंत्री समेत पिछली दूसरी सरकारों पर दिखा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। परशुराम जन्मभूमि को पर्यटक स्थल बनाने के तमाम वायदों के बावजूद अब तक कुछ न होने पर ब्राह्मण समाज में उबाल दिखा। परशुराम संघर्ष समिति और परशुराम जन्म भूमि प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वाधान में परशुराम मंदिर पर ब्राह्मणों के विराट सम्मेलन में यह गुस्सा दिखा। इस सम्मेलन में दो दर्जन से अधिक जिलों से लोग जुटे थे। तय हुआ कि सरकारों का मुुंह ताकने के बजाए अब समाज के लोग ही आपसी सहयोग से मंदिर निर्माण करेंगे। साथ ही रामताल के सौंदर्य कराने का उद्घोष किया गया। सम्मेलन के दौरान तर्क-वितर्क भी सामने आए, मगर बाद में सब एक ही बात पर सहमत हुए।
कार्यक्रम में समिति के केंद्रीय संयोजक सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सागर शर्मा ने कहा कि परशुराम की इस पावन नगरी को राम एवं श्रीकृष्ण जन्म भूमि के समकक्ष तीर्थ स्थल का दर्जा दिलाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य के लिए प्रदेश का ही नहीं वरन पूरे देश का ब्राह्मण एकजुट है। बोले, इस अभियान को अंजाम तक पहुंचने को शीघ्र ही समिति के बैनर तले संपर्क शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मण अपनी ताकत को पहचाने और एकजुट हों। इस दौरान समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने कहा कि 12 मई 2013 को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली को पर्यटक स्थल के रुप में विकसित करने की घोषणा की थी, मगर अब तक वह घोषणा हवाई साबित हुई है। इससे तय हो गया है कि उनकी नीयत में खोट है।
अभिनंदन तिवारी ने कहा कि लंबे समय से की जा रही मांग के बावजूद प्रदेश में सत्तारुढ़ रहीं विभिन्न सरकारों ने कोरे वायदे ही किए, यथार्थ में कुछ नहीं किया। बोले, अब ब्राह्मण समाज सरकारों के आगे हाथ फैलाने के बजाय इस पुनीत कार्य के लिए स्वयं आगे आएगा। इसके लिए जनजागरण कर आपसी सहयोग से मंदिर का भव्य निर्माण और रामताल का सौंदर्यीकरण कराकर यहां विश्व स्तरीय पर्यटक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। सम्मेलन में चेयरमैन संजय पाठक, विनोद चन्द्र शर्मा, गोपाल मोहन द्विवेदी, मुन्नूू लाल मिश्रा समेत विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों ने अपने विचारों में मंदिर के भव्य निर्माण के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता मंदिर के महंत सत्यदेव पांडेय और संचालन एसपी त्रिपाठी ने किया।
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इन जिलोें से आए लोग
फिरोजाबाद, बुलंदशहर, बदायूं, मुरादाबाद, बरेली, मैनपुरी, मथुरा, आगरा, फर्रुखाबाद, लखीमपुर, सीतापुर, फैजाबाद, लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, कानपुर, औरेया, कन्नौज, गोला गोकर्णनाथ, बहराइच समेत करीब दो दर्जन जनपदों से आये ब्राह्मण समाज के लोगों ने शिरकत की।
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- पर्यटन स्थल के लिए सरकार का मुंह न ताकने पर बनी सहमति
- मौजूदा मुख्यमंत्री समेत पिछली दूसरी सरकारों पर दिखा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। परशुराम जन्मभूमि को पर्यटक स्थल बनाने के तमाम वायदों के बावजूद अब तक कुछ न होने पर ब्राह्मण समाज में उबाल दिखा। परशुराम संघर्ष समिति और परशुराम जन्म भूमि प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वाधान में परशुराम मंदिर पर ब्राह्मणों के विराट सम्मेलन में यह गुस्सा दिखा। इस सम्मेलन में दो दर्जन से अधिक जिलों से लोग जुटे थे। तय हुआ कि सरकारों का मुुंह ताकने के बजाए अब समाज के लोग ही आपसी सहयोग से मंदिर निर्माण करेंगे। साथ ही रामताल के सौंदर्य कराने का उद्घोष किया गया। सम्मेलन के दौरान तर्क-वितर्क भी सामने आए, मगर बाद में सब एक ही बात पर सहमत हुए।
कार्यक्रम में समिति के केंद्रीय संयोजक सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सागर शर्मा ने कहा कि परशुराम की इस पावन नगरी को राम एवं श्रीकृष्ण जन्म भूमि के समकक्ष तीर्थ स्थल का दर्जा दिलाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य के लिए प्रदेश का ही नहीं वरन पूरे देश का ब्राह्मण एकजुट है। बोले, इस अभियान को अंजाम तक पहुंचने को शीघ्र ही समिति के बैनर तले संपर्क शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मण अपनी ताकत को पहचाने और एकजुट हों। इस दौरान समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने कहा कि 12 मई 2013 को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली को पर्यटक स्थल के रुप में विकसित करने की घोषणा की थी, मगर अब तक वह घोषणा हवाई साबित हुई है। इससे तय हो गया है कि उनकी नीयत में खोट है।
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अभिनंदन तिवारी ने कहा कि लंबे समय से की जा रही मांग के बावजूद प्रदेश में सत्तारुढ़ रहीं विभिन्न सरकारों ने कोरे वायदे ही किए, यथार्थ में कुछ नहीं किया। बोले, अब ब्राह्मण समाज सरकारों के आगे हाथ फैलाने के बजाय इस पुनीत कार्य के लिए स्वयं आगे आएगा। इसके लिए जनजागरण कर आपसी सहयोग से मंदिर का भव्य निर्माण और रामताल का सौंदर्यीकरण कराकर यहां विश्व स्तरीय पर्यटक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। सम्मेलन में चेयरमैन संजय पाठक, विनोद चन्द्र शर्मा, गोपाल मोहन द्विवेदी, मुन्नूू लाल मिश्रा समेत विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों ने अपने विचारों में मंदिर के भव्य निर्माण के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता मंदिर के महंत सत्यदेव पांडेय और संचालन एसपी त्रिपाठी ने किया।
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फिरोजाबाद, बुलंदशहर, बदायूं, मुरादाबाद, बरेली, मैनपुरी, मथुरा, आगरा, फर्रुखाबाद, लखीमपुर, सीतापुर, फैजाबाद, लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, कानपुर, औरेया, कन्नौज, गोला गोकर्णनाथ, बहराइच समेत करीब दो दर्जन जनपदों से आये ब्राह्मण समाज के लोगों ने शिरकत की।