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मोहब्बत की चिंगारी से जले दो घर
Shahjahanpur
Updated Tue, 13 Aug 2013 05:37 AM IST
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मेड़ के विवाद में 20 साल से चली आ रही थी रंजिश, रास नहीं आए मधुर संबंध
मोहम्मद सिद्दीक
शाहजहांपुर। कटरी में बसे दो परिवारों के बीच मेड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद नफरत का ऐसा बीज बो गया, जिसमें मधुर संबंध पनपने की गुंजाइश नहीं के बराबर थी। फिर भी एक पक्ष के युवक ने दूसरे पक्ष की लड़की के साथ मेलजोल बढ़ाने की हिमाकत की। इसके बाद जो कुछ हुआ वह दिल दहलाने वाला है। युवक और लड़की पहले गायब हो गए। फिर युवक का शव पेड़ पर लटका मिला। और अंत: प्रतिशोध में लड़की के पिता की जान ले ली गई। लड़की का भी अभी तक कुछ अता-पता नहीं है। न जाने वह किस हाल में है।
अति पिछड़े क्षेत्र में बसे कलान थाने के गांव चांदपुर की आबादी करीब तीन सौ है। गांव में युवक पप्पू की मौत और लड़की के पिता भइया लाल की हत्या के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शाहजहांपुर भेजा। पप्पू के शव के साथ तो कुछ ग्रामीण आए, लेकिन भइया लाल के शव को पुलिस ही यहां लेकर आई। पप्पू के शव को लेकर आए दो बुजुर्ग ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि सौदान सिंह के पिता गजराज और भइया लाल के बीच बीस साल पहले मेड़ को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पिछले बीस साल से कई बार दोनों पक्षों में झगड़ा फसाद और मारपीट हुई। समय के साथ रंजिश और गहरी होती चली गईं।
यह रंजिश उस समय और गहरी हो गई, जब पप्पू के दूसरे पक्ष की लड़की से संबंधों की जानकारी लड़की पक्ष को हुई। एक दूसरे के प्रति हमदर्दी रखने वाला पप्पू और दूसरे पक्ष की लड़की रविवार की शाम को लापता हो गए, तो दोनों परिवारों में की चिंता बढ़ गई। रात में पप्पू का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ देख उसके घरवाले बौखला गए। इसकी जानकारी पाकर भइया लाल का परिवार गांव छोड़ कर कहीं चला गया। भइया लाल गांव में ही कहीं छिपा हुआ था। आरोप है कि रात में ही किसी समय पप्पू पक्ष के लोगों ने उसको घेर लिया और खेत में ले जाकर फावड़े से काटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। गांव वाले कह रहे हैं कि बीस साल पहले मेड़ विवाद को लेकर शुरू हुई नफरत की आग पप्पू और दूसरे पक्ष की लड़की के संबंधों से ऐसी भड़की कि दो लोगों की जान जाने का सबब बन गई। लड़की का भी कुछ पता नहीं है, भगवान जाने वह किस हाल में है।
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पप्पू की मौत पोस्टमार्टम से साबित हुई हैंगिंग
सोमवार को पप्पू के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम में उसकी मौत हैंगिंग से होना पाया गया।
लड़की की तलाश में पुलिस ने खंगाले खेत
कलान। सोमवार को शाम के समय अफवाह उड़ी किभइया लाल की पुत्री को भी मार दिया गया है। उसका शव खेत में पड़ा हुआ है। इस सूचना पर एसपी देहात मुनिराज जी पुलिस फोर्स के साथ चांदपुर गांव पहुंचे। पुलिस ने गांव के आसपास खेतों में लड़की की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। एसपी देहात ने बताया कि यह सिर्फ अफवाह थी। लापता लड़की को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस चाहती तो बच जाती हत्या की वारदात
सौदान सिंह ने बताया कि उसके पुत्र पप्पू की हत्या करने के बाद भइया लाल थाने पहुंच गया और उसने अपनी पुत्री के लापता होने की झूठी सूचना पुलिस को दी। सौदान ने बताया कि जब उन्हें अपने पुत्र की हत्या की जानकारी हुई तो वह पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे, लेकिन पुलिस ने एक न सुनीं। बताया जाता है कि अगर थाने आए भइया लाल को पुलिस बैठा लेती तो शायद उसकी जान बच जाती।
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मोहम्मद सिद्दीक
शाहजहांपुर। कटरी में बसे दो परिवारों के बीच मेड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद नफरत का ऐसा बीज बो गया, जिसमें मधुर संबंध पनपने की गुंजाइश नहीं के बराबर थी। फिर भी एक पक्ष के युवक ने दूसरे पक्ष की लड़की के साथ मेलजोल बढ़ाने की हिमाकत की। इसके बाद जो कुछ हुआ वह दिल दहलाने वाला है। युवक और लड़की पहले गायब हो गए। फिर युवक का शव पेड़ पर लटका मिला। और अंत: प्रतिशोध में लड़की के पिता की जान ले ली गई। लड़की का भी अभी तक कुछ अता-पता नहीं है। न जाने वह किस हाल में है।
अति पिछड़े क्षेत्र में बसे कलान थाने के गांव चांदपुर की आबादी करीब तीन सौ है। गांव में युवक पप्पू की मौत और लड़की के पिता भइया लाल की हत्या के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शाहजहांपुर भेजा। पप्पू के शव के साथ तो कुछ ग्रामीण आए, लेकिन भइया लाल के शव को पुलिस ही यहां लेकर आई। पप्पू के शव को लेकर आए दो बुजुर्ग ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि सौदान सिंह के पिता गजराज और भइया लाल के बीच बीस साल पहले मेड़ को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पिछले बीस साल से कई बार दोनों पक्षों में झगड़ा फसाद और मारपीट हुई। समय के साथ रंजिश और गहरी होती चली गईं।
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यह रंजिश उस समय और गहरी हो गई, जब पप्पू के दूसरे पक्ष की लड़की से संबंधों की जानकारी लड़की पक्ष को हुई। एक दूसरे के प्रति हमदर्दी रखने वाला पप्पू और दूसरे पक्ष की लड़की रविवार की शाम को लापता हो गए, तो दोनों परिवारों में की चिंता बढ़ गई। रात में पप्पू का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ देख उसके घरवाले बौखला गए। इसकी जानकारी पाकर भइया लाल का परिवार गांव छोड़ कर कहीं चला गया। भइया लाल गांव में ही कहीं छिपा हुआ था। आरोप है कि रात में ही किसी समय पप्पू पक्ष के लोगों ने उसको घेर लिया और खेत में ले जाकर फावड़े से काटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। गांव वाले कह रहे हैं कि बीस साल पहले मेड़ विवाद को लेकर शुरू हुई नफरत की आग पप्पू और दूसरे पक्ष की लड़की के संबंधों से ऐसी भड़की कि दो लोगों की जान जाने का सबब बन गई। लड़की का भी कुछ पता नहीं है, भगवान जाने वह किस हाल में है।
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पप्पू की मौत पोस्टमार्टम से साबित हुई हैंगिंग
सोमवार को पप्पू के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम में उसकी मौत हैंगिंग से होना पाया गया।
लड़की की तलाश में पुलिस ने खंगाले खेत
कलान। सोमवार को शाम के समय अफवाह उड़ी किभइया लाल की पुत्री को भी मार दिया गया है। उसका शव खेत में पड़ा हुआ है। इस सूचना पर एसपी देहात मुनिराज जी पुलिस फोर्स के साथ चांदपुर गांव पहुंचे। पुलिस ने गांव के आसपास खेतों में लड़की की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। एसपी देहात ने बताया कि यह सिर्फ अफवाह थी। लापता लड़की को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस चाहती तो बच जाती हत्या की वारदात
सौदान सिंह ने बताया कि उसके पुत्र पप्पू की हत्या करने के बाद भइया लाल थाने पहुंच गया और उसने अपनी पुत्री के लापता होने की झूठी सूचना पुलिस को दी। सौदान ने बताया कि जब उन्हें अपने पुत्र की हत्या की जानकारी हुई तो वह पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे, लेकिन पुलिस ने एक न सुनीं। बताया जाता है कि अगर थाने आए भइया लाल को पुलिस बैठा लेती तो शायद उसकी जान बच जाती।