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शाही इमाम बुखारी ने सपा से नाता तोड़ा

Sat, 16 Mar 2013 08:28 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Sat, 16 Mar 2013 08:28 AM IST
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shahi imam syed ahmed bukhari broke relation with samajwadi party

अखिलेश सरकार के एक साल पूरे होने के जश्न के बीच दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ने का ऐलान किया है।

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बुखारी ने मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और सपा सरकार पर मुसलमानों से वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। एक साल में सपा सरकार किसी वादे पर अमल करती नहीं दिखी जो चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव ने उनसे और मुसलमानों से किए थे।
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इमाम ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ने के सिलसिले में मुलायम सिंह यादव को चिट्ठी भेज दी है। साथ ही बुखारी ने अपने रिश्तेदार सपा नेताओं को पार्टी से नाता तोड़ने को कहा है। बुखारी के मुताबिक नागरिक सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष वसीम अहमद खां ने त्यागपत्र सौंप दिया है। सपा कोटे से विधान परिषद सदस्य बनाए गए दामाद उमर अली खान से भी त्यागपत्र देने को कहा गया है।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में मौलाना बुखारी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने जिलों में तैनात किए जाने वाले अधिकारियों में मुस्लिम अधिकारियों की संख्या बढ़ाने का वादा किया था। पर इस वादे पर अमल नहीं किया गया।

पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में कई जगह दंगे भी हुए। बतौर शाही इमाम मेरी कोशिश है कि मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाऊं। मैं प्रदेश के निराशाजनक हालात देखकर समाजवादी पार्टी से अपने संबंध खत्म करने की घोषणा कर रहा हूं।

नाम लिए बगैर आजम पर भी निशाना
मौलाना बुखारी ने मोहम्मद आजम खां का नाम न लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक ऐसे आदमी को वजीर बनाकर साथ लिए घूमते हैं, जिससे मुसलमान नफरत करते हैं। मुसलमानों की पीड़ा कम से कम मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसलिए मैंने अब सपा व मुलायम सिंह यादव से नाता तोड़ने का फैसला कर लिया है।

वसीम का इस्तीफा, उमर भी देंगे
मौलाना बुखारी के अनुसार, वसीम अहमद खान का त्यागपत्र वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज रहे हैं। वसीम ने इस्तीफे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मौलाना के कहने पर ही उन्हें अध्यक्ष बनाया गया था। इसलिए उन्होंने मौलाना को ही अपना इस्तीफा दे दिया। उमर ने बताया कि वे दिल्ली जा रहे हैं। मौलाना जैसा उनसे कहेंगे, वह करेंगे।

इटावा में सम्मेलन का ऐलान
मौलाना बुखारी के अनुसार वे 21 अप्रैल को इटावा जा रहे हैं। वहां वह एक सम्मेलन में शामिल होंगे। इटावा के मुसलमानों ने उन्हें बुलाया है। माना जा रहा है कि इस सम्मेलन के पीछे बुखारी की रणनीति मुलायम सिंह यादव पर दबाव बनाने की है।


पहले भी दिखा चुके हैं नाराजगी
मौलाना बुखारी बीच में भी सरकार को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। विधान परिषद चुनाव के समय भी उनकी नाराजगी सामने आई थी। उससे पहले मंत्रिमंडल गठन को लेकर उनकी नाराजगी सामने आई थी। आजम को लेकर भी उन्होंने सपा पर निशाना साधा था। आजम ने भी उन पर पलटवार किया था।

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