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पहले जुमा पर लोगों ने अदा किया नमाज
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:37 PM IST
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नमाज पढ़ते लोग।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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रमजानुल मुबारक के पहले जुमा के मौके पर मस्जिदों में भारी भीड़ रही। रोजेदारों ने जुमा की नमाज अदा करके खुदा से उसकी रहमत की दुआ किया। साथ ही मुल्क में अमन शांति और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं।
क्षेत्र के प्रमुख गांवों और चौराहों पर स्थित मस्जिदों में सामान्य दिनों की तरह जुमा की नमाज का आयोजन किया गया, लेकिन सामान्य दिनों की अपेक्षा नमाजियों में विशेष उत्साह देखा गया। क्षेत्र के ग्राम लोहरौली, अगया, दुधारा, बाघनगर, करही आदि गांवों में स्थित मस्जिदों में नमाजियों की काफी भीड़ रही। सेमरियावां जामा मस्जिद के इमाम कारी अख्तर हुसैन नसीमी ने लोगों को खेताब किया। उन्होंने कहा कि रमजानुल मुबारक खुदा ताला की खास रहमतों का महीना है। इस महीने में की जाने वाली इबादतों का सवाब बढ़ा दिया जाता है। ऐसे में हर मुसलमान को जिंदगी में मिले इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान में भूखे प्यासे रहने का हुक्म इसलिए भी दिया गया है कि लोगों को अपने से कमतर लोगों की परेशानियों का एहसास हो। साथ ऐसे लोगों के बारे में भी हम सोचने को मजबूर हों जो गरीबी की वजह से दो वक्त की रोटी को मुहताज हैं।
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क्षेत्र के प्रमुख गांवों और चौराहों पर स्थित मस्जिदों में सामान्य दिनों की तरह जुमा की नमाज का आयोजन किया गया, लेकिन सामान्य दिनों की अपेक्षा नमाजियों में विशेष उत्साह देखा गया। क्षेत्र के ग्राम लोहरौली, अगया, दुधारा, बाघनगर, करही आदि गांवों में स्थित मस्जिदों में नमाजियों की काफी भीड़ रही। सेमरियावां जामा मस्जिद के इमाम कारी अख्तर हुसैन नसीमी ने लोगों को खेताब किया। उन्होंने कहा कि रमजानुल मुबारक खुदा ताला की खास रहमतों का महीना है। इस महीने में की जाने वाली इबादतों का सवाब बढ़ा दिया जाता है। ऐसे में हर मुसलमान को जिंदगी में मिले इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान में भूखे प्यासे रहने का हुक्म इसलिए भी दिया गया है कि लोगों को अपने से कमतर लोगों की परेशानियों का एहसास हो। साथ ऐसे लोगों के बारे में भी हम सोचने को मजबूर हों जो गरीबी की वजह से दो वक्त की रोटी को मुहताज हैं।
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