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Sant Kabir Nagar News: बंदरों के आतंक से ग्रामीण हुए परेशान, किया प्रदर्शन
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बारीडीहा गांव में बंदरों के आतंक से प्रदर्शन करते ग्रामीण-संवाद
लोहरैया। धनघटा तहसील क्षेत्र के बारीडीहा गांव में बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध-प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग और तहसील प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है। बंदरों के झुंड के कारण खेती-किसानी के साथ-साथ लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण उषा देवी, मनराजी देवी, इंद्रावती देवी, रीता यादव, पन्नेलाल ने बताया कि बंदर खेतों में बोई गई फसलों को बड़े पैमाने पर नष्ट कर रहे हैं। घरों की छतों पर सूखने के लिए डाले गए कपड़ों को उठा ले जाते हैं। अब तो बंदर सीढ़ियों के रास्ते घरों की रसोई तक पहुंचने लगे हैं और वहां रखा सामान खाकर बिखेर देते हैं।
इसके अलावा, राहगीरों पर हमला करने और पेड़ों की डालियां तोड़कर नुकसान पहुंचाने की भी शिकायतें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ों की संख्या में बंदर झुंड बनाकर गांव में घूमते हैं। यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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पूर्व प्रधान मंजू चौरसिया की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में प्रमोद, श्रीकृष्ण, रमेश चौरसिया, कमलेश, सभाजीत और राजेंद्र सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग और तहसील प्रशासन से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाकर गांव को इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग की है। ब्लॉक स्तर पर बंदर को पकड़ने वाला कोई प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं है। अतः वन विभाग को पत्र लिखा जाएगा कि ग्राम पंचायत में बंदर पकड़े।
-आनंद मोहन वर्मा, एडीओ, पंचायत हैंसर बाजार
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ग्रामीण उषा देवी, मनराजी देवी, इंद्रावती देवी, रीता यादव, पन्नेलाल ने बताया कि बंदर खेतों में बोई गई फसलों को बड़े पैमाने पर नष्ट कर रहे हैं। घरों की छतों पर सूखने के लिए डाले गए कपड़ों को उठा ले जाते हैं। अब तो बंदर सीढ़ियों के रास्ते घरों की रसोई तक पहुंचने लगे हैं और वहां रखा सामान खाकर बिखेर देते हैं।
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इसके अलावा, राहगीरों पर हमला करने और पेड़ों की डालियां तोड़कर नुकसान पहुंचाने की भी शिकायतें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ों की संख्या में बंदर झुंड बनाकर गांव में घूमते हैं। यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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पूर्व प्रधान मंजू चौरसिया की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में प्रमोद, श्रीकृष्ण, रमेश चौरसिया, कमलेश, सभाजीत और राजेंद्र सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग और तहसील प्रशासन से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाकर गांव को इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग की है। ब्लॉक स्तर पर बंदर को पकड़ने वाला कोई प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं है। अतः वन विभाग को पत्र लिखा जाएगा कि ग्राम पंचायत में बंदर पकड़े।
-आनंद मोहन वर्मा, एडीओ, पंचायत हैंसर बाजार