{"_id":"69ff7637152b74c46e03c81f","slug":"villagers-question-the-poultry-farm-inspection-report-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-150285-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: पोल्ट्री-फाॅर्म की जांच में रिपोर्ट पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: पोल्ट्री-फाॅर्म की जांच में रिपोर्ट पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
विज्ञापन
हरिहरपुर। डीएम के निर्देश पर आबादी के बीच चल रहे पोल्ट्री फाॅर्म की जांच करने पहुंची पुलिस और पशु चिकित्साधिकारी ने पोल्ट्री फाॅर्म को ही क्लीन चिट दे दी। जांच में पशु चिकित्साधिकारी ने ग्राम प्रधान और मुर्गी फाॅर्म में काम करने वाले एक व्यक्ति की अनापत्ति पर पोल्ट्री फाॅर्म को जायज ठहरा दिया, जबकि महुली पुलिस ने जांच में शिकायतकर्ता के आरोप को ही झूठा करार दिया।
हिरदयीपुर गांव निवासी विवेक कुमार श्रीवास्तव सहित कई ग्रामीणों ने गांव में आबादी के बीच चल रहे पोल्ट्री फाॅर्म को हटाने के लिए डीएम से गुहार लगाई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि आबादी के बीच चल रहे मुर्गी फाॅर्म की गंदगी से उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो गया है। लोगों ने गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका भी जताई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने मुर्गी फाॅर्म की जांच के निर्देश दिए थे।
25 अप्रैल को पोल्ट्री फाॅर्म की जांच करने पहुंचे नाथनगर के पशु चिकित्साधिकारी अजित सिंह ने ग्राम प्रधान से इस आशय का पत्र ले लिया कि पोल्ट्री फाॅर्म से कोई आपत्ति नहीं है, जबकि ग्राम प्रधान का निवास ग्राम पंचायत के दूसरे पुरवा पर स्थित है और वह पोल्ट्री फाॅर्म से करीब एक किलोमीटर दूर है।
विज्ञापन
पोल्ट्री फाॅर्म में काम करने वाले एक ग्रामीण से भी अनापत्ति का पत्र लेकर रिपोर्ट में पोल्ट्री फाॅर्म को क्लीन चिट देते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को रिपोर्ट भेज दी। ऐसी ही जांच मुकामी पुलिस की भी रही। 12 अप्रैल को जांच के लिए मौके पर गई पुलिस को शिकायतकर्ता का आरोप ही झूठा लगा। पुलिस ने भी पोल्ट्री फाॅर्म के पक्ष में अपनी रिपोर्ट लगाते हुए दोनों पर शांतिभंग की कार्रवाई कर मामले से पल्ला झाड़ लिया।
शिकायतकर्ता विवेक कुमार श्रीवास्तव और पीड़ित ग्रामीणों का कहना है जांचकर्ता की रिपोर्ट ही संदिग्ध है।
0000000000000000000
राजस्व टीम की जांच में पोल्ट्री फाॅर्म अवैध
हरिहरपुर। आईजीआरएस पोर्टल पर महुली क्षेत्र के हिरदयीपुर गांव निवासी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने आबादी के बीच चल रहे मुर्गी फाॅर्म हटाने की गुहार लगाई थी। एसडीएम के निर्देश पर छह मई को जांच करने पहुंची राजस्व टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई। एसडीएम रविकांत चौबे ने संचालक को मुर्गी फाॅर्म में चूजों को डालने से मना करते हुए मौजूद मुर्गियों के बिकने के बाद आबादी के बीच चल रहे पोल्ट्री फाॅर्म को बंद करने की हिदायत दी है।
विज्ञापन
हिरदयीपुर गांव निवासी विवेक कुमार श्रीवास्तव सहित कई ग्रामीणों ने गांव में आबादी के बीच चल रहे पोल्ट्री फाॅर्म को हटाने के लिए डीएम से गुहार लगाई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि आबादी के बीच चल रहे मुर्गी फाॅर्म की गंदगी से उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो गया है। लोगों ने गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका भी जताई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने मुर्गी फाॅर्म की जांच के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
25 अप्रैल को पोल्ट्री फाॅर्म की जांच करने पहुंचे नाथनगर के पशु चिकित्साधिकारी अजित सिंह ने ग्राम प्रधान से इस आशय का पत्र ले लिया कि पोल्ट्री फाॅर्म से कोई आपत्ति नहीं है, जबकि ग्राम प्रधान का निवास ग्राम पंचायत के दूसरे पुरवा पर स्थित है और वह पोल्ट्री फाॅर्म से करीब एक किलोमीटर दूर है।
विज्ञापन
पोल्ट्री फाॅर्म में काम करने वाले एक ग्रामीण से भी अनापत्ति का पत्र लेकर रिपोर्ट में पोल्ट्री फाॅर्म को क्लीन चिट देते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को रिपोर्ट भेज दी। ऐसी ही जांच मुकामी पुलिस की भी रही। 12 अप्रैल को जांच के लिए मौके पर गई पुलिस को शिकायतकर्ता का आरोप ही झूठा लगा। पुलिस ने भी पोल्ट्री फाॅर्म के पक्ष में अपनी रिपोर्ट लगाते हुए दोनों पर शांतिभंग की कार्रवाई कर मामले से पल्ला झाड़ लिया।
शिकायतकर्ता विवेक कुमार श्रीवास्तव और पीड़ित ग्रामीणों का कहना है जांचकर्ता की रिपोर्ट ही संदिग्ध है।
0000000000000000000
राजस्व टीम की जांच में पोल्ट्री फाॅर्म अवैध
हरिहरपुर। आईजीआरएस पोर्टल पर महुली क्षेत्र के हिरदयीपुर गांव निवासी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने आबादी के बीच चल रहे मुर्गी फाॅर्म हटाने की गुहार लगाई थी। एसडीएम के निर्देश पर छह मई को जांच करने पहुंची राजस्व टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई। एसडीएम रविकांत चौबे ने संचालक को मुर्गी फाॅर्म में चूजों को डालने से मना करते हुए मौजूद मुर्गियों के बिकने के बाद आबादी के बीच चल रहे पोल्ट्री फाॅर्म को बंद करने की हिदायत दी है।