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Sant Kabir Nagar News: जीएसटी को लेकर थोक व्यापारियों में उहापोह में व्यापारी, अधिवक्ताओं से कर रहे संपर्क

Tue, 16 Sep 2025 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Tue, 16 Sep 2025 11:36 PM IST
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There is commotion among wholesale traders regarding GST, traders are contacting advocates
संतकबीरनगर। उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी को लेकर नया स्लैब बना दिया गया है, लेकिन अभी तक व्यापारियों में इस बात को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है कि उनके यहां जो पुराना माल है, उसका निस्तारण आखिर किस प्रकार होगा। पितृपक्ष होने के चलते व्यापारियों के गोदाम में भारी संख्या में माल पड़ा हुआ है।
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कारण यह है कि पितृपक्ष के दौरान हर वस्तु की बिक्री में गिरावट आई है। इसको लेकर व्यापारियों की अपनी-अपनी राय है। अभी तक राज्य कर विभाग से कोई स्पष्ट दिशा निर्देश इस संबंध में नहीं आया है कि व्यापारियों के पुराने माल का निस्तारण आखिर किस प्रकार से होगा। कारण यह है कि आगामी 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू हो जाएंगी, उस स्थिति में व्यापारियों के पास डंप पड़े पुराने माल का निस्तारण आखिर किस प्रकार से होगा।
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जीएसटी की नई दरों पर ही बेचेंगे पुराना माल : रमेश रुंगटा
तेल, घी, अनाज के थोक विक्रेता रमेश रुंगटा उर्फ दीनू रुंगटा बताते हैं कि जीएसटी को लेकर कोई उहापोह की स्थिति नहीं है। हमारा जो माल 12 प्रतिशत के स्लैब से 5 प्रतिशत के स्लैब में चला गया है। उसपर उसी हिसाब से जीएसटी लगाएंगे। मसलन हमारे 1000 रुपये के माल पर 120 रुपये जीएसटी लगती थी। हम उस माल को 1120 रुपये में बेचते थे। जब 5 प्रतिशत के स्लैब में जाएगा तो हम उसे 1050 रुपये में बेचेंगे। हमारा पुराना लागत मूल्य तो वही रहेगा, जितने में हमने लिया। हम तो सरकार को जीएसटी देते हैं। आम उपभोक्ता को इसका लाभ कुछ दिनों के बाद मिलेगा।
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अभी तक नहीं आया है कोई स्पष्ट दिशा निर्देश : वीरेन्द्र कुमार
उपभोक्ता वस्तुओं के थोक व्यवसायी वीरेन्द्र कुमार बताते हैं कि अभी तक विभाग से कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं आया है। हमने अपने जीएसटी अधिवक्ता से बात की है तो उन्होंने बताया कि दो दिन में कोई स्पष्ट निर्देश आएगा। उसी के आधार पर काम होगा। कई कंपनियों ने तो नई बिलिंग करनी बंद कर दी है। वह 22 के बाद नई बिलिंग करेंगे। अभी तो आईटीआर भरी जा रही है। सरकार इस मामले में कुछ राहत देगी, ताकि किसी प्रकार की कोई असुविधा व्यापारियों को न हो। सीए ने अपना स्टॉक नियमित तौर पर मेंटेन रखने के लिए कहा गया है। ताकि यह पता चले कि कितना माल है।
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सरकार के दिशा निर्देश के बाद ही साफ होगी स्थिति : जितेन्द्र कश्यप
उपभोक्ता वस्तुओं की कंपनी कैडबरी के मैनेजर जितेन्द्र कश्यप बताते हैं कि अभी कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिला है। जितने मुंह, उतनी तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं। कोई कह रहा है कि नया माल नई दर के साथ आएगा, तो कोई बता रहा है कि माल का वजन बढ़ा देंगे, पैकेट का मूल्य वही रहेगा। वहीं यह भी सुनने को मिल रहा है कि तीन दिन के बाद नया माल नहीं मिलेगा और न ही कोई बिलिंग ही होगी। जो भी बिलिंग होगी वह आगामी 23 सितंबर से ही होगी। व्यापारी भी उहापोह की स्थिति में दिख रहा है। कोई नया माल ले ही नहीं रहा है कि उसको घाटा हो जाएगा।
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व्यापारियों को नहीं होगा कोई नुकसान, जमाखोरी से बचें : श्रवण अग्रहरि
जीएसटी अधिवक्ता श्रवण अग्रहरि बताते हैं कि कोई भी व्यापारी जो माल पहले खरीदकर और टैक्स देकर लाया है। उसका इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी ) इन व्यापारियों को सीधे मिलेगा। इसके चलते इन व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। इसलिए व्यापारी किसी भी उहापोह की स्थिति में न रहें। उनको लाभ होगा तथा माल सस्ता होने से आवक बढ़ेगी। 50 लाख से कम वार्षिक बिक्री के छोटे दुकानदार जो जीएसटी में समाधान योजना के तहत व्यापार कर रहे हैं उन्हें सलाह है कि वह माल की स्टोरेज न करें। जो स्टाॅक है, उसको खाली कर लें। अन्यथा उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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