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Sant Kabir Nagar News: शुल्क टलने से राहत, एमडीआर वापस हो
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संतकबीरनगर। दिवाली तक डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला टलने से जिले के व्यापारियों में राहत है। उनका कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों व कारोबारियों को फिलहाल राहत मिलेगी लेकिन एमडीआर व्यवस्था को वापस लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के शुल्क से बचना जरूरी है।
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में ग्राहकों की खरीदारी बढ़ गई है। इस बीच यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को दिवाली तक टाल दिया गया है। हालांकि व्यापारी पहले की तरह बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान की मांग कर रहे हैं। यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 15 अक्तूबर से 40 पैसा एमडीआर लगने की चर्चा थी।
इससे दुकानदारों को आशंका थी कि त्योहारी सीजन में शुल्क लागू होने से व्यापार पर असर पड़ सकता है। ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इससे नकदी रखने की जरूरत कम होती है।
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यूपीआई से भुगतान करना ग्राहकों के लिए आसान है। ज्यादातर ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इस पर शुल्क लगने से दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए टालने की बजाय सरकार को इसको वापस लेना चाहिए।
-उमेश द्विवेदी, व्यापारी।
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एमडीआर को दिवाली तक टालना समस्या का समाधान नहीं है क्योंकि ग्राहक अब नकदी की बजाय यूपीआई से ही भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। सरकार को पहले की तरह बिना बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान जारी रखना चाहिए।
-उमानाथ सैनी, व्यापारी।
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त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में ग्राहकों की खरीदारी बढ़ गई है। इस बीच यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को दिवाली तक टाल दिया गया है। हालांकि व्यापारी पहले की तरह बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान की मांग कर रहे हैं। यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 15 अक्तूबर से 40 पैसा एमडीआर लगने की चर्चा थी।
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इससे दुकानदारों को आशंका थी कि त्योहारी सीजन में शुल्क लागू होने से व्यापार पर असर पड़ सकता है। ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इससे नकदी रखने की जरूरत कम होती है।
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यूपीआई से भुगतान करना ग्राहकों के लिए आसान है। ज्यादातर ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इस पर शुल्क लगने से दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए टालने की बजाय सरकार को इसको वापस लेना चाहिए।
-उमेश द्विवेदी, व्यापारी।
एमडीआर को दिवाली तक टालना समस्या का समाधान नहीं है क्योंकि ग्राहक अब नकदी की बजाय यूपीआई से ही भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। सरकार को पहले की तरह बिना बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान जारी रखना चाहिए।
-उमानाथ सैनी, व्यापारी।