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कोटा चयन की बैठक में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 12 May 2016 11:36 PM IST
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घेराव किया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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सांथा ब्लॉक क्षेत्र के जमया ताल गांव में गुरुवार को कोटे की दुकान का चयन कराने पहुंचे नायब तहसीलदार को गांव वालों ने घेर लिया। एक पक्ष के लोग नियम संगत तरीके से कोटे का चयन नहीं कराने का आरोप मढ़ते हुए हंगामा खड़ा कर दिए। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
ग्राम सभा जमया ताल में पंचायत चुनाव के पहले परिसीमन में दो राजस्व गांव थे। इसमें खटहा और पुनया सम्मिलित था। पुनया अलग ग्राम पंचायत बन गया। जिससे कोटे की नई दुकान का चयन करना था।
तीन मई को आगनवाड़ी केंद्र जमया ताल पर एडीओ पंचायत सांथा और तत्कालीन बीडीओ सांथा शैलेश कुमार पांडेय की उपस्थित में खुली बैठक संपन्न हुई। इसमें राधिक शर्मा पत्नी गोविंद शर्मा को सर्व सम्मति से कोटेदार चुन लिया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने प्रार्थना पत्र देकर चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए दुबारा खुली बैठक कराने की उच्चाधिकारियों से मांग की। एसडीएम आदेश के क्रम में नायब तहसीलदार बलिराम त्रिपाठी और सेक्रेटरी मौके पर कोटा चयन के लिए पहुंचे। इस बार आगनवाड़ी केंद्र जमया पर बैठक न कराकर जमया और खटहा गांव के बीच एक पेड़ के नीचे बैठक बुलाई। तीन मई को हुए प्रस्ताव में कुल सात प्रत्याशी थे। जबकि गुरुवार को चयन में कुल दो ही प्रत्याशी बचे। एक प्रत्याशी का आरोप था कि गिनती गलत हुई है। जबकि दूसरा प्रत्याशी ने अपने को कोटेदार मान रहा है। इसी बात को लेकर हंगामा शुरू हो गया। जमया के ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को काफी देर तक घेरे रखा। बाद में पुलिस के बीच बचाव करने के बाद नायब तहसीलदार को वहां से जाने दिया।
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मौका पाने के बाद नायब तहसीलदार वहां से सरक लिए। नायब तहसीलदार बलिराम त्रिपाठी ने बताया कि पहले कोटेदार बनने के लिए सात लोगों ने दावा किया लेकिन बाद में पांच लोगों ने अपना दावा उठा लिया। कुल दो लोग मैदान में बचे। इसमें दावेदार अरुण शर्मा और दूसरे सत्य देव शुक्ला थे। लोगों को बैठाकर गिनती कर लिया गया है। गिनती में अरुण शर्मा के पक्ष में 277 लोग थे तो दूसरे दावेदार सत्यदेव शुक्ला के पक्ष में 299 लोग रहे। इसके आधार पर सत्यदेव शुक्ला को कोटेदार चयनित किया गया। उसी बात को लेकर दूसरे दावेदार पक्ष के लोग हंगामा खड़ा कर दिए और उनकी गाड़ी को रोक लिया। बाद में समझाने के बाद लोग मान गए। कोटेदार पद के दावेदार अरूण शर्मा का आरोप था उसकी तरफ से गिनती में कुल 277 लोग आए थे। जबकि दूसरे प्रत्याशी की तरफ से 261 लोग ही आए थे, लेकिन नायब तहसील दार दूसरे प्रत्याशी के तरफ के लोगो का दुबारा गिनती करके 299 कर दिया। जबकि उसकी तरफ से दुबारा गिनती ही नही किया। जबकि दूसरे प्रत्याशी सत्यदेव शुक्ला का आरोप था कि उसकी तरफ से 299 लोग आए थे और वही कोटेदार के चुनाव में सही मायने में चुने गए।
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ग्राम सभा जमया ताल में पंचायत चुनाव के पहले परिसीमन में दो राजस्व गांव थे। इसमें खटहा और पुनया सम्मिलित था। पुनया अलग ग्राम पंचायत बन गया। जिससे कोटे की नई दुकान का चयन करना था।
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तीन मई को आगनवाड़ी केंद्र जमया ताल पर एडीओ पंचायत सांथा और तत्कालीन बीडीओ सांथा शैलेश कुमार पांडेय की उपस्थित में खुली बैठक संपन्न हुई। इसमें राधिक शर्मा पत्नी गोविंद शर्मा को सर्व सम्मति से कोटेदार चुन लिया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने प्रार्थना पत्र देकर चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए दुबारा खुली बैठक कराने की उच्चाधिकारियों से मांग की। एसडीएम आदेश के क्रम में नायब तहसीलदार बलिराम त्रिपाठी और सेक्रेटरी मौके पर कोटा चयन के लिए पहुंचे। इस बार आगनवाड़ी केंद्र जमया पर बैठक न कराकर जमया और खटहा गांव के बीच एक पेड़ के नीचे बैठक बुलाई। तीन मई को हुए प्रस्ताव में कुल सात प्रत्याशी थे। जबकि गुरुवार को चयन में कुल दो ही प्रत्याशी बचे। एक प्रत्याशी का आरोप था कि गिनती गलत हुई है। जबकि दूसरा प्रत्याशी ने अपने को कोटेदार मान रहा है। इसी बात को लेकर हंगामा शुरू हो गया। जमया के ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को काफी देर तक घेरे रखा। बाद में पुलिस के बीच बचाव करने के बाद नायब तहसीलदार को वहां से जाने दिया।
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मौका पाने के बाद नायब तहसीलदार वहां से सरक लिए। नायब तहसीलदार बलिराम त्रिपाठी ने बताया कि पहले कोटेदार बनने के लिए सात लोगों ने दावा किया लेकिन बाद में पांच लोगों ने अपना दावा उठा लिया। कुल दो लोग मैदान में बचे। इसमें दावेदार अरुण शर्मा और दूसरे सत्य देव शुक्ला थे। लोगों को बैठाकर गिनती कर लिया गया है। गिनती में अरुण शर्मा के पक्ष में 277 लोग थे तो दूसरे दावेदार सत्यदेव शुक्ला के पक्ष में 299 लोग रहे। इसके आधार पर सत्यदेव शुक्ला को कोटेदार चयनित किया गया। उसी बात को लेकर दूसरे दावेदार पक्ष के लोग हंगामा खड़ा कर दिए और उनकी गाड़ी को रोक लिया। बाद में समझाने के बाद लोग मान गए। कोटेदार पद के दावेदार अरूण शर्मा का आरोप था उसकी तरफ से गिनती में कुल 277 लोग आए थे। जबकि दूसरे प्रत्याशी की तरफ से 261 लोग ही आए थे, लेकिन नायब तहसील दार दूसरे प्रत्याशी के तरफ के लोगो का दुबारा गिनती करके 299 कर दिया। जबकि उसकी तरफ से दुबारा गिनती ही नही किया। जबकि दूसरे प्रत्याशी सत्यदेव शुक्ला का आरोप था कि उसकी तरफ से 299 लोग आए थे और वही कोटेदार के चुनाव में सही मायने में चुने गए।