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Sant Kabir Nagar News: ठंड में जोड़ों के दर्द पर फिजियोथेरेपी लगा रही मरहम
Fri, 16 Jan 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:37 AM IST
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जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपी करते डॉ बलवंत त्रिपाठी-संवाद
संतकबीरनगर। सर्दी के मौसम में घुटनों, पीठ, कंधे और रीढ़ की हड्डी से जुड़े दर्द की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में लोग अब पारंपरिक दर्द निवारक दवाओं के बजाय फिजियोथेरेपी को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। यह उपचार पद्धति न केवल सुरक्षित है, बल्कि लंबे समय तक राहत भी प्रदान करती है। जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी कक्ष में इन दिनों रोजसनस करीब 18 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. बलवंत त्रिपाठी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में लोगों में फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता काफी बढ़ी है। पहले लोग दर्द या चोट लगने पर केवल दवाइयों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब वे समझ चुके हैं कि फिजियोथेरेपी से बिना सर्जरी के कई समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। खासकर जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, घुटने की समस्या, स्ट्रोक के बाद की रिकवरी, खेल चोटें और पोस्ट-ऑपरेटिव रिहैबिलिटेशन के लिए मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी यूनिट में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के कारण मरीजों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि कक्ष में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी संचालित होती है और मरीजों को व्यक्तिगत व्यायाम योजना, थेरेपी सेशन और घरेलू व्यायाम सलाह भी दी जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के मांसपेशी, जोड़ या नसों से संबंधित दर्द होने पर समय रहते फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लें, ताकि समस्या बढ़ने से पहले ही नियंत्रण में आ सके।
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इन बातों का रखें ध्यान
- बैठते या खड़े होते समय कंधों को सीधा रखें।
- कंधा जाम होने पर गर्म पानी या आइस थैली से 15 मिनट तक सिंकाई करें।
- चिकित्सक की सलाह पर ही दर्द की दवाएं लें।
- प्रभावित हाथ से अधिक वजन का सामान न उठाएं।
- दर्द या जकड़न बढ़ने पर चिकित्सक या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
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फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. बलवंत त्रिपाठी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में लोगों में फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता काफी बढ़ी है। पहले लोग दर्द या चोट लगने पर केवल दवाइयों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब वे समझ चुके हैं कि फिजियोथेरेपी से बिना सर्जरी के कई समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। खासकर जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, घुटने की समस्या, स्ट्रोक के बाद की रिकवरी, खेल चोटें और पोस्ट-ऑपरेटिव रिहैबिलिटेशन के लिए मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी यूनिट में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के कारण मरीजों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि कक्ष में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी संचालित होती है और मरीजों को व्यक्तिगत व्यायाम योजना, थेरेपी सेशन और घरेलू व्यायाम सलाह भी दी जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के मांसपेशी, जोड़ या नसों से संबंधित दर्द होने पर समय रहते फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लें, ताकि समस्या बढ़ने से पहले ही नियंत्रण में आ सके।
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इन बातों का रखें ध्यान
- बैठते या खड़े होते समय कंधों को सीधा रखें।
- कंधा जाम होने पर गर्म पानी या आइस थैली से 15 मिनट तक सिंकाई करें।
- चिकित्सक की सलाह पर ही दर्द की दवाएं लें।
- प्रभावित हाथ से अधिक वजन का सामान न उठाएं।
- दर्द या जकड़न बढ़ने पर चिकित्सक या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।