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कोहरे के साथ गलन से बढ़ी लोगों की परेशानी
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कोहरे के साथ गलन से बढ़ी लोगों की परेशानी
संतकबीरनगर। कोहरे के साथ गलन से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बुधवार की सुबह दस बजे तक ज्यादातर लोग घरों से निकलने में परहेज करते दिखे। जो लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निकले, वे ठंड से बचने के लिए जतन करते नजर आए। प्रशासन की ओर से तहसीलों में कंबल उपलब्ध कराने के दावे के बावजूद अब तक गरीबों को राहत नहीं पहुंची है।
पिछले कई दिनों से ठंड बढ़ गई है। इस बीच कोहरा भी पड़ने लगा है। इससे ठंड में इजाफा हो गया है। ऐसे में लोग सुबह घरों में ही रहे। सुबह निकलने वाले भी कम ही नजर आए। दफ्तरों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। कुछ लोग दुकानों पर पहुंचकर चाय के साथ ठंड से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। दोपहर बाद करीब दो बजे आसमान कुछ साफ हुआ और सूर्य के दर्शन हुए तो लोगों ने कुछ राहत महसूस की। शाम होते ही फिर ठंड का असर दिखने लगा। ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा छा गया।
इधर जिला प्रशासन के दावे के बावजूद अब तक गरीबों तक कंबल नहीं पहुंचे हैं। कारण यह है कि इस बार कंबल के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना है। ऐसे में सवाल यह है कि गरीबों को आखिर कंबल कब मिल पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर स्थानों पर अलाव जलते नहीं दिखे। इस संबंध में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि मेंहदावल बाईपास सहित कई स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। जहां और जरूरत महसूस की जाएगी, वहां भी अलाव जलवाने की व्यवस्था की जाएगी।
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संतकबीरनगर। कोहरे के साथ गलन से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बुधवार की सुबह दस बजे तक ज्यादातर लोग घरों से निकलने में परहेज करते दिखे। जो लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निकले, वे ठंड से बचने के लिए जतन करते नजर आए। प्रशासन की ओर से तहसीलों में कंबल उपलब्ध कराने के दावे के बावजूद अब तक गरीबों को राहत नहीं पहुंची है।
पिछले कई दिनों से ठंड बढ़ गई है। इस बीच कोहरा भी पड़ने लगा है। इससे ठंड में इजाफा हो गया है। ऐसे में लोग सुबह घरों में ही रहे। सुबह निकलने वाले भी कम ही नजर आए। दफ्तरों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। कुछ लोग दुकानों पर पहुंचकर चाय के साथ ठंड से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। दोपहर बाद करीब दो बजे आसमान कुछ साफ हुआ और सूर्य के दर्शन हुए तो लोगों ने कुछ राहत महसूस की। शाम होते ही फिर ठंड का असर दिखने लगा। ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा छा गया।
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इधर जिला प्रशासन के दावे के बावजूद अब तक गरीबों तक कंबल नहीं पहुंचे हैं। कारण यह है कि इस बार कंबल के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना है। ऐसे में सवाल यह है कि गरीबों को आखिर कंबल कब मिल पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर स्थानों पर अलाव जलते नहीं दिखे। इस संबंध में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि मेंहदावल बाईपास सहित कई स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। जहां और जरूरत महसूस की जाएगी, वहां भी अलाव जलवाने की व्यवस्था की जाएगी।
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