{"_id":"6adfa9371ed2cdadd802e798","slug":"methods-for-soil-health-and-fertilizer-use-were-taught-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-159570-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: मृदा स्वास्थ्य और उर्वरक का उपयोग के तरीके सिखाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: मृदा स्वास्थ्य और उर्वरक का उपयोग के तरीके सिखाए गए
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम के नेतृत्व में कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विकास खंड हैंसर बाजार के ग्राम मदरा, चपरापूर्वी में खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र, बगही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा कृषि उत्पादन को बेहतर एवं लाभकारी बनाने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती, उर्वरकों के निर्धारित मूल्य के प्रति जागरूकता, फसल अवशेष प्रबंधन, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एकीकृत कीट प्रबंधन तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग के बारे में बताया गया।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर फसलों में आवश्यक पोषक तत्वों का उचित मात्रा में प्रयोग करने से उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलती है। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाकर मिट्टी, पर्यावरण और लाभकारी जीवों की सुरक्षा के साथ कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई संस्तुतियों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। सहायक विकास अधिकारी कृषि फिरतू राम ने कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि योजनाओं की जानकारी दी। ा
विज्ञापन
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम के नेतृत्व में कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विकास खंड हैंसर बाजार के ग्राम मदरा, चपरापूर्वी में खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र, बगही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा कृषि उत्पादन को बेहतर एवं लाभकारी बनाने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती, उर्वरकों के निर्धारित मूल्य के प्रति जागरूकता, फसल अवशेष प्रबंधन, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एकीकृत कीट प्रबंधन तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर फसलों में आवश्यक पोषक तत्वों का उचित मात्रा में प्रयोग करने से उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलती है। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाकर मिट्टी, पर्यावरण और लाभकारी जीवों की सुरक्षा के साथ कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई संस्तुतियों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। सहायक विकास अधिकारी कृषि फिरतू राम ने कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि योजनाओं की जानकारी दी। ा