{"_id":"6286803fb3d5e53dc039834e","slug":"jalbharav-problem-in-santkabirnagar-khalilabad-news-gkp437438099","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं चेते तो फिर जलभराव से जूझेगा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं चेते तो फिर जलभराव से जूझेगा शहर
विज्ञापन
मेंहदावल बाईपास के समीप पूरा नाला जाम पड़ा है।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
नहीं चेते तो फिर जलभराव से जूझेगा शहर
- हर साल बारिश में डूब जाता है आधा शहर
- नागरिकों को झेलनी पड़ती है मुसीबत
- नए नालों के निर्माण की गति काफी धीमी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका खलीलाबाद में जलनिकासी की समस्या गंभीर है। मानसून आने के बाद हर साल आधा शहर बारिश के पानी में डूबा रहता है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद जलनिकासी का समुचित प्रबंध नहीं कर सका है। कहीं नाले जाम पड़े हैं तो कहीं नाला अधूरा छोड़ दिया गया है। यदि समय पूर्व जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 33 नाले हैं। नगर पालिका परिषद का दावा है कि नालों की सफाई समय-समय पर कराई जाती है, इसके साथ ही वर्तमान में कई स्थानों पर नालों का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन नाला निर्माण की जो गति है, उससे कहीं से भी नहीं लग रहा है कि मानसून आने से पूर्व नालों का निर्माण पूर्ण हो पाएगा। वहीं, वार्डों में बने नालों में कूड़े का ढेर लगा है।
मुखलिसपुर तिराहा, मोती चौराहे के उत्तर तरफ, गोला बाजार, एचआर इंटर कॉलेज के सामने, बरदहिया बाजार, भिटवा टोला आदि नालों की सफाई नहीं हुई है। नालों में कचरा भरा है। पिछले साल बारिश में गोलाबाजार, मेंहदावल बाईपास से आजाद चौक, नलकूप कालोनी, विधियानी, मड़या सहित कई सरकारी दफ्तरों में पानी घुस गया था। शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
मानसून आने वाला है। नगरवासियों को फिर से जलभराव की आशंका बनी हुई है। नगरवासी चंद्रिका लाल, बैजनाथ कसौधन, दीपक कुमार आदि का कहना है कि नगर पालिका को बारिश पूर्व ही नालों की सफाई करा देनी चाहिए। जिससे बारिश होने पर जलभराव की स्थिति न पैदा हो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो लोगों के घरों में नालों का पानी घुस सकता है।
शहर के बड़े नालो की सफाई करा ली गई है। जहां नाला जाम है, वहां भी शीघ्र सफाई हो जाएगी। इसके साथ ही शहर के मेंहदावल बाईपास सहित कई स्थानों पर नालों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पूूरा प्रयास है कि मानसून आने से पूर्व नालों का निर्माण पूरा हो जाए। नागरिकों को भी चाहिए कि नालों में प्लास्टिक का सामान न फेंके।
- सुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका
विज्ञापन
- हर साल बारिश में डूब जाता है आधा शहर
- नागरिकों को झेलनी पड़ती है मुसीबत
- नए नालों के निर्माण की गति काफी धीमी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका खलीलाबाद में जलनिकासी की समस्या गंभीर है। मानसून आने के बाद हर साल आधा शहर बारिश के पानी में डूबा रहता है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद जलनिकासी का समुचित प्रबंध नहीं कर सका है। कहीं नाले जाम पड़े हैं तो कहीं नाला अधूरा छोड़ दिया गया है। यदि समय पूर्व जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 33 नाले हैं। नगर पालिका परिषद का दावा है कि नालों की सफाई समय-समय पर कराई जाती है, इसके साथ ही वर्तमान में कई स्थानों पर नालों का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन नाला निर्माण की जो गति है, उससे कहीं से भी नहीं लग रहा है कि मानसून आने से पूर्व नालों का निर्माण पूर्ण हो पाएगा। वहीं, वार्डों में बने नालों में कूड़े का ढेर लगा है।
विज्ञापन
मुखलिसपुर तिराहा, मोती चौराहे के उत्तर तरफ, गोला बाजार, एचआर इंटर कॉलेज के सामने, बरदहिया बाजार, भिटवा टोला आदि नालों की सफाई नहीं हुई है। नालों में कचरा भरा है। पिछले साल बारिश में गोलाबाजार, मेंहदावल बाईपास से आजाद चौक, नलकूप कालोनी, विधियानी, मड़या सहित कई सरकारी दफ्तरों में पानी घुस गया था। शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
मानसून आने वाला है। नगरवासियों को फिर से जलभराव की आशंका बनी हुई है। नगरवासी चंद्रिका लाल, बैजनाथ कसौधन, दीपक कुमार आदि का कहना है कि नगर पालिका को बारिश पूर्व ही नालों की सफाई करा देनी चाहिए। जिससे बारिश होने पर जलभराव की स्थिति न पैदा हो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो लोगों के घरों में नालों का पानी घुस सकता है।
शहर के बड़े नालो की सफाई करा ली गई है। जहां नाला जाम है, वहां भी शीघ्र सफाई हो जाएगी। इसके साथ ही शहर के मेंहदावल बाईपास सहित कई स्थानों पर नालों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पूूरा प्रयास है कि मानसून आने से पूर्व नालों का निर्माण पूरा हो जाए। नागरिकों को भी चाहिए कि नालों में प्लास्टिक का सामान न फेंके।
- सुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका