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कोरोना की जंग में बिना थके निभा रहे फर्ज
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कोरोना की जंग में बिना थके निभा रहे फर्ज
संतकबीरनगर। कोरोना की जंग में तमाम ऐसे लोग हैं जो बिना थके फर्ज निभा रहे हैं। इसमें सेमरियावां के लैब टेक्नीशियन सुरेंद्र कुमार व नाथनगर में तैनात ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर कुमार सत्यम भी शामिल हैं। यह लोग दूसरों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
पत्नी और पुत्री पॉजिटिव, फर्ज से नहीं डिगे
दुधारा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बड़ी संख्या में ऐसे फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं जो मानवता को बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में तैनात लैब टेक्नीशियन सुरेंद्र कुमार भी इन्हीं योद्धाओं में से एक हैं। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सुरेंद्र लोगों की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल एकत्रित करने का काम कर रहे हैं। पिछले वर्ष अगस्त में वह संक्रमित हो गए थे। इस दौरान कई महीनों तक वह परिवार के सदस्यों से दूर रहे। महामारी की दूसरी लहर आने के बाद से उनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ और बढ़ गया है। 15 दिन पहले उनकी पत्नी और नौ महीने की बेटी संक्रमित हो गए। इस दौरान वह बच्चों से दूर रहे और अपना फर्ज निभाते रहे।
फर्ज निभाने के लिए लगातार कर रहे काम
संतकबीरनगर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथनगर में तैनात ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर कुमार सत्यम लगातार काम कर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक फ्रंट लाइन वर्कर को लीड करने के साथ ही टीकाकरण की व्यवस्था में लगे रहते हैं। उनका कहना है कि सुबह किस उपकेंद्र पर वैक्सीन पहुंचानी है और कहां पर दिक्कत है, इसकी निगरानी करते हैं। इस दौरान संक्रमण की चपेट में आने का भय बना रहता है, लेकिन सेवा भाव के चलते मुस्तैद हैं। घर आने के बाद सतर्कता बरतते हैं और परिवार से दूरी बनाए रखते हैं। एक मई से टीकाकरण का नया चरण शुरू होने वाला है, इसकी तैयारी में जुट हैं।
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संतकबीरनगर। कोरोना की जंग में तमाम ऐसे लोग हैं जो बिना थके फर्ज निभा रहे हैं। इसमें सेमरियावां के लैब टेक्नीशियन सुरेंद्र कुमार व नाथनगर में तैनात ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर कुमार सत्यम भी शामिल हैं। यह लोग दूसरों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
पत्नी और पुत्री पॉजिटिव, फर्ज से नहीं डिगे
दुधारा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बड़ी संख्या में ऐसे फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं जो मानवता को बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में तैनात लैब टेक्नीशियन सुरेंद्र कुमार भी इन्हीं योद्धाओं में से एक हैं। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सुरेंद्र लोगों की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल एकत्रित करने का काम कर रहे हैं। पिछले वर्ष अगस्त में वह संक्रमित हो गए थे। इस दौरान कई महीनों तक वह परिवार के सदस्यों से दूर रहे। महामारी की दूसरी लहर आने के बाद से उनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ और बढ़ गया है। 15 दिन पहले उनकी पत्नी और नौ महीने की बेटी संक्रमित हो गए। इस दौरान वह बच्चों से दूर रहे और अपना फर्ज निभाते रहे।
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फर्ज निभाने के लिए लगातार कर रहे काम
संतकबीरनगर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथनगर में तैनात ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर कुमार सत्यम लगातार काम कर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक फ्रंट लाइन वर्कर को लीड करने के साथ ही टीकाकरण की व्यवस्था में लगे रहते हैं। उनका कहना है कि सुबह किस उपकेंद्र पर वैक्सीन पहुंचानी है और कहां पर दिक्कत है, इसकी निगरानी करते हैं। इस दौरान संक्रमण की चपेट में आने का भय बना रहता है, लेकिन सेवा भाव के चलते मुस्तैद हैं। घर आने के बाद सतर्कता बरतते हैं और परिवार से दूरी बनाए रखते हैं। एक मई से टीकाकरण का नया चरण शुरू होने वाला है, इसकी तैयारी में जुट हैं।
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