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फर्जी फूड इंस्पेक्टर को थाने से मुचलके पर किया गया रिहा
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फर्जी फूड इंस्पेक्टर को थाने से मुचलके पर किया गया रिहा
धनघटा/संतकबीरनगर। महुली कस्बे में स्थित किराने की दुकान पर धनउगाही के प्रयास के दौरान पकड़े गए फर्जी फूड इंस्पेक्टर को शुक्रवार को पुलिस ने थाने से मुचलके पर रिहा कर दिया। बृहस्पतिवार को उसे पकड़े पकड़े जाने पर उस पर केस दर्ज किया गया था।
महुली टैक्सी स्टैंड तिराहे के पास स्थित इसरार अहमद पुत्र स्वर्गीय मजीबुल्लाह की किराने की दुकान पर बृहस्पतिवार की शाम को पहुंचे व्यक्ति ने खुद को फूड इंस्पेक्टर बताकर दस हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर दुकानदार को विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी दी। दुकानदार की ओर से परिचय पत्र मांगने पर आरोपित की पोल खुल गई। दुकानदार के बुलाने पर जुटे लोगों ने आरोपित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पीड़ित दुकानदार इसरार अहमद का आरोप है कि पकड़े गए फर्जी फूड इंस्पेक्टर ने उनसे दस हजार रुपये की मांग की और नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी दी।
दूसरी ओर आरोपित खुद को विभाग में काम करने वाला बता रहा था। पीड़ित व्यापारी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने रात में ही आरोपित ओमप्रकाश निवासी भेलवल थाना नगर, जिला बस्ती पर जालसाजी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। पकड़े गए आरोपित को शुक्रवार को पुलिस ने थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया। एसओ रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपित पर दर्ज मुकदमे में सात साल के अंदर की सजा का प्रावधान है। इस वजह से उसे थाने से ही मुचलके पर छोड़ दिया गया।
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धनघटा/संतकबीरनगर। महुली कस्बे में स्थित किराने की दुकान पर धनउगाही के प्रयास के दौरान पकड़े गए फर्जी फूड इंस्पेक्टर को शुक्रवार को पुलिस ने थाने से मुचलके पर रिहा कर दिया। बृहस्पतिवार को उसे पकड़े पकड़े जाने पर उस पर केस दर्ज किया गया था।
महुली टैक्सी स्टैंड तिराहे के पास स्थित इसरार अहमद पुत्र स्वर्गीय मजीबुल्लाह की किराने की दुकान पर बृहस्पतिवार की शाम को पहुंचे व्यक्ति ने खुद को फूड इंस्पेक्टर बताकर दस हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर दुकानदार को विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी दी। दुकानदार की ओर से परिचय पत्र मांगने पर आरोपित की पोल खुल गई। दुकानदार के बुलाने पर जुटे लोगों ने आरोपित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पीड़ित दुकानदार इसरार अहमद का आरोप है कि पकड़े गए फर्जी फूड इंस्पेक्टर ने उनसे दस हजार रुपये की मांग की और नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी दी।
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दूसरी ओर आरोपित खुद को विभाग में काम करने वाला बता रहा था। पीड़ित व्यापारी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने रात में ही आरोपित ओमप्रकाश निवासी भेलवल थाना नगर, जिला बस्ती पर जालसाजी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। पकड़े गए आरोपित को शुक्रवार को पुलिस ने थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया। एसओ रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपित पर दर्ज मुकदमे में सात साल के अंदर की सजा का प्रावधान है। इस वजह से उसे थाने से ही मुचलके पर छोड़ दिया गया।
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