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कहीं जाली नहीं तो कहीं लटक रहे विद्युत तार
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बखिरा के लेडूवा महुआ में खुले में रखा ट्रासफार्मर।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
कहीं जाली नहीं तो कहीं लटक रहे विद्युत तार
- खुले में रखे गए ट्रांसफॉर्मर से हादसे का खतरा बढ़ा, जिम्मेदार खामोश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत निगम के जिम्मेदार भले ही ट्रांसफॉर्मरों के आसपास सुरक्षा के उपाय किए जाने का दावा कर रहे हो, लेकिन शहर से लेकर गांव तक खुले में ट्रांसफॉर्मर रखे गए हैं। इससे हादसे की भी आशंका बनी हुई है। वहीं जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विद्युत निगम की ओर से ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए तमाम नियम बनाए गए हैं। इनमें ट्रांसफॉर्मर को चबूतरे पर रखना, सप्लाई के तारों में गार्डिंग लगाना और ट्रांसफॉर्मर को जाली के घेरे में रखना जरूरी है। लेकिन जिले में नियम की अनदेखी करके ट्रांसफॉर्मर रख दिए गए हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। लोगों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। पशुओं को इससे दूर रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
शहर के बंजरिया पश्चिमी में खुले में ट्रांसफॉर्मर रखा गया है। इसके साथ ही तार भी बिखरे हुए हैं। गोलाबाजार खुले में ट्रांसफॉर्मर रखा गया है। यहां चबूतरा तो बनाया गया है, लेकिन आसपास जाली का घेरा नहीं है। तार भी जमीन को छू रहे हैं।
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ऐसी ही स्थिति बखिरा क्षेत्र के लेडुआ महुआ में है। सीएमओ कार्यालय के गेट के पास लगा ट्रांसफॉर्मर भी खुले में रखा गया है। इसके ईद गिर्द पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। पिछले साल औद्योगिक आस्थान में करंट की चपेट में आने से एक पशु की मौत हो गई थी।
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गर्मी में खतरा बढ़ा
गर्मी के मौसम में तेज हवाएं चलती हैं। ऐसे में लटक रहे जर्जर तारों के टूटकर गिरने की संभावना बनी रहती है। इसके बाद भी अब तक जर्जर तारों को नहीं बदला गया है।
ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा के लिए अधिकतर स्थानों पर गार्ड लगाए गए हैं। जहां पर गार्ड टूट गए हैं या दुर्घटना की आशंका है, वहां पर जल्द ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।
- आरके सिंह, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खंड
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- खुले में रखे गए ट्रांसफॉर्मर से हादसे का खतरा बढ़ा, जिम्मेदार खामोश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत निगम के जिम्मेदार भले ही ट्रांसफॉर्मरों के आसपास सुरक्षा के उपाय किए जाने का दावा कर रहे हो, लेकिन शहर से लेकर गांव तक खुले में ट्रांसफॉर्मर रखे गए हैं। इससे हादसे की भी आशंका बनी हुई है। वहीं जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विद्युत निगम की ओर से ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए तमाम नियम बनाए गए हैं। इनमें ट्रांसफॉर्मर को चबूतरे पर रखना, सप्लाई के तारों में गार्डिंग लगाना और ट्रांसफॉर्मर को जाली के घेरे में रखना जरूरी है। लेकिन जिले में नियम की अनदेखी करके ट्रांसफॉर्मर रख दिए गए हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। लोगों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। पशुओं को इससे दूर रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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शहर के बंजरिया पश्चिमी में खुले में ट्रांसफॉर्मर रखा गया है। इसके साथ ही तार भी बिखरे हुए हैं। गोलाबाजार खुले में ट्रांसफॉर्मर रखा गया है। यहां चबूतरा तो बनाया गया है, लेकिन आसपास जाली का घेरा नहीं है। तार भी जमीन को छू रहे हैं।
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ऐसी ही स्थिति बखिरा क्षेत्र के लेडुआ महुआ में है। सीएमओ कार्यालय के गेट के पास लगा ट्रांसफॉर्मर भी खुले में रखा गया है। इसके ईद गिर्द पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। पिछले साल औद्योगिक आस्थान में करंट की चपेट में आने से एक पशु की मौत हो गई थी।
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गर्मी में खतरा बढ़ा
गर्मी के मौसम में तेज हवाएं चलती हैं। ऐसे में लटक रहे जर्जर तारों के टूटकर गिरने की संभावना बनी रहती है। इसके बाद भी अब तक जर्जर तारों को नहीं बदला गया है।
ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा के लिए अधिकतर स्थानों पर गार्ड लगाए गए हैं। जहां पर गार्ड टूट गए हैं या दुर्घटना की आशंका है, वहां पर जल्द ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।
- आरके सिंह, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खंड