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संत कबीर ने ईश्वर तक पहुुंचने केे लिए गुरु को प्रथम सीढ़ी बताया : महंत विचार दास
Mon, 03 Jul 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 03 Jul 2023 11:29 PM IST
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मगहर के कबीर चौरा परिसर में गुरुपूर्णिमा के अवसर कार्यक्रम हुआ।संवाद
मगहर। गुरु पूर्णिमा का पर्व परंपरागत तरीके से संतकबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीर चौरा परिसर में महंत विचारदास के सानिध्य में मनाया गया। इस अवसर पर गुरु उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों, श्रद्धालुओं ने गुरु की पूजा कर दीक्षा ली।
कबीर चौरा मठ मगहर के महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने ईश्वर तक पहुंचने के लिए गुरु को प्रथम सीढ़ी बताया है। गुरु पूर्णिमा को गुरु दिवस के रूप में मनाने की परंपरा आदि काल से चली आ रही है। गुरु के सम्मान में हर साल आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पर्व मनाया जाता है। इसे गुरु पूर्णिमा भी कहते हैं। यह गुरु के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन होता है। क्योंकि गुरु ही शिष्य का असली मार्गदर्शक होता है। वे ही जीवन को ऊर्जामय बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागो पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताया। उन्होंने बताया कि गुरु उत्सव के मौके सोमवार को संतकबीर की निर्वाण स्थली पर आए विभिन्न प्रांतों के साथ ही क्षेत्रीय श्रद्धालुओं, भक्तजनों के द्वारा गुरु महिमा का पाठ, गुरु पूजा तथा भजन संध्या के कार्यक्रम सम्पन्न होने के साथ ही भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
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इस मौके पर डॉक्टर हरीशरण शास्त्री, संत केशव दास, अरविंद दास शास्त्री, शांति पुजारी दास, रोहित दास, धर्म दास, संत विवेक दास, वैद्य राम सरन दास आदि मौजूद रहे।
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कबीर चौरा मठ मगहर के महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने ईश्वर तक पहुंचने के लिए गुरु को प्रथम सीढ़ी बताया है। गुरु पूर्णिमा को गुरु दिवस के रूप में मनाने की परंपरा आदि काल से चली आ रही है। गुरु के सम्मान में हर साल आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पर्व मनाया जाता है। इसे गुरु पूर्णिमा भी कहते हैं। यह गुरु के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन होता है। क्योंकि गुरु ही शिष्य का असली मार्गदर्शक होता है। वे ही जीवन को ऊर्जामय बनाते हैं।
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उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागो पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताया। उन्होंने बताया कि गुरु उत्सव के मौके सोमवार को संतकबीर की निर्वाण स्थली पर आए विभिन्न प्रांतों के साथ ही क्षेत्रीय श्रद्धालुओं, भक्तजनों के द्वारा गुरु महिमा का पाठ, गुरु पूजा तथा भजन संध्या के कार्यक्रम सम्पन्न होने के साथ ही भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
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इस मौके पर डॉक्टर हरीशरण शास्त्री, संत केशव दास, अरविंद दास शास्त्री, शांति पुजारी दास, रोहित दास, धर्म दास, संत विवेक दास, वैद्य राम सरन दास आदि मौजूद रहे।