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Sant Kabir Nagar News: कुत्ता काटे तो तत्काल लगवाएं रैबीज, नहीं तो जा सकती है जान

Sat, 08 Jul 2023 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 08 Jul 2023 11:34 PM IST
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animal dog attack
अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाता  स्वास्थ्य कर्मी।संवाद
संतकबीरनगर। अगर कुत्ता या अन्य जानवर काटे तो लापरवाही न बरतें, इससे जान जा सकती है। इसके लिए सबसे पहले एंटी रैबीज इंजेक्शन जरूर लगवाएं। उसकी हर डोज पूरी करें। जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन मौजूद है। चिकित्सक की सलाह लें और अपनी जिंदगी को बचाएं।
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देवरिया में शनिवार को एक युवक की मौत हो गई। उस युवक को कुत्ते ने काट लिया था और उसने एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया था। इसमें लापरवाही बरतना घातक हो सकता है। सीएचसी खलीलाबाद के अधीक्षक डॉ. राधेश्याम यादव ने बताया कि कुत्ता, सियार, बिल्ली, बंदर अगर किसी को काट लेते हैं तो उसे एंटी रैबीज जरूर लगवाना चाहिए। यह 24 घंटे के अंदर लगवा लेना चाहिए। इसके साथ ही यह भी देखना होगा कि जिस कुत्ते ने काटा है, वह किस नस्ल का है और उसे रैबीज लगा है कि नहीं लगा है।
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अगर आवारा कुत्ता है, तो उस पर नजर रखनी होगी। अगर उस कुत्ते की 15 दिन के अंदर मृत्यु हो जाती है, तो व्यक्ति को हाई डोज रैबीज लगाया जाएगा। इसलिए इसमें विशेष सावधानी बरतनी होगी। जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर कुत्ता काटने का रैबीज उपलब्ध है। चिकित्सक की सलाह पर इसे लगवाया जा सकता है।
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रैबीज न लगवाने पर 90 दिन बाद दिखता है असर
अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया है और उसने लापरवाही बरतते हुए रैबीज नहीं लगवाया है तो उसका असर 90 दिन बाद दिखता है। इसमें आदमी पागल की तरह बर्ताव करने लगता है। डाॅ. राधेश्याम यादव ने बताया कि रैबीज न लगवाने के 90 दिन बाद व्यक्ति पर असर दिखना शुरू हो जाता है। इसके साथ ही वह कुत्ते जैसी आवाज भी निकालने लगता है। असहनीय पीड़ा होती है और व्यक्ति की कुछ दिन बाद ही मौत हो जाती है।
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पालतू कुत्ते का जरूर कराएं वैक्सीनेशन
अगर आप कुत्ता पाल रहे हैं तो उसका वैक्सीनेशन जरूर कराएं। पशु पालन विभाग में कुत्ते का रैबीज की डोज लगाई जाती है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके शाही ने बताया कि जिले के सभी पशु अस्पताल में कुत्ते को रैबीज लगाया जाता है। जो लोग कुत्ते पाल रखे हैं वह रैबीज जरूर लगवा लें। कुत्ते के पैदा होने के छह माह बाद ही रैबीज लगवा लेना चाहिए। अलग-अलग प्रकार के टीके कुत्ते को लगाए जाते हैं।
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कटखने कुत्ते की कैसे करें पहचान
अगर कोई पागल कुत्ता किसी को काटता है तो उसकी पहचान जरूरी है। पागल कुत्ते के सिर से पश अगर टपक रहा है और वह कुत्ता सिर नीचे कर भाग रहा है तो उससे बच कर रहें। वह किसी को भी काट सकता है। डॉ. राधेश्याम यादव ने बताया कि कुत्ते के सिर में चोट लगी है और वह स्थान पूरी तरह से सड़ गया है तो इसका असर कुत्ते के मस्तिष्क पर पड़ता है। कुत्ता पागल हो जाता है और वह किसी को भी काट सकता है।

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इन जानवरों के काटने पर लगवाएं रैबीज
डॉ. राधेश्याम यादव ने बताया कि कुत्ता, बंदर, बिल्ली, सियार आदि जानवरों के काटने पर एंटी रैबीज जरूर लगवाएं। इसमें लापरवाही बरतना घातक हो सकता है।
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एक कुत्ते ने छह लोगों को दौड़ा कर काटा था
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र में दो जुलाई की देर रात एक कुत्ते ने विभिन्न गांव के छह लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। कुत्ते का आतंक सोनडीहा गांव निवासी भोला (60) को काटने के बाद भरत (40) पर हमला बोल दिया। उसके बाद भंडा गांव में पहुंचकर कुत्ते ने अजय यादव (25) को काट लिया। सोनाडी गांव के रहने वाले महेश (28) को भी काट कर घायल कर दिया। भंडा गांव निवासी दुर्विजय (22) और प्रसादपुर के रहने वाले राजेश (45) को भी पागल कुत्ते ने शिकार बनाते हुए घायल कर दिया। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
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