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एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीज परेशान
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जूनियर हाई स्कूल में पकड़ा निकाल कर धरना देते एबूलेंस चालक।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीज परेशान
वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुटा स्वास्थ्य महकमा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार को को भी धरना जारी रखा, जबकि जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद परिसर में एंबुलेंस खड़ी रही। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एंबुलेंस न मिलने से मरीज प्राइवेट वाहनों के भरोसे हो गए हैं। धरनारत एंबुलेंस कर्मियों ने कंपनी बदलने पर वेतन में कटौती न करने और उन्हीं कर्मचारियों का नई कंपनी में समायोजन किए जाने की मांग की। इसके साथ ही ठेका प्रथा बंद करने की मांग की। एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं तब उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमा अब वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुट गया है।
रविवार की रात 12 बजे जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में एंबुलेंस खड़ी कर एंबुलेंस कर्मी धरने पर बैठे हैं। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जमीर खान ने सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों की तैनाती में ठेका प्रथा को पूरी तरह से खत्म किया जाए। कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभा रहे कोरोना योद्धाओं, कोरोना वॉरियर्स और एंबुलेंस कर्मचारी को ठेकेदारी से मुक्ति दी जाए। कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को 50 लाख की बीमा राशि सरकार की तरफ से जारी की जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती न की जाए। इस दौरान मीडिया प्रभारी दुर्गेश कुमार मिश्र, ओम प्रकाश चौधरी, कमल यादव, विजय, धीरेंद्र कुमार, महामंत्री धीरेंद्र यादव, जिला उपाध्यक्ष भागवत यादव, राकेश, विनोद, सुनील, सुरेंद्र यादव, जिलाजीत, रामआशीष यादव, जिलाजीत यादव, माशा अल्लाह, मदन मोहन, अजीत यादव, संतोष यादव, विकास पाल आदि मौजूद रहे।
वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुटा महकमा
एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के चलते जहां जिला अस्पताल और सीएचसी पर मरीज प्राइवेट वाहन से पहुंच रहे हैं, वहीं, सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने सभी अधीक्षकों को पत्र भेजकर विभिन्न कार्यक्रमों में संचालित वाहनों को आकस्मिक सेवा के रूप में एंबुलेंस वाहन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
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वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुटा स्वास्थ्य महकमा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार को को भी धरना जारी रखा, जबकि जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद परिसर में एंबुलेंस खड़ी रही। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एंबुलेंस न मिलने से मरीज प्राइवेट वाहनों के भरोसे हो गए हैं। धरनारत एंबुलेंस कर्मियों ने कंपनी बदलने पर वेतन में कटौती न करने और उन्हीं कर्मचारियों का नई कंपनी में समायोजन किए जाने की मांग की। इसके साथ ही ठेका प्रथा बंद करने की मांग की। एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं तब उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमा अब वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुट गया है।
रविवार की रात 12 बजे जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में एंबुलेंस खड़ी कर एंबुलेंस कर्मी धरने पर बैठे हैं। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जमीर खान ने सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों की तैनाती में ठेका प्रथा को पूरी तरह से खत्म किया जाए। कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभा रहे कोरोना योद्धाओं, कोरोना वॉरियर्स और एंबुलेंस कर्मचारी को ठेकेदारी से मुक्ति दी जाए। कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को 50 लाख की बीमा राशि सरकार की तरफ से जारी की जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती न की जाए। इस दौरान मीडिया प्रभारी दुर्गेश कुमार मिश्र, ओम प्रकाश चौधरी, कमल यादव, विजय, धीरेंद्र कुमार, महामंत्री धीरेंद्र यादव, जिला उपाध्यक्ष भागवत यादव, राकेश, विनोद, सुनील, सुरेंद्र यादव, जिलाजीत, रामआशीष यादव, जिलाजीत यादव, माशा अल्लाह, मदन मोहन, अजीत यादव, संतोष यादव, विकास पाल आदि मौजूद रहे।
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वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुटा महकमा
एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के चलते जहां जिला अस्पताल और सीएचसी पर मरीज प्राइवेट वाहन से पहुंच रहे हैं, वहीं, सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने सभी अधीक्षकों को पत्र भेजकर विभिन्न कार्यक्रमों में संचालित वाहनों को आकस्मिक सेवा के रूप में एंबुलेंस वाहन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
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