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Sant Kabir Nagar News: बदलते मौसम में कृषि केंद्र ने दी फसल बचाने की सलाह

Thu, 29 Oct 2026 12:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 12:41 AM IST
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Agriculture Centre offers advice on protecting crops amid changing weather
एचआरपीजी कॉलेज में जलवायु परिवर्तन पर व्याख्यान देते वक्ता-स्रोत कॉलेज
धनघटा। आगामी दिनों में मौसम में संभावित बदलाव, बारिश और गरज-चमक के आसार को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र बगही ने किसानों को सतर्क रहने तथा फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश के आसार हैं, जबकि 30 अक्तूबर को तेज बौछार भी हो सकती है। 31 अक्तूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
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पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्तूबर को अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस तथा 30 अक्तूबर को लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तापमान में गिरावट और संभावित बारिश का असर खेतों में चल रहे कृषि कार्यों, फसल कटाई एवं मड़ाई तथा खुले में रखे अनाज पर पड़ सकता है।
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ऐसे में किसानों के लिए मौसम की सटीक जानकारी के आधार पर कृषि कार्यों का प्रबंधन करना आवश्यक है। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम के नेतृत्व में किसानों को मौसम के संभावित प्रभावों के प्रति जागरूक करने और फसलों की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक उपाय अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि कृषि में मौसम की जानकारी जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण समय रहते उसके अनुसार निर्णय लेना भी है। आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए किसान अपनी कटी हुई फसल, अनाज और भूसे को सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और मौसम अनुकूल होने पर ही कटाई-मड़ाई जैसे कार्य करें।
किसानों को चाहिए कि वे किसी भी मौसम संबंधी चेतावनी को नजरअंदाज न करें और फसल सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी रखें।
कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अभिनव सिंह ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि बारिश के दौरान खुले में रखे अनाज को तिरपाल से अच्छी तरह ढकें और नमी से बचाने के लिए उसे जमीन से ऊपर रखें। खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने दें तथा जल निकासी की नालियों को साफ रखें। बारिश से ठीक पहले कीटनाशकों, फफूंदनाशकों और पत्तियों पर दिए जाने वाले उर्वरकों का छिड़काव करने से बचें, क्योंकि बारिश से इनकी प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है।
मौसम सामान्य होने और उत्पाद के निर्देशों के अनुसार ही छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि किसान बारिश के बाद खेतों का निरीक्षण करें और फसल में रोग, कीट या जलभराव के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से परामर्श लें। धान सहित अन्य फसलों की कटाई एवं मड़ाई की योजना स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बनाएं।

गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने, पेड़ों के नीचे रुकने तथा खुले स्थानों पर रहने से बचें और सुरक्षित भवन में शरण लें। कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी जानकारी के प्रति जागरूक रहें और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार समयबद्ध कदम उठाएं। पूर्व तैयारी, सुरक्षित भंडारण और उचित फसल प्रबंधन से प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।

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किसानों के लिए प्रमुख सावधानियां

कटी हुई फसल, अनाज और भूसे को सुरक्षित एवं ढके हुए स्थान पर रखें।
खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकें और नमी से बचाएं।
खेतों की नालियों को साफ रखकर जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
बारिश की आशंका के दौरान छिड़काव एवं अन्य संवेदनशील कृषि कार्य टालें।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार कटाई-मड़ाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें तथा बारिश के बाद फसलों की निगरानी करें।
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