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अधिवक्ता व सपाइयों में नोकझोंक
Sant kabir nagar
Updated Thu, 24 Oct 2013 05:39 AM IST
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हैंसर। धनघटा तहसील प्रांगण में बुधवार को तहसील बार एसोसिएशन ने एसडीएम और तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे जाने के विरोध में धरना दिया। उनका आरोप है कि सपा से लोकसभा प्रत्याशी भालचंद यादव ने अपशब्द कहा है। उसी दौरान हैंसर ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव अपने कुछ समर्थकों के साथ वहां पंहुचे और धरन देने का कारण पूछा। उसके बाद अधिवक्ताओं और प्रमुख व उनके समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। बाद में समझाने पर ब्लॉक प्रमुख व अन्य सपाई वहां से चले गए। जबकि अधिवक्ताओं का धरना शाम तक चला।
धनघटा तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषिनरायन ओझा के नेतृत्व में बुधवार को तहसील परिसर में अधिवक्ता धरना दे रहे थे। इन लोगों का आरोप था कि सपा प्रत्याशी भालचंद यादव ने एसडीएम और तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहा है। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। अधिवक्ता नारेबाजी कर रहे थे कि उसी बीच सपा नेता एवं हैंसर ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव अपने कुछ समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। प्रमुख ने वकीलों से धरना देने का कारण पूछा। उसके बाद वकीलों व सपा नेताओं के बीच कहासुनी होने लगी। जिसे सुनकर वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। सपा नेता महेंद्रनाथ राय, जुबेर अहमद, राममिलन यादव आदि में और अधिवक्ता दिलीप राय, सुरेन्द्र सिंह, राधेश्याम मौर्य तथा अन्य के बीच जमकर बहस होने लगी। करीब 15 मिनट तक बहस चली। उसके बाद अधिवक्ता पीएन मिश्र ने लोगों को समझाकर माहौल शांत किया।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषि नरायन ओझा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से धरना देकर वकील विरोध दर्ज करा रहे थे। ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव अचानक पहुंच गए और कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किए, जो मर्यादा के प्रतिकूल है।
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जबकि सपा नेता एवं ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव का कहना है कि सपा प्रत्याशी भालचंद यादव ने किसी अधिकारी को अपशब्द नहीं कहा है। उन पर मिथ्या आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। बाढ़ से तबाह हुए लोगों को मुआवजा देने में की जा रही धन उगाही पर सपा प्रत्याशी भालचंद ने उन अधिकारियों को कार्यशैली में बदलाव लाने की चेतावनी सार्वजनिक मंच से दी थी, जो गरीब जनता को अनायास दौड़ाते हैं। कार्यक्रम में व्यवधान डालने का आरोप गलत है।
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धनघटा तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषिनरायन ओझा के नेतृत्व में बुधवार को तहसील परिसर में अधिवक्ता धरना दे रहे थे। इन लोगों का आरोप था कि सपा प्रत्याशी भालचंद यादव ने एसडीएम और तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहा है। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। अधिवक्ता नारेबाजी कर रहे थे कि उसी बीच सपा नेता एवं हैंसर ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव अपने कुछ समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। प्रमुख ने वकीलों से धरना देने का कारण पूछा। उसके बाद वकीलों व सपा नेताओं के बीच कहासुनी होने लगी। जिसे सुनकर वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। सपा नेता महेंद्रनाथ राय, जुबेर अहमद, राममिलन यादव आदि में और अधिवक्ता दिलीप राय, सुरेन्द्र सिंह, राधेश्याम मौर्य तथा अन्य के बीच जमकर बहस होने लगी। करीब 15 मिनट तक बहस चली। उसके बाद अधिवक्ता पीएन मिश्र ने लोगों को समझाकर माहौल शांत किया।
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तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषि नरायन ओझा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से धरना देकर वकील विरोध दर्ज करा रहे थे। ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव अचानक पहुंच गए और कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किए, जो मर्यादा के प्रतिकूल है।
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जबकि सपा नेता एवं ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव का कहना है कि सपा प्रत्याशी भालचंद यादव ने किसी अधिकारी को अपशब्द नहीं कहा है। उन पर मिथ्या आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। बाढ़ से तबाह हुए लोगों को मुआवजा देने में की जा रही धन उगाही पर सपा प्रत्याशी भालचंद ने उन अधिकारियों को कार्यशैली में बदलाव लाने की चेतावनी सार्वजनिक मंच से दी थी, जो गरीब जनता को अनायास दौड़ाते हैं। कार्यक्रम में व्यवधान डालने का आरोप गलत है।