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खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची घाघरा नदी
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खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची घाघरा नदी
धीरे-धीरे गांव की तरफ बढ़ रहा है बाढ़ का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ते हुए शुक्रवार की शाम तुर्कवलिया नायक में खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नदी का पानी एमबीडी बांध और घाघरा नदी के मध्य बसे गांव की तरफ बढ़ने लगा है। गांव के लोग अब भी अपने घरों पर मौजूद हैं। उनका कहना है कि बाढ़ के पानी से भी कोई खतरा अभी नहीं है।
उत्तराखंड में हुई अधिक बारिश के कारण घाघरा नदी तीन दिनों से उफान पर है। नदी का पानी तुर्कवलिया नायक में लगाए गए गेज से जहां काफी दूर था, वहीं बुधवार को गेज को छू गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन दिनों में नदी का जलस्तर करीब पौने दो मीटर बढ़ा है। नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा, सरैया, आगापुर गुलरिया, खाले पुरवा, कुर्मीयान टोला आदि गांव चारों तरफ से पानी से घिरने लगे हैं। ग्रामीण उदय भान यादव, पप्पू, चंद्रभान, राममूरत, सुखदेव, टूनटून आदि का कहना है कि नदी का पानी बढ़ तो रहा है, लेकिन अभी तक न तो कोई रास्ता अवरुद्ध हुआ है और न ही किसी गांव में पानी घुसा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि तीन दिनों में घाघरा नदी का जलस्तर पौने दो मीटर बढ़ा है। नदी खतरे के निशान 79.35 मीटर को पार करके 79.55 मीटर पर बह रही है। एमबीडी बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। नदी का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर नदी का अभी तक जलस्तर है। दूसरी तरफ तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि बाढ़ शरणालय के तिघरा मौर में शरणार्थियों के रहने के लिए पूरा इंतजाम किया गया है। दूसरी तरफ घाघरा नदी का जलस्तर बढ़कर बिड़हर घाट में स्थित मंदिर के बगल से बह रहा है।
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धीरे-धीरे गांव की तरफ बढ़ रहा है बाढ़ का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ते हुए शुक्रवार की शाम तुर्कवलिया नायक में खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नदी का पानी एमबीडी बांध और घाघरा नदी के मध्य बसे गांव की तरफ बढ़ने लगा है। गांव के लोग अब भी अपने घरों पर मौजूद हैं। उनका कहना है कि बाढ़ के पानी से भी कोई खतरा अभी नहीं है।
उत्तराखंड में हुई अधिक बारिश के कारण घाघरा नदी तीन दिनों से उफान पर है। नदी का पानी तुर्कवलिया नायक में लगाए गए गेज से जहां काफी दूर था, वहीं बुधवार को गेज को छू गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन दिनों में नदी का जलस्तर करीब पौने दो मीटर बढ़ा है। नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा, सरैया, आगापुर गुलरिया, खाले पुरवा, कुर्मीयान टोला आदि गांव चारों तरफ से पानी से घिरने लगे हैं। ग्रामीण उदय भान यादव, पप्पू, चंद्रभान, राममूरत, सुखदेव, टूनटून आदि का कहना है कि नदी का पानी बढ़ तो रहा है, लेकिन अभी तक न तो कोई रास्ता अवरुद्ध हुआ है और न ही किसी गांव में पानी घुसा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि तीन दिनों में घाघरा नदी का जलस्तर पौने दो मीटर बढ़ा है। नदी खतरे के निशान 79.35 मीटर को पार करके 79.55 मीटर पर बह रही है। एमबीडी बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। नदी का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर नदी का अभी तक जलस्तर है। दूसरी तरफ तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि बाढ़ शरणालय के तिघरा मौर में शरणार्थियों के रहने के लिए पूरा इंतजाम किया गया है। दूसरी तरफ घाघरा नदी का जलस्तर बढ़कर बिड़हर घाट में स्थित मंदिर के बगल से बह रहा है।
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