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सेमरियावां में एक हजार गोवंश के लिए बनेगा गो संरक्षण गृह
Thu, 03 Jan 2019 10:54 PM IST
राकेश पांडेय
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 03 Jan 2019 10:54 PM IST
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फसल को नुकसान पहुंचाते छुट्टा पशु।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने गो संरक्षण गृह बनवाने का निर्णय लिया है। इसकी मंजूरी भी मिल गई है। सेमरियावां ब्लॉक के जिगिना गांव में एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्माण होगा। इसके लिए दो हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां एक हजार पशुओं को रखने का इंतजाम होगा।
जिले में करीब दो लाख 25 हजार गोवंश व महिष वंशी(भैंस) पशु हैं। स्लाटर हाउस पर सख्ती व गोवंश के बछड़ों को खुला छोड़ने के चलते इस वक्त जिले में छुट्टा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पशुपालन विभाग छुट्टा पशुओं की गणना करा रहा है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले भर में करीब 10 हजार छुट्टा पशु होंगे। इन छुट्टा पशुओं का झुंड खेती को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। 20 दिसंबर को मेंहदावल क्षेत्र के बढ़या ठाठर गांव में किसान झिनकाऊ निषाद को खेत की रखवाली के दौरान सांड़ ने पटककर मार डाला था।
जिला प्रशासन ने छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या तथा किसानों की परेशानी को देखते हुए जिले में गो संरक्षण गृह बनाने का प्रस्ताव भेजा था। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर टीपी मिश्रा के अनुसार सेमरियावां के जिगिना गांव में गो संरक्षण गृह बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस पर एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे। निर्माण कार्य के लिए जमीन चिह्नित हो गई है। 50 लाख रुपये का बजट भी मिल गया है। तकनीकी स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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पशुओं की निगरानी का पूरा इंतजाम होगा
इस गो संरक्षण गृह में पशुओं की देखभाल के लिए सेवक के अलावा चिकित्सकीय स्टाफ भी रहेगा। इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं व अन्य सामाजिक लोगों से भी मदद ली जाएगी। लोग स्वेच्छा से यहां रहने वाले गोवंश के चारे-पानी के इंतजाम में मदद कर सकेंगेे।
छुट्टा पशुओं से जल्दी मिलेगी निजात : डीएम
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि गो संरक्षण के लिए सेमरियांवा में निर्माण कार्य को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा खलीलाबाद ब्लॉक में उसका खुर्द तथा मेंहदावल में बौघरा ग्राम पंचायत में भूमि चयनित की गई है। दोनों जगह गोवंश की रखवाली एवं चारा-पानी का इंतजाम कराया जाएगा। मनरेगा के बजट से कार्य होगा।
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जिले में करीब दो लाख 25 हजार गोवंश व महिष वंशी(भैंस) पशु हैं। स्लाटर हाउस पर सख्ती व गोवंश के बछड़ों को खुला छोड़ने के चलते इस वक्त जिले में छुट्टा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पशुपालन विभाग छुट्टा पशुओं की गणना करा रहा है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले भर में करीब 10 हजार छुट्टा पशु होंगे। इन छुट्टा पशुओं का झुंड खेती को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। 20 दिसंबर को मेंहदावल क्षेत्र के बढ़या ठाठर गांव में किसान झिनकाऊ निषाद को खेत की रखवाली के दौरान सांड़ ने पटककर मार डाला था।
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जिला प्रशासन ने छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या तथा किसानों की परेशानी को देखते हुए जिले में गो संरक्षण गृह बनाने का प्रस्ताव भेजा था। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर टीपी मिश्रा के अनुसार सेमरियावां के जिगिना गांव में गो संरक्षण गृह बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस पर एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे। निर्माण कार्य के लिए जमीन चिह्नित हो गई है। 50 लाख रुपये का बजट भी मिल गया है। तकनीकी स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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पशुओं की निगरानी का पूरा इंतजाम होगा
इस गो संरक्षण गृह में पशुओं की देखभाल के लिए सेवक के अलावा चिकित्सकीय स्टाफ भी रहेगा। इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं व अन्य सामाजिक लोगों से भी मदद ली जाएगी। लोग स्वेच्छा से यहां रहने वाले गोवंश के चारे-पानी के इंतजाम में मदद कर सकेंगेे।
छुट्टा पशुओं से जल्दी मिलेगी निजात : डीएम
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि गो संरक्षण के लिए सेमरियांवा में निर्माण कार्य को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा खलीलाबाद ब्लॉक में उसका खुर्द तथा मेंहदावल में बौघरा ग्राम पंचायत में भूमि चयनित की गई है। दोनों जगह गोवंश की रखवाली एवं चारा-पानी का इंतजाम कराया जाएगा। मनरेगा के बजट से कार्य होगा।