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...यहां पानी पीने से भी लगता है डर
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:52 AM IST
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लखौरी जलालपुर और ओबरी गांव में प्रदूषित पानी बीमारी और मौत की वजह बन रहा है। अब लोग उबालकर और छानकार पानी पीते हैं। तमाम लोग बीमार पड़ रहे हैं। कुछ अपनी जान भी गवां चुके हैं। लोगों ने स्वच्छ पेयजल पड़ोसियों और सरकारी हैंडपंप से लेना शुरू किया है, लेकिन कुछ स्थानों पर विकल्प नहीं हैं। वहां पर मुश्किल ज्यादा है। ऐसे में लोग चाहते हैं कि स्वच्छ पानी मिले ओर लोग रोग मुक्त रहें।
लखौरी जलालपुर की आबादी चार हजार है। 80-85 फुट तक पानी साफ नहीं है। जिन लोगों ने सबमर्सिबल लगवा लिए हैं, उन्हें 150 फुट की गहराई पर साफ पानी मिलता है। गांव में दस-बारह संपन्न लोगों ने गहरे बोरिंग कर पंप लगवाए हैं।
वे अपने पड़ोसियों को भी पीने का पानी दे देते हैं, लेकिन सैकड़ों लोग ऐसे हैं, जो पानी मांग कर नहीं लेते। ऐसे लोग अपने घरों के हैंडपंपों का पानी उबालकर पी रहे हैं। गांव के लोग बीमारी के भय में हैं। जब किसी के कैंसर पीड़ित होने का पता लगता है कि लोगों के चेहरे पर उदासी छा जाती है। अब स्थिति यह है अगर किसी के हल्का सा दर्द होता है, तो लोग ऐसे दौड़कर अस्पताल जाते हैं, जैसे उसे भी कैंसर हुआ हो।
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अगर पानी में हैवी मेटल्स हैं, तो फैल सकता है कैंसर
संभल। नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रवेंद्र सिंह ने कहा कि पानी में अगर हैवी मेटल्स ज्यादा हैं, तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पनपती हैं। उनके मुताबिक पानी में मरकरी और कैडमियम की अधिक मात्रा से कैंसर फैल सकता है।
यदि पानी में कीटाणु हैं तो डायरिया, इंटेस्टाइन इंफेक्शन, पीलिया होने का खतरा रहता है। कीटाणु मारने के लिए पानी उबाल कर पिएं, लेकिन यदि पानी में किसी तरह के केमिकल की मिलावट आ रही है तो किडनी और लीवर के साथ साथ दिमाग की नसों पर असर पड़ता है। केमिकल युक्त पानी से परहेज करना ही उचित होगा।
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लखौरी जलालपुर की आबादी चार हजार है। 80-85 फुट तक पानी साफ नहीं है। जिन लोगों ने सबमर्सिबल लगवा लिए हैं, उन्हें 150 फुट की गहराई पर साफ पानी मिलता है। गांव में दस-बारह संपन्न लोगों ने गहरे बोरिंग कर पंप लगवाए हैं।
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वे अपने पड़ोसियों को भी पीने का पानी दे देते हैं, लेकिन सैकड़ों लोग ऐसे हैं, जो पानी मांग कर नहीं लेते। ऐसे लोग अपने घरों के हैंडपंपों का पानी उबालकर पी रहे हैं। गांव के लोग बीमारी के भय में हैं। जब किसी के कैंसर पीड़ित होने का पता लगता है कि लोगों के चेहरे पर उदासी छा जाती है। अब स्थिति यह है अगर किसी के हल्का सा दर्द होता है, तो लोग ऐसे दौड़कर अस्पताल जाते हैं, जैसे उसे भी कैंसर हुआ हो।
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अगर पानी में हैवी मेटल्स हैं, तो फैल सकता है कैंसर
संभल। नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रवेंद्र सिंह ने कहा कि पानी में अगर हैवी मेटल्स ज्यादा हैं, तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पनपती हैं। उनके मुताबिक पानी में मरकरी और कैडमियम की अधिक मात्रा से कैंसर फैल सकता है।
यदि पानी में कीटाणु हैं तो डायरिया, इंटेस्टाइन इंफेक्शन, पीलिया होने का खतरा रहता है। कीटाणु मारने के लिए पानी उबाल कर पिएं, लेकिन यदि पानी में किसी तरह के केमिकल की मिलावट आ रही है तो किडनी और लीवर के साथ साथ दिमाग की नसों पर असर पड़ता है। केमिकल युक्त पानी से परहेज करना ही उचित होगा।