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Sambhal News: जल तो मिल नहीं रहा, खुदी सड़कों से जीवन भी मुश्किल में
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संभल के गांव फिरोजपुर में उखड़ी सड़क। संवाद
संभल। संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में जल जीवन मिशन योजना ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के बजाय सिरदर्द बन रही है। गांव-गांव सड़कें उखड़ी हुई हैं। इस कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परियोजना के लिए किया गया निर्माण भी आधा-अधूरा पड़ा है। कहीं तो नजारा ऐसा भी है कि ग्रामीणों ने पानी की टंकी निर्माण वाले परिसर में कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने स्वच्छ पेयजल का दम भरने वाली योजना को जमीन पर उतारते हुए पानी मुहैया कराने की मांग उठाई है।
जन जीवन मिशन योजना के तहत गांवों में पानी की टंकी निर्माण के साथ-साथ पाइप लाइन बिछाते हुए ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना था। जब सरकारी अमले ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए गांवों में काम शुरू कराया तो ग्रामीणों में उम्मीद जागी थी कि आने वाले समय में उन्हें पेयजल नसीब होगा लेकिन हालात और भी ज्यादा बदतर हो गए। गांवों में सड़कों को खोदने के बाद पाइप लाइन को बिछा दी गई लेकिन उसकी मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई गई। इतना ही नहीं, परियोजना के तहत काम को भी अधूरा छोड़ दिया गया।
बात संभल ब्लॉक क्षेत्र की करें तो गांव फिरोजपुर में मुख्य सड़क को छोड़कर अन्य सड़क बीचोंबीच से उखड़ी हुई हैं। सड़क से गुजरने में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पानी की टंकी निर्माण कराने के साथ ही पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी है। गांव चिमियावली में हालात और भी बदतर हैं। फिरोजपुर गांव में पाइप लाइन बिछाते हुए ग्रामीणों से कनेक्शन को आधार कार्ड भी लिए गए।
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यहां पानी की टंकी का निर्माण नहीं हुआ है। हालांकि बोरिंग का कार्य हो चुका है। टंकी स्थान परिसर में ग्रामीण कूड़ा डाल रहे हैं। गांव की सड़क उखड़ी हुई है तो ग्रामीण समस्या को लेकर परेशान हैं। गांव पोटा में भी पाइप लाइन बिछा दी गई लेकिन पानी की टंकी तैयार नहीं है। यहां भी सड़क को उखड़ी हालत में छोड़ दिया गया है। गांव मुकर्रबपुर में दो साल पहले पाइप लाइन बिछा गई लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है पर ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हुआ है। शुरुआत में कुछ दिन पानी आया था लेकिन कई जगह पाइप लाइन फट गई और पानी आना बंद हो गया। बहरहाल, योजना से संबंधित दूसरे गांवों में भी कुछ ऐसे ही हालात बने हैं। विभागीय उदासीनता के चलते ग्रामीणों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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.पाइप लाइन बिछाने के लिए बीचोंबीच में सड़क खोदी गई लेकिन कई रास्तों पर उसे छोड़ दिया गया। बेहतर पानी भी नहीं मिल रहा है। राजीव गुप्ता, फिरोजपुर
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पाइप लाइन बिछाने के बाद ग्रामीणों के कनेक्शन के लिए आधार कार्ड भी लिए मगर दो साल बाद भी पानी नहीं मिल पाया। सड़क के उखड़े रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नवाब अली, चिमियावली
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.सड़क में गड्ढे होने के कारण पानी भर जाता है। जिससे आने जाने में परेशानी होती है। पानी में मच्छर भी पनप रहे हैं। अगर पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क ठीक करा दी जाती तो परेशानी नहीं होती। मो.अनीस, पोटा
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.पाइप लाइन बिछे हुए दो साल हो गए। अभी भी सड़क उखड़ी पड़ी है। जिस कारण दिक्कतें होती हैं। फिलहाल पानी भी नहीं मिल रहा है।
रघुवीर प्रजापति, मुकर्रबपुर
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जन जीवन मिशन योजना के तहत गांवों में पानी की टंकी निर्माण के साथ-साथ पाइप लाइन बिछाते हुए ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना था। जब सरकारी अमले ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए गांवों में काम शुरू कराया तो ग्रामीणों में उम्मीद जागी थी कि आने वाले समय में उन्हें पेयजल नसीब होगा लेकिन हालात और भी ज्यादा बदतर हो गए। गांवों में सड़कों को खोदने के बाद पाइप लाइन को बिछा दी गई लेकिन उसकी मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई गई। इतना ही नहीं, परियोजना के तहत काम को भी अधूरा छोड़ दिया गया।
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बात संभल ब्लॉक क्षेत्र की करें तो गांव फिरोजपुर में मुख्य सड़क को छोड़कर अन्य सड़क बीचोंबीच से उखड़ी हुई हैं। सड़क से गुजरने में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पानी की टंकी निर्माण कराने के साथ ही पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी है। गांव चिमियावली में हालात और भी बदतर हैं। फिरोजपुर गांव में पाइप लाइन बिछाते हुए ग्रामीणों से कनेक्शन को आधार कार्ड भी लिए गए।
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यहां पानी की टंकी का निर्माण नहीं हुआ है। हालांकि बोरिंग का कार्य हो चुका है। टंकी स्थान परिसर में ग्रामीण कूड़ा डाल रहे हैं। गांव की सड़क उखड़ी हुई है तो ग्रामीण समस्या को लेकर परेशान हैं। गांव पोटा में भी पाइप लाइन बिछा दी गई लेकिन पानी की टंकी तैयार नहीं है। यहां भी सड़क को उखड़ी हालत में छोड़ दिया गया है। गांव मुकर्रबपुर में दो साल पहले पाइप लाइन बिछा गई लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है पर ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हुआ है। शुरुआत में कुछ दिन पानी आया था लेकिन कई जगह पाइप लाइन फट गई और पानी आना बंद हो गया। बहरहाल, योजना से संबंधित दूसरे गांवों में भी कुछ ऐसे ही हालात बने हैं। विभागीय उदासीनता के चलते ग्रामीणों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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.पाइप लाइन बिछाने के लिए बीचोंबीच में सड़क खोदी गई लेकिन कई रास्तों पर उसे छोड़ दिया गया। बेहतर पानी भी नहीं मिल रहा है। राजीव गुप्ता, फिरोजपुर
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पाइप लाइन बिछाने के बाद ग्रामीणों के कनेक्शन के लिए आधार कार्ड भी लिए मगर दो साल बाद भी पानी नहीं मिल पाया। सड़क के उखड़े रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नवाब अली, चिमियावली
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.सड़क में गड्ढे होने के कारण पानी भर जाता है। जिससे आने जाने में परेशानी होती है। पानी में मच्छर भी पनप रहे हैं। अगर पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क ठीक करा दी जाती तो परेशानी नहीं होती। मो.अनीस, पोटा
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.पाइप लाइन बिछे हुए दो साल हो गए। अभी भी सड़क उखड़ी पड़ी है। जिस कारण दिक्कतें होती हैं। फिलहाल पानी भी नहीं मिल रहा है।
रघुवीर प्रजापति, मुकर्रबपुर
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