{"_id":"5aa588344f1c1b8c778b4f11","slug":"twice-got-three-divoce","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाक झेला दो बार, समीना पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट के द्वार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन तलाक झेला दो बार, समीना पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट के द्वार
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:19 AM IST
विज्ञापन
समीना ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन तलाक पर शीर्ष अदालत के रुख को देखने के बाद मुस्लिम महिलाओं में अपने हक के लिए लड़ने की आवाज बुलंद होने लगी है। हलाला और बहु विवाह के खिलाफ संभल की बेटी ने बड़ी आवाज उठाई है।
संभल की समीना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके हलाला और बहुविवाह पर रोक की मांग की। उन्होंने इन प्रथाओं से होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद व्यक्त की है। उनका कहना है कि उनकी पैरवी और कोर्ट के सकारात्मक रुख से तमाम महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकेगी।
समीना की पहली शादी 1999 में दिल्ली के बटला हाउस में हुई। दो बच्चे हुए लेकिन पति के लगातार दुर्व्यवहार से आजिज आकर उन्होंने 2003 में ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न का केस कर दिया। अचानक एक दिन 2004 में एक पत्र आया और उसके जरिए पति ने तीन तलाक दे दिया। वर्ष 2012 में उन्हें दूसरी शादी करनी पड़ी। जब वह गर्भवती हो गईं तो मामूली सी बहस करने पर फोन पर उन्हें तीन तलाक दे दिया गया। वर्तमान में समीना तीन बच्चों के साथ दिल्ली में रहती हैं।
विज्ञापन
समीना ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में दुख दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि वह परेशानी से जूझ रहीं थीं। जगह-जगह महिलाओं को परेशानी में देखती रहती थीं। मैंने अपने घर में भी दादी की आपबीती सुन रखी थी क्योंकि मेरे दादा ने दो शादी कर लीं थीं। जिंदा रहने के वक्त पहली दादी अक्सर अपनी आपबीती बयां करतीं थीं। मैं पूछती थी कि दादी-ऐसा क्यों होता है।
मैं सोचती थी कि किसी भी महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। मगर जब वही हादसा मेरे साथ हुआ तो बड़ी तकलीफ हुई। काफी महिलाओं के हाल देखकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
वह बोलीं हालांकि यह कदम उठाने के बाद मुझे जान का खतरा है। उन्होंने कहा कि मुझे न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद तमाम महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।शीर्ष अदालत के फैसले से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
संभल की समीना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके हलाला और बहुविवाह पर रोक की मांग की। उन्होंने इन प्रथाओं से होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद व्यक्त की है। उनका कहना है कि उनकी पैरवी और कोर्ट के सकारात्मक रुख से तमाम महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन
समीना की पहली शादी 1999 में दिल्ली के बटला हाउस में हुई। दो बच्चे हुए लेकिन पति के लगातार दुर्व्यवहार से आजिज आकर उन्होंने 2003 में ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न का केस कर दिया। अचानक एक दिन 2004 में एक पत्र आया और उसके जरिए पति ने तीन तलाक दे दिया। वर्ष 2012 में उन्हें दूसरी शादी करनी पड़ी। जब वह गर्भवती हो गईं तो मामूली सी बहस करने पर फोन पर उन्हें तीन तलाक दे दिया गया। वर्तमान में समीना तीन बच्चों के साथ दिल्ली में रहती हैं।
विज्ञापन
समीना ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में दुख दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि वह परेशानी से जूझ रहीं थीं। जगह-जगह महिलाओं को परेशानी में देखती रहती थीं। मैंने अपने घर में भी दादी की आपबीती सुन रखी थी क्योंकि मेरे दादा ने दो शादी कर लीं थीं। जिंदा रहने के वक्त पहली दादी अक्सर अपनी आपबीती बयां करतीं थीं। मैं पूछती थी कि दादी-ऐसा क्यों होता है।
मैं सोचती थी कि किसी भी महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। मगर जब वही हादसा मेरे साथ हुआ तो बड़ी तकलीफ हुई। काफी महिलाओं के हाल देखकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
वह बोलीं हालांकि यह कदम उठाने के बाद मुझे जान का खतरा है। उन्होंने कहा कि मुझे न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद तमाम महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।शीर्ष अदालत के फैसले से राहत मिलेगी।