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किसान की जिंदगी लील गई फसल की सुरक्षा को लगाई करंट शुदा तारबाड़

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2022 01:27 AM IST
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To protect the crop, the life of the farmer was taken, the current wired fencing
धनारी (संभल)। बाड़ ही जब खेत को खा जाए तो रखवाली कौन करे, यह कहावत फसलों की सुरक्षा के इंतजामों से ही फसलों को नुकसान पहुंचने के संदर्भ में खूब इस्तेमाल होती है। रविवार सुबह धनारी क्षेत्र में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसमें बाड़ खेत मालिक को ही लील गई। फसल की सुरक्षा को लगाई गई करंट शुदा तारबाड़ से लगे तेज झटके से किसान (खेत स्वामी) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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इस हादसे में जान गंवाने वाले सुधीर (45) भिरावटी गांव के रहने वाले थे। इन दिनों उनके खेत में मक्का की फसल मौजूद है। जानवरों से फसल को बचाने के लिए सुधीर ने खेत के चारों ओर लोहे के तारों की बाड़ लगा रखी थी। ग्रामीणों के मुताबिक बाड़ तोड़कर जानवर खेत में दाखिल न हो सकें, इसके लिए वह रात में बिजली का तार लगाकर बाड़ में करंट दौड़ा देते थे। हर सुबह तार हटा देते थे।
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रोजाना की तरह रविवार की सुबह करीब नौ बजे सुुधीर खेत पर पहुंचे। तारबाड़ में करंट दौड़ाने वाले नलकूप के पास लगे तार को हटाते समय तेज आवाज के साथ फॉल्ट हुआ और करंट लगने से सुधार की मौके पर ही मौत हो गई।
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हादसे से सुधीर के घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के बीच भी अफरा तफरी रही। ग्रामीण कहते सुने गए कि फसल की सुरक्षा के लिए करंट का इस्तेमाल किसान के लिए ही घातक बन गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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छुट्टा पशुओं की मार बढ़ा रही खतरनाक प्रयोग
खेत की बाड़ में दौड़ाए गए करंट से खेत स्वामी की मौत पर ग्रामीण जहां फसल की सुरक्षा के नाम पर खतरनाक प्रयोग को खारिज कर रहे थे, वहीं क्षेत्र में गहराई छुट्टा पशुओं की समस्या को भी जानलेवा हादसे की वजह बता रहे थे। किसानों का कहना था कि छुट्टा पशुओं से निजात न मिलने के कारण फसल बचाने के लिए किसान इस तरह के खतरनाक प्रयोग करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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थम नहीं रहे परिजनों के आंसू
फसल की सुरक्षा के लिए किया इंतजाम जानलेवा बन जाने से किसान सुधीर के परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं। उनके परिवार में पत्नी प्रेमलता के अलावा बेटी करुणा (20) और ज्योति (18), बेटा शोभित (15) हैं। इन सभी का रो रोकर बुरा हाल है।
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