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Sambhal News: खुद को बीमार समझना और होना में बताया अंतर
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बहजोई(संभल)। संभल कल्कि महोत्सव विकासोत्सव में सातवें दिन चिकित्सा सम्मेलन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि डॉ. विश्वरूप राय चौधरी ने खुद को बीमार समझना और बीमार होने में अंतर बताया। कहा कि यह समझना कि मैं बीमार हूं या नहीं सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर यह नहीं समझा तो आप परेशान रहेंगे। रविवार को डॉ. चौधरी ने कहा कि डायबिटीज दो प्रकार की होती है। एक डायबिटीज व दूसरी प्री डायबिटीज। डायबिटीज का मतलब है कि यदि आपके रक्त में अधिक शुगर है तो आपको डायबिटीज है। आप अपने शरीर से बात करें। वह आपको क्या संकेत दे रहा है। वहीं, उन्होंने नीम के पेड़ फायदे भी बताए।
वहीं, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. विशेष चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। हमें अपने मन का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ होता है जीवन के तनाव को अच्छी तरह से निपटना। रिश्तों को अच्छे से संभालना। सीएमओ ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति को हम लोग भूल चुके हैं। इसकी ओर वापस लौटना होगा। उन्होंने कहा की दिनचर्या नियमित करने से बहुत सारे रोग दूर हो जाते हैं।
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वहीं, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. विशेष चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। हमें अपने मन का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ होता है जीवन के तनाव को अच्छी तरह से निपटना। रिश्तों को अच्छे से संभालना। सीएमओ ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति को हम लोग भूल चुके हैं। इसकी ओर वापस लौटना होगा। उन्होंने कहा की दिनचर्या नियमित करने से बहुत सारे रोग दूर हो जाते हैं।
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