{"_id":"688288f3f7f6337c4f0b0936","slug":"the-dargah-of-bahjoi-sambhal-road-has-been-completely-shifted-sambhal-news-c-275-1-smbd1031-125087-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: पूरी तरह शिफ्ट हुई बहजोई-संभल रोड की दरगाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: पूरी तरह शिफ्ट हुई बहजोई-संभल रोड की दरगाह
Fri, 25 Jul 2025 12:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 25 Jul 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
संभल। बहजोई-संभल मार्ग पर अतिक्रमण की जद में आई दरगाह को करीब 30 फीट पीछे शिफ्ट कर दिया गया है। अब दरगाह के ढांचे को शिफ्ट किया जाना है। बारिश होने की वजह से दरगाह को शिफ्ट करने में ज्यादा समय लगा।
प्रशासन ने हयातनगर थाने से आगे दरगाह को अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया था, जिसके बाद मस्जिद कमेटी ने रुड़की के ठेकेदार दिलशाद अंसारी को दरगाह शिफ्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसके तहत पहले दरगाह को साइड में 10 शिफ्ट किया गया था। उसके बाद 30 फीट पीछे ले जाने के लिए फाउंडेशन तैयार किया गया।
फाउंडेशन तैयार होने पर दरगाह को जैक, लोहे के गार्डर और बैरिंग के जरिये पीछे सरकाया जा रहा था। पिछले दिनों बारिश होने की वजह से कार्य में बाधित हो गया। बृहस्पतिवार को क्रेन बुलाने के बाद दरगाह को उस फाउंडेशन में शिफ्ट कर दिया गया। ठेकेदार ने बताया कि अभी दरगाह को शिफ्ट किया गया है, जबकि ढांचे को शिफ्ट करने का काम बाकी रह गया है। ढांचे को करीब 18 फिट पीछे शिफ्ट किया जाना है। कहा कि अगर बारिश नहीं हुई तो एक सप्ताह में काम पूरा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
तत्कालीन एसडीएम ने चिह्नित कराया था अतिक्रमण
तत्कालीन एसडीएम डाॅ. वंदना मिश्रा ने टीम के साथ पहुंचकर मस्जिद और उसके सामने प्राचीन धर्मकूप मंदिर का दौरा किया था। उन्होंने मंदिर और मस्जिद के अतिक्रमण को चिह्नित किया था। इसके बाद मंदिर से जुड़े लोगों ने खुद ही अगले हिस्से को तोड़ लिया था, वहीं सामने की तरफ मस्जिद के हिस्से को कमेटी से जुड़े लोगों ने खुद तुड़वा लिया था। चूंकि अतिक्रमण की जद में दरगाह भी आई थी। इसे शिफ्ट करने के लिए समय लगता। ऐसे में मस्जिद कमेटी के लोगों ने प्रशासन से समय मांगते हुए खुद ही दरगाह को शिफ्ट किए जाने का काम शुरू करा दिया था।
क्रेन लगाकर शिफ्ट की गई दरगाह, जुटी भीड़
बृहस्पतिवार को जब दरगाह को शिफ्ट कराने काम हुआ तो इसके लिए क्रेन बुलाई गई। सुबह के वक्त ही मौके पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। क्रेन से दरगाह को उठाने के बाद फाउंडेशन वाले स्थान पर शिफ्ट किया।
विज्ञापन
प्रशासन ने हयातनगर थाने से आगे दरगाह को अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया था, जिसके बाद मस्जिद कमेटी ने रुड़की के ठेकेदार दिलशाद अंसारी को दरगाह शिफ्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसके तहत पहले दरगाह को साइड में 10 शिफ्ट किया गया था। उसके बाद 30 फीट पीछे ले जाने के लिए फाउंडेशन तैयार किया गया।
विज्ञापन
फाउंडेशन तैयार होने पर दरगाह को जैक, लोहे के गार्डर और बैरिंग के जरिये पीछे सरकाया जा रहा था। पिछले दिनों बारिश होने की वजह से कार्य में बाधित हो गया। बृहस्पतिवार को क्रेन बुलाने के बाद दरगाह को उस फाउंडेशन में शिफ्ट कर दिया गया। ठेकेदार ने बताया कि अभी दरगाह को शिफ्ट किया गया है, जबकि ढांचे को शिफ्ट करने का काम बाकी रह गया है। ढांचे को करीब 18 फिट पीछे शिफ्ट किया जाना है। कहा कि अगर बारिश नहीं हुई तो एक सप्ताह में काम पूरा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
तत्कालीन एसडीएम ने चिह्नित कराया था अतिक्रमण
तत्कालीन एसडीएम डाॅ. वंदना मिश्रा ने टीम के साथ पहुंचकर मस्जिद और उसके सामने प्राचीन धर्मकूप मंदिर का दौरा किया था। उन्होंने मंदिर और मस्जिद के अतिक्रमण को चिह्नित किया था। इसके बाद मंदिर से जुड़े लोगों ने खुद ही अगले हिस्से को तोड़ लिया था, वहीं सामने की तरफ मस्जिद के हिस्से को कमेटी से जुड़े लोगों ने खुद तुड़वा लिया था। चूंकि अतिक्रमण की जद में दरगाह भी आई थी। इसे शिफ्ट करने के लिए समय लगता। ऐसे में मस्जिद कमेटी के लोगों ने प्रशासन से समय मांगते हुए खुद ही दरगाह को शिफ्ट किए जाने का काम शुरू करा दिया था।
क्रेन लगाकर शिफ्ट की गई दरगाह, जुटी भीड़
बृहस्पतिवार को जब दरगाह को शिफ्ट कराने काम हुआ तो इसके लिए क्रेन बुलाई गई। सुबह के वक्त ही मौके पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। क्रेन से दरगाह को उठाने के बाद फाउंडेशन वाले स्थान पर शिफ्ट किया।