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उलमा की अपील और पुलिस प्रशासन के आग्रह से नहीं बनी बात, बंद रहा ज्यादातर बाजार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2022 01:42 AM IST
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The appeal of the Ulama and the request of the police administration did not make any difference, most of the markets remained closed
संभल। भाजपा से निलंबित नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर निकलने वाला जुलूस जिले में तो नहीं निकल सका, लेकिन बाजार पूरी तरह खुला दिखाई नहीं दिया। बंदी का असर ज्यादा नजर आया। हालांकि उलमा ने बाजार बंदी नहीं करने की अपील की थी। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी आग्रह किया गया था कि बाजार बंदी नहीं की जाए। पूर्णता बंदी तो नहीं हुई लेकिन ज्यादातार प्रतिष्ठान बाजार में बंद रहे। जो प्रतिष्ठान खुले रहे वहां ग्राहकों की कमी दिखाई दी। दोपहर के समय बाजार में सन्नाटा नजर आया। आशंकाओं के चलते यह प्रतिष्ठान बंद रहे। एहतियाती तौर पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे और अधिकारियों ने निगरानी की। जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने संभल में भ्रमण किया।
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शुक्रवार को नगर की सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज सकुशल संपन्न होने के बाद जब कोई जुलूस नहीं निकलने की सूचना पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को मिली तो उन्होंने राहत की सांस ली। दरअसल हजरत मोहम्मद साहब पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाली नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग मुस्लिम समाज की ओर से उठाई जा रही है। इसी मांग को लेेकर कानपुर में बीते तीन जून को जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया था। इस जुमे को लेकर भी शासन की ओर से पुलिस-प्रशासन को अलर्ट किया गया था। इसी क्रम में संभल में भी बंदी की अपील सोशल मीडिया पर गुरुवार को वायल हो रही थी। प्रशासन ने उलमा के साथ बैठक की। उलमा ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि साप्ताहिक बंदी नहीं की जाए और कोई जुलूस भी नहीं निकाला जाए। अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसके बाद भी सुबह से बाजार में चहल पहल कम नजर आई और इसी के चलते पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा। जुलूस निकलने की आशंका को देखकर ही ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद रहे। शाम के समय बाजार में कुछ दुकानें खुलीं। शुक्रवार को सारा कारोबार प्रभावित हुआ है।
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20 दिसंबर 2019 का जुमा लोगों के दिमाग में आया, इस आशंका के चलते भी बंद रहा बाजार
संभल। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को जुमा नमाज के बाद जुलूस निकाले गए थे। इस जुलूस के दौरान बवाल हुआ था। दो युवकों की गोली लगने से मौत भी हुई थी। कई घंटे उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया था। जिस दिन यह बवाल हुआ था उससे दो दिन पहले भी पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वह जुलूस न निकालें। इसके बाद भी 19 दिसंबर 2019 को लोग एक जलसे से लौटते समय उपद्रव कर गए थे। चौधरी सराय में रोडवेज बस में आग लगा दी थी। पुलिस और प्रशासन ने एहतियाती चौकसी बढ़ा दी थी। इसके बाद 20 दिसंबर 2019 को जुमा नमाज के बाद भीड़ एकत्र हुई और जुलूस की शक्ल में चंदौसी चौराहे पर पहुंची थी। इसके बाद ही बवाल शुरू हुआ था। इस जुमे को जुलूस निकलने के मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो लोगों के दिमाग में 20 दिसंबर 2019 का बवाल उभर कर आ गया। इसी आशंका के चलते ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद रहे।
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इन इलाके में नजर आया बंदी का असर
संभल। जहां ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद रहे उन इलाके में डाकखाना रोड बाजार, नखासा बाजार, चमर सराय, अस्पताल चौराहा, कोर्ट गर्वी, अंजुमन तिराहा, चौधरी सराय और नाला इलाके में ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद हरे। वहीं सराफा बाजार पूरी तरह खुला रहा। हालांकि सराफा बाजार में ग्राहकों की कमी नजर आई।
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एडीएम और एएसपी ने फोर्स के साथ सुबह से शुरू की गश्त
संभल। पुलिस और प्रशासन की चौकसी शुक्रवार की सुबह से ही शुरू हो गई थी। अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने फोर्स के साथ मुख्य बाजार में पैदल गश्त की थी। लोगों से अपील की गई कि वह शांति बनाए रखे और किसी अफवाह पर ध्यान नहीं दें। साथ ही अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अफवाह फैलाने का काम करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पैदल गश्त के दौरान एसडीएम विनय कुमार मिश्र व सीओ जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

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ग्रामीण इलाके में भी सतर्क रही पुलिस, अधिकारी लेते रहे पल-पल की जानकारी
संभल। संभल नगर के साथ ही ग्रामीण इलाके में भी कई जगह पुलिस और प्रशासन को अंदेशा था कि कहीं जुलूस निकाला जा सकता है। हालांकि जहां अंदेशा था वहां जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक कर अमन बनाए रखने का आग्रह किया जा चुका था। इसके बाद भी पुलिस एहतियाती तैयारी की हुए थी। शुक्रवार को सिरसी, ओबरी, हजरतनगर गढ़ी, नूरियो सराय, सैफखां सराय में भी पुलिस की सतर्कता रही। हालांकि कहीं कोई जुलूस नहीं निकाला गया।
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