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आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं संभल के आठ शातिर
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Fri, 01 Jul 2016 01:01 AM IST
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- फोटो : Getty
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अलकायदा नेटवर्क के साथ संभल का नाम पहली बार नहीं जुड़ा है। कुल आठ लोगों के नाम अलकायदा नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी खुफिया एजेंसियों के पास है। इनमें से कुछ नाम दिल्ली पुलिस ने हाल में दाखिल चार्जशीट में भी खोले हैं।
इसी चार्जशीट में दीपासराय निवासी मोहम्मद आसिफ का नाम है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही संभल का नाम पहली बार आतकंवाद से प्रमुखता से जुड़ा था। मोहम्मद आसिफ को अलकायदा का इंडिया चीफ बताया गया था। उसकी गिरफ्तारी 16 दिसंबर 2015 को हुई थी। वह इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
मोहम्मद आसिफ के साथ उड़ीसा का मौलाना अब्दुल रहमान भी गिरफ्तार किया गया था। अब्दुल रहमान वहां पर मदरसा चलता था और आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ा था। उसकी और मोहम्मद आसिफ की फोन पर लंबी बातें होने की खबरें भी सामने आईं थीं। इसके बाद आसिफ पर कार्रवाई की गई। मोहम्मद आसिफ का मददगार होने के आरोप में संभल के जफर मसूद को भी गिरफ्तार किया गया था। जफर मसूद भी जेल में है।
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अब मददगारों पर कसेगा शिकंजा ःसंभल। आतंकियों के नेटवर्क को मदद करने वालों पर प्रशासन के साथ साथ देश की खुफिया एजेंसियों की निगाह लगी है। देश की खुफिया एजेसियों के पास कॉल डिटेल के आधार पर कुछ नाम सामने आए हैं, जिनके बारे में अबी गोपनीय छानबीन चल रही है। एक जानकार का कहना है कि अलकायदा नेटवर्क से जुड़े आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों को कार्रवाई के घेरे में लिया जाएगा। इसके संबंध में साक्ष्यों को पुख्ता किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और खुफिया नेटवर्क अलर्ट
संभल। वाशिंगटन से आतंकियों की वैश्विक सूची में संभल के सनाउलहक उर्फ आसिम उमर का नाम आने की खबर से स्थानीय प्रशासन और खुफिया नेटवर्क अलर्ट हुआ है। हालांकि देर रात्रि जब अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने यही कहा कि प्रशासन सामान्य तौर पर अलर्ट रहता है।
उन्होंने बताया कि अभी आतंकियों की वैश्विक सूची उन तक नहीं आई है। लेकिन प्रशासन अपना काम कर रहा है। गृह विभाग के निर्देशों पर सक्रियता बनी रहती है।
अलकायदा से जुड़ीं प्रमुख तिथियां
16 दिसंबर 2015- दीपासराय निवासी मोहम्मद आसिफ की दिल्ली में गिरफ्तारी हुई। वहीं 16 दिसंबर को ही उड़ीसा के कटक से अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। 17 दिसंबर 2015- दीपासराय निवासी जफर मसूद को आसिफ का मददगार होने के आरोप में मुरादाबाद-संभल के बीच गिरफ्तार किया गया।
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इसी चार्जशीट में दीपासराय निवासी मोहम्मद आसिफ का नाम है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही संभल का नाम पहली बार आतकंवाद से प्रमुखता से जुड़ा था। मोहम्मद आसिफ को अलकायदा का इंडिया चीफ बताया गया था। उसकी गिरफ्तारी 16 दिसंबर 2015 को हुई थी। वह इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
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मोहम्मद आसिफ के साथ उड़ीसा का मौलाना अब्दुल रहमान भी गिरफ्तार किया गया था। अब्दुल रहमान वहां पर मदरसा चलता था और आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ा था। उसकी और मोहम्मद आसिफ की फोन पर लंबी बातें होने की खबरें भी सामने आईं थीं। इसके बाद आसिफ पर कार्रवाई की गई। मोहम्मद आसिफ का मददगार होने के आरोप में संभल के जफर मसूद को भी गिरफ्तार किया गया था। जफर मसूद भी जेल में है।
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अब मददगारों पर कसेगा शिकंजा ःसंभल। आतंकियों के नेटवर्क को मदद करने वालों पर प्रशासन के साथ साथ देश की खुफिया एजेंसियों की निगाह लगी है। देश की खुफिया एजेसियों के पास कॉल डिटेल के आधार पर कुछ नाम सामने आए हैं, जिनके बारे में अबी गोपनीय छानबीन चल रही है। एक जानकार का कहना है कि अलकायदा नेटवर्क से जुड़े आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों को कार्रवाई के घेरे में लिया जाएगा। इसके संबंध में साक्ष्यों को पुख्ता किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और खुफिया नेटवर्क अलर्ट
संभल। वाशिंगटन से आतंकियों की वैश्विक सूची में संभल के सनाउलहक उर्फ आसिम उमर का नाम आने की खबर से स्थानीय प्रशासन और खुफिया नेटवर्क अलर्ट हुआ है। हालांकि देर रात्रि जब अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने यही कहा कि प्रशासन सामान्य तौर पर अलर्ट रहता है।
उन्होंने बताया कि अभी आतंकियों की वैश्विक सूची उन तक नहीं आई है। लेकिन प्रशासन अपना काम कर रहा है। गृह विभाग के निर्देशों पर सक्रियता बनी रहती है।
अलकायदा से जुड़ीं प्रमुख तिथियां
16 दिसंबर 2015- दीपासराय निवासी मोहम्मद आसिफ की दिल्ली में गिरफ्तारी हुई। वहीं 16 दिसंबर को ही उड़ीसा के कटक से अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। 17 दिसंबर 2015- दीपासराय निवासी जफर मसूद को आसिफ का मददगार होने के आरोप में मुरादाबाद-संभल के बीच गिरफ्तार किया गया।