20 मिनट तक जूझती रही मनसा: मधुमक्खियों के हमले में बहन की मौत, भाई घायल; पशुओं के लिए चारा लेने गए थे दोनों
मधुमक्खियां मनसा के शरीर से करीब 20 मिनट तक चिपकी रहीं। परिजन व ग्रामीणों ने जाकर मधुमक्खियों को भगाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां उसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई। मनसा के शरीर पर मधुमक्खियों के सैकड़ों दंश थे। पूरा शरीर दंश से छलनी था।
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यूपी के संभल स्थित हयातनगर के गांव सीतापुरी में पशुओं के लिए घास काट रहे मोहित (15) पुत्र महिपाल और उसके बहन मनसा (13) पर मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान मनसा की मौत हो गई। जबकि मोहित का उपचार चल रहा है। परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव सीतापुरी निवासी महीपाल का बेटा मोहित सोमवार की दोपहर तीन बजे गांव के पास स्थित खेत पर अपनी छोटी बहन मनसा के साथ पशुओं के लिए घास लेने के लिए गया था। घास काटते समय भाई-बहन पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले करते ही मोहित भाग गया। जबकि मनसा पर मधुमक्खियों का झुंड चिपक गया और बुरी तरह दंश मारकर घायल कर दिया।
सूचना पर परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे और आग और धुआं करके मधुमक्खियों को भगाकर मनसा को उपचार के लिए सरायतरीन में निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। जहां उपचार शुरू होने के 10 मिनट बाद ही मनसा ने दम तोड़ दिया। पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी बेटी गांव के निजी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। बताया कि उनकी इकलौती बेटी अपने तीन बहन-भाइयों में दूसरी नंबर की थी।
शरीर पर मिले सैकड़ों दंश
मधुमक्खियां मनसा के शरीर से करीब 20 मिनट तक चिपकी रहीं। परिजन व ग्रामीणों ने जाकर मधुमक्खियों को भगाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां उसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई। मनसा के शरीर पर मधुमक्खियों के सैकड़ों दंश थे। पूरा शरीर दंश से छलनी था।
अचानक किया हमला, किसने छत्ता छेड़ा था यह नहीं पता
मधुमक्खियों के हमले में घायल मोहित ने बताया कि हम दोनों बाग के किनारे पर घास काटने गए थे। बहन आगे थी और मैं पीछे चल रहा था। इसी दौरान मधुमक्खियों का झुंड ने हमला कर दिया। मैं काफी पीछे था। इसलिए कुछ ही मधुमक्खियों के दंश मारने पर घर की और दौड़ आया लेकिन बहन वहां फंस गई। यह कहते हुए मोहित के चेहरे पर बहन की मौत का दर्द छलक आया। मोहित ने बताया कि मधुमक्खियों का छत्ता किसने छेड़ा था इसकी जानकारी नहीं है। हमला अचानक से हुआ। यदि हमें दूर से मधुमक्खियों के उड़ने का अहसास हो जाता तो आगे नहीं जाते।
पीड़ित के घर में अभी भी दिख रहीं मधुमक्खियां
सोमवार की दोपहर से ही पीड़ित महीपाल के घर में मधुमक्खियां दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों में बेहद ही दहशत है। कोई भी खतरा लेने को तैयार नहीं है। यह मधुमक्खियां मंगलवार की दोपहर तक पीड़ित के घर में दिखाई दी हैं। इसलिए ग्रामीणों ने सभी आने जाने वाले लोगों को हिदायत दी है कि कोई भी मधुमक्खियों की ओर इशारा नहीं करें। इशारा होते ही हमलावर हो रही हैं। इसलिए ग्रामीणों में दहशत है।