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अब असमोली में दो गर्भस्थ शिशुओं की मौत, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:49 AM IST
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फिर जुनावई में दो नवजात अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गए। अब सोमवार को दिन में असमोली के सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची दो महिलाओं के शिशु मृत पैदा हुए हैं। इससे कुछ देर के लिए अस्पताल में हंगामे के हालात पैदा हो गए।
असमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हरथला निवासी ऊषा पत्नी अतर सिंह व सैदपुर जसकौली गांव निवासी नीतू पत्नी करन सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। दोनों के बच्चे मृत पैदा हुए। इस मामले में शाम पांच असमोली के सरकारी अस्पताल में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब नीतू के परिजनों ने शिशु की मौत के लिए चिकित्सा सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े किए।
हालांकि बाद में अस्पताल कर्मियों ने उन्हें शांत करके घर भेज दिया। असमोली सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा.संदीप राहल ने बताया कि बच्चे गर्भ में ही मर चुके थे। प्रसव हुआ तो दोनों बच्चे मरे हुए पैदा हुए हैं। आशाओं के कहने पर डिलीवरी कराईं गईं थीं। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। जहां तक सुविधाओं का सवाल है उन्होंने स्वीकार किया कि डिलीवरी के वक्त महिला चिकित्सक और उसके बाद बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत होती है लेकिन दोनों के न होने से असुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के मामले में सीएमओ ने जांच रिपोर्ट मांगी है। वह तथ्यों के आधार पर अपनी आख्या सीएमओ सौंपेंगे।
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असमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हरथला निवासी ऊषा पत्नी अतर सिंह व सैदपुर जसकौली गांव निवासी नीतू पत्नी करन सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। दोनों के बच्चे मृत पैदा हुए। इस मामले में शाम पांच असमोली के सरकारी अस्पताल में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब नीतू के परिजनों ने शिशु की मौत के लिए चिकित्सा सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े किए।
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हालांकि बाद में अस्पताल कर्मियों ने उन्हें शांत करके घर भेज दिया। असमोली सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा.संदीप राहल ने बताया कि बच्चे गर्भ में ही मर चुके थे। प्रसव हुआ तो दोनों बच्चे मरे हुए पैदा हुए हैं। आशाओं के कहने पर डिलीवरी कराईं गईं थीं। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। जहां तक सुविधाओं का सवाल है उन्होंने स्वीकार किया कि डिलीवरी के वक्त महिला चिकित्सक और उसके बाद बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत होती है लेकिन दोनों के न होने से असुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के मामले में सीएमओ ने जांच रिपोर्ट मांगी है। वह तथ्यों के आधार पर अपनी आख्या सीएमओ सौंपेंगे।
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