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आठ हजार बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 15 Sep 2016 01:05 AM IST
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नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदाकर्मी और डॉक्टर सात सितंबर से हड़ताल पर हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा हैं। क्योंकि, जिलेभर में संविदा कर्मचारियों व डॉक्टरों की 14 सदस्यीय टीम हर दिन स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती थी। एक टीम को कम से कम 100 बच्चों का परीक्षण करना होता था, लेकिन सात सितंबर से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो रहा हैं। ऐसे में लगभग आठ हजार स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण प्रभावित हो रहा है।
हड़ताल के चलते संभल, सरायतरीन, चंदौसी स्थित तीनों शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी इक्का दुक्का डॉक्टर ही मरीजों का उपचार कर रहे है। मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते यह डॉक्टर अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को नहीं देख पा रहे हैं। ऐसे में मरीज मजबूर होकर प्राइवेट डॉक्टरों से उपचार करा रहे है। हल्लूसराय निवासी सुनीता ने बताया कि सुबह 9 बजे से दवाई लेने के लिए लाइन में खड़ी हूं, लेकिन 12 बजे तक भी नंबर नहीं आया है। प्राइवेट अस्पतालों में उपचार महंगा होता है।
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संविदा कर्मचारियों व डॉक्टरों की हड़ताल के चलते 8 हजार स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पाया है। क्योंकि संविदा डॉक्टर ही स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करते है। साथ ही तीन शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटक गए है।- संजीव कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन।
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